अपना शहर चुनें

States

बाराबंकीः सांड़ से भिड़ बहन की जान बचाने वाले वीर बालक दिव्यांश की पीठ थपथपाएंगे PM मोदी

बाराबंकी के कुंवर दिव्यांश को मिला राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार
बाराबंकी के कुंवर दिव्यांश को मिला राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार

Barabanki News: बाराबंकी जिले के मखदूमपुर में रहने वाले बालक कुंवर दिव्यांश सिंह का राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2021 के लिए किया गया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद आज वीडियो कांफ्रेंसिंग पर दिव्यांश से संवाद करेंगे और उसे बहादुरी के लिए सम्मानित करेंगे.

  • Share this:
बाराबंकी. बहादुरी दिखाने के लिए उम्र या अनुभव की नहीं, बल्कि कुछ भी कर गुजरने वाले साहस और जज्बे की जरूरत होती है. ऐसा ही है उत्तरप्रदेश के बाराबंकी जिले में रहने वाला 13 साल का बालक कुंवर दिव्यांश, जिसने सांड के हमले से न केवल अपनी बहन, बल्कि 8 लोगों की जान बचाई. अपनी बहादुरी के बूते राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार-2021 के लिए चुने गए दिव्यांश को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडिया कांफ्रेंसिंग के जरिए पीठ थपाथपाकर शाबाशी देने वाले हैं.

बता दें कि जिले की नवाबगंज तहसील के मखदूमपुर में रहने वाले दिव्यांश को अपनी इस बहादुरी के लिए राष्ट्रीय और राज्य स्तर सहित करीब दो दर्जन पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है. अब इनका चयन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार अवार्ड-2021 के लिए किया गया है. दिव्यांश से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद करेंगे और शाबाशी देंगे.दिव्यांश को यह पुरस्कार तीन साल पहले अपनी बहन की सांड के हमले से भिड़कर जान बचाने के लिए दिया जा रहा है.

कैसे सांड से भिड़ गया था दिव्यांश


बात करीब तीन साल पुरानी है. उस समय दिव्यांश सिंह की उम्र केवल 13 साल थी. वह 30 जनवरी 2018 को अपनी पांच वर्षीय बहन समृद्धि समेत आठ दूसरे स्कूली बच्चों के साथ लौट रहा था. तभी शहर के रोडवेज बस अड्डे के पास एक सांड़ ने उसकी बहन पर हमला कर दिया. बहन की जान पर खतरा देख दिव्यांश बहादुरी और अदम्य साहस दिखाते हुए अपने स्कूली बैग से ही हमलावर सांड से भिड़ गया और आखिर में सांड को भगाकर बहन की जान बचा ली.

पहले राष्ट्रपति भी कर चुके हैं सम्मानित


इस दौरान दिव्यांश के दाहिने हाथ में चार जगह फ्रैक्चर हो गया. कुंवर की इस बहादुरी की चर्चा पूरे प्रदेश में हुई थी. तीन साल बाद उसे राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय से दिव्यांश के घर पहुंचे पत्र से इसकी जानकारी मिली. आज सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुंवर दिव्यांश से सीधे बात कर बहादुरी के लिए उसे शाबाशी भी देने वाले हैं. इससे पहले भी दिव्यांश को राष्ट्रपति रामनाथ कोविद, पूर्व राज्यपाल रामनाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मानित कर चुके हैं. दिव्यांश के पिता डॉ. डीबी सिंह लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्र दिव्यांग विश्वविद्यालय में छात्र कल्याण विभाग के एसोसिएट संकायाध्यक्ष और मां डॉ. विनीता सिंह पैसार स्थित श्री गंगा मेमोरियल पीजी कॉलेज में उप प्राचार्य हैं.


दिव्यांश ने कही ये बात


अवार्ड के लिए चयनित कुंवर दिव्यांश सिंह का कहना है कि किसी भी मुश्किल से डरने के बजाय उसका मजबूती से मुकाबला करना चाहिए. दिव्यांश ने बताया कि 31 जनवरी 2018 को वह जयपुरिया स्कूल से पढ़ाई कर घर लौट रहे थे. स्कूल बस से उतरने के बाद वह अपनी बहन और सात बच्चों के साथ जा रहे थे. रास्ते में सांड बच्चों की ओर बढ़ा तो मैंने अपने स्कूल बैग से सांड पर ताबड़तोड़ कई वार किए. गुस्से में सांड ने जोर की टक्कर मारी और भाग गया. सांड के इस हमले के बाद मैं गिर गया. दिव्यांश की बहादुरी से उनकी बहन समेत आठ बच्चों की जान तो बच गई, लेकिन गिरने से उसके दाहिने हाथ में फ्रैक्चर हो गया, जो करीब तीन माह बाद ठीक हुआ.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज