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Barabanki News: नरेश टिकैत बाराबंकी किसान महापंचायत में भरेंगे हुंकार, आयोजकों ने अनुमति को लेकर दी अजीब दलील

 किसान नेता राकेश टिकैत के समर्थन में अब देशभर के किसान तेजी से जुड़ने लगे हैं.
किसान नेता राकेश टिकैत के समर्थन में अब देशभर के किसान तेजी से जुड़ने लगे हैं.

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत (Chaudhary Naresh Tikait) बुधवार को बाराबंकी किसान महापंचायत में शामिल होंगे. हालांकि आयोजकों ने अभी तक इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली है.

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बाराबंकी. केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली की सीमाओं (Delhi Border) पर पिछले काफी दिनों से किसान आंदोलन चल रहा है. इसके अलावा तमाम किसान नेता अन्‍य राज्‍यों में भी लगातार किसान महापंचायत (Kisan Mahapanchayat) कर रहे हैं. इस बीच बुधवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत (Chaudhary Naresh Tikait) बाराबंकी पहुंच रहे हैं. यही नहीं, किसानों ने उनके आगमन और महापंचायत की तैयारी पूरी कर ली है. किसान नेताओं ने बताया कि वह प्रशासन से अनुमति नहीं ले रहे हैं, क्‍योंकि गृह मंत्री अमित शाह बंगाल में ममता बनर्जी से अनुमति ले रहे होते तो वह भी अनुमति लेते. वहीं, नरेश टिकैत बाराबंकी के बाद 25 फरवरी को बस्ती में होने वाली किसान महापंचायत का भी हिस्‍सा बनेंगे.

बाराबंकी जनपद के विकासखंड हरख के चौराहे पर बुधवार को किसानों की महापंचायत आयोजित होगी.इसमें हजारों किसानों के जुटने की संभावना है. जबकि इस महापंचायत में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी राकेश टिकैत बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे.

हम क्यों अनुमति लें: हरनाम सिंह
किसान नेता हरनाम सिंह ने बताया कि किसानों का मुद्दा स्पष्ट है, तीन काले कानून समाप्त हों और एमएसपी को कानूनी जामा पहनाया जाए. इसी मांग को लेकर कल हजारों किसानों की यहां जुटान होगी जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत शामिल होंगे. सिंह ने बताया कि किसान किसी जल्दी में नहीं है सरकार चाहे आज बात करे या फिर 2024 के चुनाव के समय. हम इन्तजार करते रहेंगे. वहीं, किसान महापंचायत के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं लिए जाने पर हरनाम सिंह ने कहा कि हम क्यों अनुमति लें, अगर अमित शाह बंगाल में अपनी जनसभा की अनुमति ममता सरकार से ले रहे हों तो हम भी अनुमति लेंगे अन्यथा कोई अनुमति नहीं लेंगे.
बता दें कि भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने पिछले दिनों केंद्र सरकार को चेतावनी दी थी कि अब तो लड़ेंगे भी और जीतेंगे भी. यही नहीं, हमारी महापंचायतों की आवाज दिल्ली में बैठी गूंगी बहरी सरकार के कानों में भी सुनाई देगी.
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