बाराबंकीः BJP ने ढहा दिया था SP-BSP का ये किला, इसलिए राहुल गांधी लॉन्च कर दिया अपने करीबी नेता का बेटा

कांग्रेस उम्‍मीदवार पीएल पुनिया भले पिछले चुनाव में बीजेपी से हार गए हों, लेकिन उन्होंने सपा-बसपा दोनों को पीछे छोड़ दिया था. पर इस बार कांग्रेस ने बड़े शातिराना अंदाज में यहां जूनियर पुनिया को उतार दिया.

News18Hindi
Updated: May 4, 2019, 8:43 PM IST
बाराबंकीः BJP ने ढहा दिया था SP-BSP का ये किला, इसलिए राहुल गांधी लॉन्च कर दिया अपने करीबी नेता का बेटा
कांग्रेस उम्‍मीदवार पीएल पुनिया भले पिछले चुनाव में बीजेपी से हार गए हों, लेकिन उन्होंने सपा-बसपा दोनों को पीछे छोड़ दिया था. पर इस बार कांग्रेस ने बड़े शातिराना अंदाज में यहां जूनियर पुनिया को उतार दिया.
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Updated: May 4, 2019, 8:43 PM IST
उत्तर प्रदेश की बाराबंकी लोकसभा सीट इस बार समाजवादी पार्टी व बहुजन समाज पार्टी के गठबंधन और भारतीय जनता पार्टी से ज्यादा कांग्रेस की नाक का सवाल हो गई है. इस बात का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि खुद राहुल गांधी इस सीट पर प्रचार के लिए पहुंचे थे. राहुल ही नहीं प्रियंका गांधी क्षेत्र में घूम-घूमकर अपने उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांग चुकी हैं.

लेकिन राहुल-प्र‌ियंका ही नहीं इस सीट के लिए गुजरात से हार्दिक पटेल को बुलाकर चुनाव प्रचार गया. इतने से बात ना बनी तो पूर्वांचल व मध्य यूपी में स्टार प्रचारक इमरान प्रतापगढ़ीर को बुलाया गया और प्रचार किया गया. इससे आप कांग्रेस के लिए सीट की अहमियत का अंदाजा लगा सकते हैं.

वजह हैं, तनुज पुनिया. तनुज बाराबंकी से कांग्रेस उम्मीदवार हैं. लेकिन इससे बड़ी बात ये है कि तनुज, कांग्रेस के दिग्गज नेता और राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले नेता पीएल पुनिया के बेटे हैं. असल में, पीएल पुनिया छत्तीसगढ़ के चुनाव प्रभारी थी. हाल-फिलहाल हुए चुनावों में कांग्रेस ने छत्तीगढ़ में बीजेपी का सूपड़ा साफ कर दिया था. इसलिए उनकी अहमियत पार्टी में और बढ़ गई. इसलिए अब जब उनका बेटा मैदान में है तो सभी प्रमुख प्रचारक जो उत्तर प्रदेश में वोटरों को प्रभावित कर सकते हैं उनसे क्षेत्र में प्रचार कराया गया. अब लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण में आगामी छह मई को यहां मतदान होंगे.

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हार्दिक पटेल का स्वागत करते कांग्रेस उम्मीदवार तनुज पुनिया


बाराबंकी लोकसभा चुनाव 2019 के प्रत्याशी
बाराबंकी सीट पर इस बार बीजेपी को अपना उम्मीदवार बदलना पड़ा है. प्रियंका सिंह रावत के बजाए इस बार बीजेपी उपेंद्र रावत को मैदान में उतारा है. कांग्रेस उम्‍मीदवार पीएल पुनिया भले पिछले चुनाव में बीजेपी से हार गए हों, लेकिन वो इस बार भी तगड़े उम्मीदवार हो सकते थे, लेकिन कांग्रेस ने बड़े शातिराना अंदाज में यहां जूनियर पुनिया यानी तनुज पुनिया को टिकट दिया है.

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बीजेपी उम्मीदवार उपेंद्र रावत


सबसे जबर्दस्त प्रत्‍याशी सपा-बसपा गठबंधन के हैं, राम सागर रावत. वे इस सीट पर पहले चार बार चुनाव जीत चुके हैं और दो बार हार चुके हैं. जबकि पिछले चुनाव में वे इस सीट दूर रहे थे. राम सागर जेपी आंदोलन से जुड़े नेता हैं. उन्होंने सबसे पहले बाराबंकी सीट पर जनता पार्टी की सीट पर चुनाव लड़ा था. बाद में वे सपा में आए और सांसद बने. इस बार यहां मामला त्रिकोणीय होने के आसार हैं. लेकिन राम सागर इस सीट पर पहले दो बार सपा को विजयश्री दिला चुके हैं वे अपने इसी सफलता को फिर से दोहराना चाहेंगे.

बाराबंकी लोकसभा चुनाव 2014 के परिणाम
2014 आम चुनाव के वक्त मोदी लहर में बीजेपी ने इतिहास में दूसरी बार यह सीट जीती थी. जब बीजेपी प्रत्याशी प्रियंका सिंह रावत को 4,54,214 वोट मिले थे. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को कांग्रेस नेता पीएल पुनिया को हराया था. पीएल पुनिया को कुल 2,42,336 वोट मिले थे. तीसरे नंबर बीएसपी के कमला प्रसाद रावत रहे थे. उन्हें कुल 1,67,150 वोट मिले थे. ऐसे में माना जा रहा था सपा-बसपा-कांग्रेस गठबंधन होता तो ये सीट बीजेपी के ‌लिए कठिन हो जाती. क्योंकि सपा की राजरानी रावत ने 1,59,284 वोट जुटाए थे.

सपा उम्मीदवार राम सागर रावत


बाराबंकी लोकसभा सीट का समीकरण
यह एक आरक्षित सीट है. यहां के निर्णायक वोटर हमेशा से 22 फीसदी मुस्लिम वोटरों को माना जाता है. ये वोटर कांग्रेस और सपा में बंटे होते हैं. इलेक्‍शन कमीशन के अनुसार इस बार बाराबंकी क्षेत्र में 22,16,172 मतदाता हैं. इनमें 48,934 ऐसे मतदाता हैं, जिन्हें पहली बार मतदान का अवसर है. इसके अलावा सीट पर करीब 11 लाख पुरुष और 10 लाख महिला वोटर हैं.

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इमरान प्रतापगढ़ी के साथ तनुज पुनिया



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