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बाराबंकी जहरीली शराब से मौत मामला: जिला आबकारी अधिकारी समेत 10 पर गिरी गाज

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 28, 2019, 12:34 PM IST
बाराबंकी जहरीली शराब से मौत मामला: जिला आबकारी अधिकारी समेत 10 पर गिरी गाज
जहरीली शराब पीने से बीमार लोगों का अस्पताल में चल रहा है इलाज

न्यूज18 से बातचीत में आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि बाराबंकी में सरकारी ठेके की शराब पीने से आधिकारिक तौर पर 6 लोगों की मौत की सूचना मिली है.

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बाराबंकी जहरीली शराब से हुई मौत के मामले में आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने सख्त कार्रवाई करते हुए जिला बाकरी विभाग के 10 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया. मामले में जिला आबकारी अधिकारी, इंस्पेक्टर, तीन हेड कांस्टेबल समेत 5 सिपाहियों को निलंबित किया गया है.

न्यूज18 से बातचीत में आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि बाराबंकी में सरकारी ठेके की शराब पीने से आधिकारिक तौर पर 6 लोगों की मौत की सूचना मिली है. आबकारी मंत्री ने इसे विभाग की बड़ी चूक बताया और कहा अनुज्ञापी द्वारा बेची जा रही थी मिलावटी शराब. उन्होंने कहा कि सख्त निर्देश है कि अधिकारी सभी ठेकों की नियमित जांच करेंगे, लेकिन आबकारी अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया. इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी, इंस्पेक्टर, 3 हेड कांस्टेबल और 5 सिपाहियों को निलंबित किया गया. साथ ही आबकारी आयुक्त को मौके पार जांच के लिए के लिए भेजा गया है. उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

जांच के लिए टीम गठित

उधर मामले में यूपी पुलिस के डीजीपी ने भी सख्त रुख अख्तियार करते हुए राम नगर के सीओ पवन गौतम और इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह को सस्पेंड कर दिया साथ ही मामले की जांच के लिए एसपी अजय साहनी ने तीन सदस्यों की जांच टीम गठित कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट तलब की है.

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

विपक्ष ने भी मामले में सरकार को आड़े हाथ लेते हुए जहरीली शराब से हुई मौतों का ठीकरा आबकारी विभाग और स्थानीय प्रशासन पर फोड़ा है. सपा नेता अरविंद सिंह गोप ने कहा है कि बिना सरकारी मिलीभगत से जहरीली शराब का धंधा नहीं चल सकता. यह पहली घटना नहीं है. आखिर सरकार कर क्या रही है? आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उधर कांग्रेस ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. "मुख्यमंत्री अजय सिंह बिष्ट की नाक के नीचे जहरीली शराब खुलेआम बिक रही है, लोगों की जान जा रही है। आखिर शराब माफियाओं के आगे क्यों मजबूर है उत्तर प्रदेश सरकार?"

10 लोगों की हो चुकी है मौत
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उत्तर प्रदेश में जहरीली शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बार राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जिले में जहरीली शराबपीने से 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि एक दर्जन से ज्यादा लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बता दें कि कई लोगों की हालत अति गंभीर है जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ सकता है. हालंकि एसपी अजय साहनी ने पांच मौतों की पुष्टि की पुष्टि की है और कहा कि तीन लोगों का इलाज चल रहा है. दो लोगों को लखनऊ रेफर किया गया है.

जानकारी के मुताबिक मारे गए लोगों ने राम नगर कोतवाली क्षेत्र के रानीगंज में सोमवार शाम को सरकारी ठेके से खरीद कर शराब पी थी. देर रात अचानक उनकी तबियत बिगड़ने लगी तो परिजन उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां इलाज के दौरान अभी तक 10 लोगों ने दम तोड़ दिया है. मंगलवार की सुबह तक सोनू पुत्र सुरेश (25) निवासी अकोहरा, राजेश पुत्र सालिक राम (35) निवासी देवरिया के अलावा रामेश कुमार पुत्र छोटेलाल (35), सोनू पुत्र छोटे लाल (25), मुकेश पुत्र छोटे लाल (28) के अलावा स्वयं छोटेलाल निवासी रानीगंज की मौत जहरीली शराब से हो गई है.

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First published: May 28, 2019, 12:34 PM IST
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