एक घंटे की कोतवाल बनी बीकॉम की छात्रा, कई शिकायतों पर लिया एक्शन

एक घंटे के लिए नगर कोतवाली की एसएचओ बनी निशा वर्मा ने बताया कि उनको आज ये जिम्मेदारी उठाकर काफी अच्छा लगा. उसे ये जानने का मौका मिला कि पुलिस कैसे अपराधियों के खिलाफ एक्शन लेती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 29, 2018, 10:59 PM IST
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उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के लोग बुधवार को उस समय हैरान हो गए जब अचानक उनकी नजर नगर कोतवाली के अंदर पड़ी. दरअसल कोतवाली के अंदर कोतवाल की कुर्सी पर एक स्कूली छात्रा बैठी थी. स्थानीय लोग ताज्जुब में इसलिए थे क्योंकि कुछ घंटे पहले इलाके का कोतवाल कोई और था. एक घंटे के लिए बीकॉम द्वितीय वर्ष की एसएचओ बनी निशा वर्मा ने इस दौरान छेड़छाड़, मर्डर समेत अन्य दूसरी शिकायतों पर तत्काल एक्शन भी लिया.

एक घंटे के लिए कोतवाल बनी निशा वर्मा ने पुलिस की हर जिम्मेदारी को बखूबी निभाया. निशा वर्मा भी श्रीगंगा मेमोरियल गर्ल्स डिग्री कॉलेज, पैसार में पढ़ती हैं. पुलिस से मित्रता की थीम पर निशा वर्मा को एसएचओ बनाने के पीछे बाराबंकी के एसपी का उद्देश्य था कि लोगों के बीच यह संदेश जाए कि पुलिस विभाग कितनी विषम परिस्थितियों में काम करता है. एसपी स्कूली छात्रा के माध्यम से लोगों को यह बताना चाहते थे कि उनका महकमा किस कदर काम का दवाब झेलता है और लोगों को तत्काल मदद पहुंचाने की पूरी कोशिश करता है.

वहीं एक घंटे के लिए नगर कोतवाली की एसएचओ बनी निशा वर्मा ने बताया कि उनको आज ये जिम्मेदारी उठाकर काफी अच्छा लगा. उसे ये जानने का मौका मिला कि पुलिस कैसे अपराधियों के खिलाफ एक्शन लेती है. निशा वर्मा ने बताया कि एसएचओ की कुर्सी पर बैठकर उसने कई मामलों में कार्रवाई भी की. निशा वर्मा के मुताबिक, कोतवाली में उसे कई खामियां भी मिलीं, जिसपर उसका कहना है कि एसपी को इस मामले में ध्यान देकर भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए.

एसपी ने निशा वर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उसने काफी बेबाकी से काम किया और कई मुद्दों पर खुलकर अपनी राय हम लोगों के सामने रखी. एसपी ने बताया कि पुलिस के इस तरह के प्रयासों से लोगों के मन में पुलिस के प्रति भ्रांतियां भी दूर होंगी और उनको पता चलेगा कि पुलिस के ऊपर काम का कितना दबाव होता है.

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