बाराबंकी: गार्ड ने नहीं खोला जिला अस्पताल का गेट, जच्चा-बच्चा की मौत

मामला बाराबंकी के जिला महिला अस्पताल का है. परिजनों का आरोप है कि बंकी के मोहम्मदपुर से वे अपनी गर्भवती बेटी का प्रसव कराने के लिए जिला महिला अस्पताल आए थे. लेकिन यहां गेट पर बैठे गार्ड ने दरवाजा नहीं खोला.

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 17, 2018, 12:14 PM IST
बाराबंकी: गार्ड ने नहीं खोला जिला अस्पताल का गेट, जच्चा-बच्चा की मौत
प्रसूता की मौत के बाद जिला महिला अस्पताल एके बाहर हंगामा करते परिजन
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Updated: July 17, 2018, 12:14 PM IST
बाराबंकी जिला महिला अस्पताल में तैनात एक गार्ड की अमानवीय व्यवहार की वजह से जच्चा-बच्चा की मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि गार्ड ने अस्पताल का गेट नहीं खोला, जिसकी वजह से प्रसूता को समय पर इलाज नहीं मिल सका. वहीं अस्पताल की डॉक्टर ने परिजनों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. प्रसूता की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया.

मामला बाराबंकी के जिला महिला अस्पताल का है. परिजनों का आरोप है कि बंकी के मोहम्मदपुर से वे अपनी गर्भवती बेटी का प्रसव कराने के लिए जिला महिला अस्पताल आए थे. लेकिन यहां गेट पर बैठे गार्ड ने दरवाजा नहीं खोला. उनका आरोप है कि जब परिजनों ने डॉक्टर को इलाज के लिए बुलाने के लिए कहा तो उसने उनके साथ मारपीट की.

लड़की की मौत के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. उन्होंने नारेबाजी करते हुए अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की. इस दौरान आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के गार्ड की भी जमकर पिटाई कर दी.

वहीं, महिला अस्पताल की डॉक्टर परिजनों के सारे आरोपों को नकार रही हैं. उनका कहना है कि इनकी प्रसूता के अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी. डॉक्टर असमत ने बताया कि जब ये लोग अपनी गर्भवती लड़की को अस्पताल लेकर आए तो गार्ड ने हमें सूचना दी. जिसके बाद मैंने तत्काल बाहर ही जाकर महिला की जांच की. लेकिन महिला की यहां आने से पहले ही मौत हो चुकी थी. डॉक्टर ने बताया कि लड़की के परिजन जो आरोप लगा रहे हैं वो सब गलत और निराधार हैं.

(रिपोर्ट: अनिरुद्ध शुक्ला)
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