Barabanki news

बाराबंकी

अपना जिला चुनें

COVID-19: कनिका कपूर के साथ पार्टी में थे बाराबंकी के डॉक्टर दंपत्ति, हुए सेल्फ आइसोलेट

बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ आदर्श सिंह ने बताया कि डॉक्टर दंपति ने खुद को आइसोलेट कर लिया है.

बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ आदर्श सिंह ने बताया कि डॉक्टर दंपति ने खुद को आइसोलेट कर लिया है.

बाराबंकी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमेश चन्द्र ने बताया कि डॉक्टर दंपति ने अपने आपको घर में ही आइसोलेट कर लिया है. बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ आदर्श सिंह ने बताया कि कनिका कपूर से जुड़ी खबर जैसे ही सामने आई तो खुद इस दंपति ने जिला प्रशासन को यह सूचित किया कि वह भी पार्टी में थे.

SHARE THIS:
बाराबंकी. बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर (Kanika Kapoor) के कोरोना वायरस (Coronavirus) की चपेट में आने की खबर चारों ओर चर्चा का केन्द्र बन गई है. पता लगाया जा रहा है कि इस गायिका की पार्टी में कौन-कौन शामिल हुआ था? यही नहीं शामिल लोगों की जांच करवा कर यह जाना जा रहा है कि कहीं वह भी तो कोरोना की चपेट में नही आ गए? फिलहाल 28 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है. उधर पार्टी में शामिल होने वालों में बाराबंकी (Barabanki) के एक डॉक्टर दंपति (Doctor Couple) का नाम भी प्रकाश में आया है. इस दम्पत्ति ने स्वयं ही प्रशासन को पार्टी में शामिल होने की खबर देकर खुद को घर में ही कैद कर लिया है. जिला प्रशासन की नज़र अब इस दम्पति पर बनी हुई है.

राजधानी लखनऊ में बॉलीवुड की गायिका कनिका कपूर कोरोना होने की पुष्टि के बाद पीजीआई में भर्ती हैं. गायिका पर आरोप है कि वायरस की जानकारी के बावजूद राजधानी की कई पार्टीयों में वह शामिल होती रहीं. जब से यह खबर स्थानीय प्रशासन के संज्ञान में आई है तबसे प्रशासन हलकान है. यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि कौन-कौन लोग इस गायिका की पार्टी में शामिल हुए हैं. कनिका कपूर की खबर जैसे ही आई वैसे ही बाराबंकी के एक डॉक्टर दम्पति ने खुद ही जिला प्रशासन को सूचना दी. उन्होंने बताया कि वे लोग भी इस गायिका की पार्टी में उसके साथ शामिल हुए थे. प्रशासन ने उन्हें घर के अन्दर ही रहने की हिदायत देते हुए 14 दिनों तक किसी से न मिलने की बात कही है.

दंपति ने घर में ही खुद को आइसोलेट कर लिया है
बाराबंकी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर रमेश चन्द्र ने बताया कि जिस गायिका का आप नाम ले रहे है, वह लखनऊ की कई पार्टियों में शामिल हुई थी और यह डॉक्टर दंपति उनके घरेलू कार्यक्रम में शामिल हुए थे. इस दंपति ने अपने आपको घर में ही आइसोलेट कर लिया है. मास्क के सम्बन्ध में पूछे जाने पर सीएमओ ने कहा कि मास्क हर किसी के लिए जरूरी नहीं है सिर्फ रोगी या रोगी की देखभाल करने वालों के लिए ही जरूरी है. अगर किसी को मास्क खरीदने में दिक्कत है तो वह अपनी रुमाल को मुंह में बांध सकता है या फिर एक जिला, एक उत्पाद के रूप में बाराबंकी से चयनित स्टाल को भी बांध सकता है.

डीएम ने बताया कि डॉक्टर दंपति ने खुद ही बताया
बाराबंकी के जिलाधिकारी डॉ आदर्श सिंह ने बताया कि लखनऊ में गायिका कनिका कपूर की एक पार्टी में बहुत से लोग शामिल हुए थे यह एक होली की पार्टी थी और उसमें बाराबंकी की एक दंपति ने भी प्रतिभाग किया था. कनिका कपूर से जुड़ी खबर जैसे ही सामने आई तो खुद इस दंपति ने जिला प्रशासन को यह सूचित किया कि वह भी पार्टी में थे. जिला प्रशासन ने उनको घर में ही कोरेंटाइन किया है और उन्हें सख्त हिदायत दी है कि अगले 14 दिनों तक वह किसी बाहरी व्यक्ति से न मिलें. अब उनमे कोई भी कोरोना के लक्षण नहीं मिले है.  प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और जैसे-जैसे सूचनाएं मिल रही हैं, जरूरी कार्रवाई की जा रही है, घबराने की जरूरत नहीं है.

ये भी पढ़ें:

COVID-19: जब कोई सोसाइटी होती है लॉक डाउन, तो जानिए क्या है इसका मतलब?

COVID-19: यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह की रिपोर्ट आई निगेटिव

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

UP Weather Update: जानिए क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश? लखनऊ सहित कई जिलाें में टूटे रिकॉर्ड

UP: भारी बारिश के चलते लखनऊ के गोमतीनगर में बीच सड़क पर गिरा पेड़.

Lucknow News: लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बारिश की ये रफ्तार आज गुरुवार को पूरे दिन जारी रहेगी. कई जिलों में तो इस मॉनसूनी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गयी है.

SHARE THIS:

लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पश्चिमी यूपी (Western UP) के कुछ जिलों को छोड़ दें तो पूरे सूबे में बारिश (Rainfall) का सिलसिला कमोबेश कल बुधवार से ही चल रहा है. बारिश का ज्यादा जोर लखनऊ (Lucknow) और इसके आसपास के जिलों में देखने को मिल रहा है. लखनऊ में तो बीती रात 12 बजे से ही बरसात थमी नहीं है. और तो और इसमें लगातार बढ़ोतरी ही देखने को मिल रही है. तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश के कारण शहर में जगह जगह पेड़ भी गिर गये हैं.

प्रदेश के चार ऐसे जिले हैं जहां पिछले 24 घण्टों में 100 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हो चुकी है. लखनऊ में बुधवार से अभी तक 107 मिलीमीटर, रायबरेली में 186 मिमी, सुल्तानपुर में 118 मिमी और अयोध्या में 104 मिमी बारिश हो चुकी है. रायबरेली में तो स्कूलों में छुट्टी कर दी गयी है. इसके अलावा पिछले 24 घण्टों में गोरखपुर में 96.6 मिमी, वाराणसी में 88 मिमी, बाराबंकी में 94 मिमी और बहराइच में 30 मिमी बारिश दर्ज की गयी है.

लखनऊ स्थित मौसम विभाग के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि बारिश की ये रफ्तार आज गुरुवार को पूरे दिन जारी रहेगी. रात से या शुक्रवार की सुबह से इसकी तीव्रता थोड़ी कम हो सकती है. हालांकि इस पूरे हफ्ते छिटपुट बारिश जारी रहेगी. कई जिलों में तो इस मॉनसूनी सीजन की सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गयी है.

क्यों हो रही है ऐसी तूफानी बारिश?

निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. इसकी वजह से बंगाल की खाड़ी से आने वाली हवायें उस ओर बढ़ रही हैं. मॉनसूनी सीजन में हवा में नमी भरपूर हो रही है. बंगाल की खाड़ी से चलकर मध्यप्रदेश की ओर बढ़ने वाली नम हवाओं के कारण मध्य यूपी में जोरदार बारिश हो रही है. संभावना ये है कि कल शुक्रवार तक इसमें काफी कमी आ जायेगी. तेज हवायें भी थम जायेंगी.

लखनऊ में भारी बारिश से कई मुख्य रास्ते बंद, गोमतीनगर सहित तमाम इलाकों में भरा पानी

वैसे तो पश्चिमी यूपी के जिलों में भी हल्की बदली छायी हुई है लेकिन, ज्यादा बारिश की फिलहाल संभावना नहीं जताी गयी है. राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखण्ड की सीमा से लगने वाले यूपी के जिलों में फिलहाल बारिश का ज्यादा जोर देखने को नहीं मिल रहा है.

बीती रात से अभी तक 7 की मौत

तेज हवाओं के साथ हो रही बारिश से जान- माल को भी काफी नुकसान पहुंचा है. न्यूज़ 18 को मिली जानकारी के मुताबिक बीती रात से अभी तक कुल 7 लोगों की मौत हो चुकी है. सभी लोगों की मौत कच्ची दीवार गिरने की चपेट में आने से हुई है.

हथिया नक्षत्र से पहले ही लखनऊ समेत कई इलाकों में जोरदार बारिश, ऑरेंज अलर्ट भी जारी

मिली जानकारी के अनुसार जौनपुर में 4, सीतापुर में 1, अयोध्या  में 1 और रायबरेली  में भी 1 की मौत हुई है. बारिश का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो कई हादसों की आशंका बनी हुई है.

UP Live News Updates: सीएम योगी का बाराबंकी दौरा आज, देंगे कई योजनाओं की सौगात

आज बाराबंकी दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)

Uttar Pradesh News Live, September 16, 2021: मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की जाने परियोजनाओं में जनपद बाराबंकी में ब्रिटानिया इण्डस्ट्रीज लिमिटेड की बिस्किट एवं बेकरी उत्पाद इकाई का निर्माण कार्य भी सम्मिलित है. इस इकाई की लागत 340 करोड़ रुपए होगी.

SHARE THIS:

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) गुरुवार को जनपद बाराबंकी (Barabanki) का भ्रमण करेंगे. भ्रमण कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री जीआईसी बाराबंकी में आयोजित कार्यक्रमों में 82 करोड़ रुपए से अधिक लागत की 155 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे. मुख्यमंत्री द्वारा लाभार्थीपरक योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र/स्वीकृति-पत्र वितरित किए जाएंगे. इस अवसर पर मुख्यमंत्री का सम्बोधन भी होगा. मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की जाने परियोजनाओं में जनपद बाराबंकी में ब्रिटानिया इण्डस्ट्रीज लिमिटेड की बिस्किट एवं बेकरी उत्पाद इकाई का निर्माण कार्य भी सम्मिलित है. इस इकाई की लागत 340 करोड़ रुपए होगी. इस इकाई के माध्यम से 1,000 लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. साथ ही, बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रूप से भी लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे. इस कम्पनी के उत्पादों को तैयार करने के लिए कच्चे माल के तौर पर गेहूं, आटा, चीनी आदि स्थानीय स्तर पर प्राप्त की जाएगी. इससे प्रदेश के किसान लाभान्वित होंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बाराबंकी में स्थानीय जनप्रतिधियों से मुलाकात कर बाराबंकी में विकास परियोजनाओं और कानून व्यवस्था समेल अलग अलग मुद्दों को लेकर समीक्षा करेंगे.

बाराबंकीः कोर्ट का आदेश न मानने पर थानेदार को 3 दिन और नायब तहसीलदार को एक माह की जेल

Barabanki News: थानेदार को 3 दिन और नायब तहसीलदार को एक माह के लिए कोर्ट ने भेजा जेल (File photo)

Barabanki Court News: यह पूरा मामला नगर कोतवाली क्षेत्र में आने वाले आलापुर में स्थित जमीन से जुड़ा है. कोर्ट की इस कार्रवाई पर पीड़ित ने खुशी जाहिर की और कहा कि उसे विपक्षियों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था.

SHARE THIS:

बाराबंकी. कोर्ट का आदेश ना मानने वाले थानेदार और नायब तहसीलदार को यूपी के बाराबंकी कोर्ट ने पहले घंटों न्यायिक अभिरक्षा में खड़ा रखा. इसके बाद इनको जेल भेज दिया. दरअसल यहां जमीन के एक मामले में कोर्ट के स्टे के बावजूद पुलिस-प्रशासन ने निर्माण गिरवाया था. कोर्ट के स्टे के बावजूद पुलिस-प्रशासन ने विपक्षियों के पक्ष में निर्माण गिरवाया था. जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने न्यायालय में अदालत की अवमानना की शिकायत की थी. पीड़ित पक्ष की शिकायत पर कोर्ट ने बेहद कड़ा एक्शन लेते हुए दोनों को सजा सुनाई है. वहीं इस आदेश के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नित्यानंद श्रीनेत्र की कोर्ट में अपील की गई, जिस पर उन्होंने फैसले पर स्थगनादेश दे दिया.

कोर्ट ने नगर कोतवाल अमर सिंह को तीन दिन के लिए जेल भेजा है, जबकि नायब तहसीलदार केशव प्रसाद को भी कोर्ट ने एक महीने की सजा सुनाई है. कोर्ट नंबर 13 के मुंशिफ मजिस्ट्रेट खान जीशान मसूद ने यह फैसला सुनाया है. यह पूरा मामला नगर कोतवाली क्षेत्र में आने वाले आलापुर में स्थित जमीन से जुड़ा है. कोर्ट की इस कार्रवाई पर पीड़ित ने खुशी जाहिर की और कहा कि उसे विपक्षियों द्वारा लगातार परेशान किया जा रहा था.

यह भी पढ़ें- UP: इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के अध्यापकों को भी पेंशन पाने का हक

कोर्ट के स्टे के बावजूद विपक्षी लगातार उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे थे. पुलिस- ने उसकी जमीन पर बने निर्माण को गिरवा भी दिया. पीड़ित पक्ष के वकीलों ने बताया कि कोर्ट की अवमानना के मामले में यह पूरी कार्रवाई की गई है. जिसमें कोतवाल को तीन दिन की जेल और नायब तहसीलदार को एक महीने की जेल की सजा सुनाई गई है. हालांकि इस आदेश के खिलाफ अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नित्यानंद श्रीनेत्र की कोर्ट में अपील की गई, जिस पर उन्होंने फैसले पर स्थगनादेश दे दिया और 28 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई का आदेश दिया. इस कार्रवाई के चलते पुलिस प्रशासनिक अमले में हड़कंप है.

ट्रिपल तलाक को लेकर ओवैसी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना, कहा- मर्दों को किया और मजबूत

ओवैसी ने कई मुद्दों पर मोदी सरकार को घेरा. (फाइल फोटो)

Triple Talaq : ओवैसी ने कहा कि ट्रिपल तलाक कानून लाकर मोदी सरकार ने मर्दों को और मजबूत कर दिया है. सरकार उनलोगों के खिलाफ कानून क्यों नहीं लाती, जो अपनी बीवियों को अपने साथ नहीं रखते. उनकी बीवियां दर-दर की ठोकरें खा रही हैं.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 09, 2021, 17:01 IST
SHARE THIS:

बाराबंकी. हम केवल 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी नहीं कर रहे. हम उत्तर प्रदेश में एक मजबूत पार्टी के तौर पर उभर कर सामने आएंगे. 2014 से मॉब लिंचिंग के नाम पर केवल मुसलमानों को मारा जा रहा है. उत्तर प्रदेश में मुसलमानों पर जुल्म करने वालों को पुलिस गिरफ्तार करती है, लेकिन 24 घंटे में उन्हें जमानत दे दी जाती है. जुल्म करने वालों को यह पता है कि बीजेपी की सरकार उनके साथ है. वह उन्हें बचा लेगी. ये बातें बाराबंकी में ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहीं.

ओवैसी ने मोदी सरकार द्वारा बनाए गए ट्रिपल तलाक कानून पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक कानून लाकर मोदी सरकार ने मर्दों को और मजबूत कर दिया है. उन्होंने कहा कि सरकार उनलोगों के खिलाफ कानून क्यों नहीं लाती, जो अपनी बीवियों को अपने साथ नहीं रखते. उनकी बीवियां दर-दर की ठोकरें खा रही हैं. ओवैसी ने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह बताएं कि गुजरात की भाभी का क्या होगा. ओवैसी ने सीएए कानून को लेकर भी निशाना साधा और कहा कि यह सरकार केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है.

इसे भी पढ़ें : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में ASI सर्वेक्षण पर लगाई रोक

ओवैसी ने कहा कि 17 मई को बाराबंकी में 100 साल पुरानी कांग्रेस को शहीद कर दिया गया था. उस समय के एसडीएम जो अब सीडीओ पद पर प्रमोट हो गए हैं. उन्होंने सैकड़ों लोगों को जेल भेज दिया, कई लोगों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की. एसडीएम ने 100 साल पुरानी मस्जिद को बिना किसी नोटिस के के गिरवा दिया. मैं उसे पॉलिटकल डेमोलिशन कहूंगा. वह मस्जिद किसी के बाप की जागीर थी क्या, जो उसे तोड़ दिया गया. क्या उस समय सपा-बसपा ने इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाई थी. उस समय केवल मैंने इस कार्रवाई के खिलाफ आवाज बुलंद की.

इसे भी पढ़ें : ओवैसी बोले- दलितों की भी हो रही है मॉब लिंचिंग, 7 साल से मुसलमान निशाने पर

ओवैसी ने कहा कि अब तक मुस्लिम केवल सेकुलरिज्म के नाम पर वोट डालते आए हैं. सपा-बसपा को वोट डालते आए हैं, लेकिन क्या ये लोग कभी मुसलमानों का नाम लेते हैं. इसलिए आप सभी मेरे साथ आएं, मैं आपकी आवाज मजबूत करूंगा. उन्होंने कहा कि अब चुनाव आए हैं यूपी में इसलिए सभी लोग मुसलमानों से मीठी-मीठी बातें करेंगे. लेकिन अब मुसलमानों के नेता बनने का समय आ गया है. अब मुसलमानों को जंजीर में बंधकर रहने की जरूरत नहीं. मुसलमान अब खुद सामने आएं और अपनी ताकत का एहसास कराएं.

असदुद्दीन ओवैसी बोले- दलितों की भी हो रही है मॉब लिंचिंग, 7 साल से मुसलमान निशाने पर

एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी

AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि दलित भी मॉब लिंचिंग के शिकार हैं. उन्होंने कहा कि देश को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 09, 2021, 14:19 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली/लखनऊ. ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि दलित भी मॉब लिंचिंग के शिकार हैं. उन्होंने कहा कि देश को कमजोर करने की साजिश रची जा रही है. हैदराबाद के सांसद ने कहा कि आरोपियों को जमानत मिलना बहुत आसान है. AIMIM नेता ने कहा कि साल 2014 से ही देश में मुसलमान निशाने पर है.  उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने बाराबंकी रैली में बसपा, सपा, भाजपा और कांग्रेस सभी पर एक सिरे से निशाना साधा.

ओवैसी ने कहा- ‘मुसलमानों के साथ धर्मनिरपेक्षता को जानबूझकर कमजोर किया गया है. दलितों को निशाना बनाया जा रहा है.  मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार भाजपा के इशारे पर किए गए हैं जबकि अन्य दलों – सपा, बसपा या कांग्रेस ने दर्शकों की भूमिका निभाई … उन्होंने सीएए, ट्रिपल तालक के खिलाफ नहीं बोला.’

BJP ने किया पलटवार
वहीं बीजेपी ने ओवैसी के आरोपों पर पलटवार किया है. भाजपा नेता और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था बहुत बेहतर है. वहीं बीजेपी ने ओवैसी के आरोपों पर पलटवार किया है.

भाजपा नेता और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि राज्य की कानून व्यवस्था बहुत बेहतर है. उन्होंने ओवैसी को ‘चुनावी मेंढ़क’ बताते हुए कहा कि यह सिर्फ मजहब की सियासत कर रहे हैं. सिंह ने कहा कि कानून से छेड़छाड़ करने वालों को छोड़ते नहीं और लिचिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

यूपी पहुंचे हैं ओवैसी
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ओवैसी प्रदेश की तीन दिन की यात्रा पर मंगलवार को लखनऊ पहुंचे थे. मंगलवार को उन्होंने लखनऊ में पत्रकार वार्ता के बाद अयोध्या के रूदौली कस्बे में जनसभा आयोजित कर अपने अभियान की शुरूआत की थी.

वहीं, बुधवार को ओवैसी की सुल्तानपुर जिले में चुनावी सभा हुई और बृहस्पतिवार को उन्हें बाराबंकी में जनसभा को संबोधित करना था. ओवैसी 2022 में होने वाले प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा पहले ही कर चुके हैं.

भाजपा ने 2019 में सुल्तानपुर से लोकसभा चुनाव कैसे जीता?-ओवैसी
इससे पहले सुल्तानपुर की एक जनसभा में ओवैसी ने कहा, ‘कहा जाता है़ ओवैसी लड़ेगा तो वोट काट देगा.’ उन्होंने सवाल किया, ‘सुलतानपुर में आप सबने अखिलेश यादव को झोली भर कर वोट दिया तो सूर्या (सूर्यभान सिंह भाजपा विधायक) कैसे जीते? 2019 में लोकसभा के चुनाव में सुलतानपुर से भाजपा कैसे जीती, तब ओवैसी तो चुनाव नहीं लड़ रहा था. क्या अखिलेश यादव ने कहा कि हिंदू ने वोट नहीं किया इसलिए हारे? क्यों मुसलमानों को कहते हैं, मुसलमानों ने वोट नहीं दिया, क्या मुसलमान कैदी हैं?’ ओवैसी ने ये भी कहा कि दो बार भाजपा मुसलमानों के वोटो से नहीं जीती है़.

इस आरोप को खारिज करते हुए कि उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़कर ओवैसी भाजपा के प्रतिद्वंद्वियों के वोट खराब करेंगे, हैदराबाद के सांसद ने सवाल किया, ‘जब आप सभी (मुसलमानों) ने अखिलेश यादव की पार्टी को वोट दिया तो पिछले विधानसभा चुनाव में यहां से एक भाजपा उम्मीदवार कैसे जीता? इसी तरह भाजपा ने 2019 में सुल्तानपुर से लोकसभा चुनाव कैसे जीता, जबकि एआईएमआईएम वहां नहीं लड़ी थी?’

बाराबंकी: जगह बदलने के बाद प्रशासन ने दी AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी की सभा को अनुमति

बाराबंकी: प्रशासन ने दी ओवैसी की सभा की अनुमति,कटरा बारादरी में होगी जनसभा.

Uttar Pradesh News: गुरुवार को AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश दौरे का अंतिम दिन है. इस दिन बाराबंकी में सभा की जगह को लेकर उन्हें अनुमति देने पर प्रशासन ने पेंच फंसा दिया था, लेकिन बाद में उनके कार्यक्रम को प्रशासन ने अनुमति दे दी. इसकी वजह है कि जगह में थोड़ा बदलाव किया गया है

SHARE THIS:

लखनऊ. आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election) में अपनी पार्टी AIMIM से उम्मीदवारों को उतारने को लेकर चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) सक्रिय हो गए हैं. राज्य के अलग-अलग जिलों में घूमकर वो सभाएं कर रहे हैं. लेकिन गुरुवार को बाराबंकी में असदुद्दीन ओवैसी की होने वाली जनसभा पर प्रशासन ने पेंच फंसा दिया है. पहले तो प्रशासन ने उन्हें यहां सभा करने की अनुमति नहीं दी, लेकिन बाद में जगह बदले जाने के बाद उन्हें सभा करने की अनुमति दे दी गई.

मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को असदुद्दीन ओवैसी के यूपी दौरे का अंतिम दिन है. इस दिन बाराबंकी में सभा की जगह को लेकर उन्हें अनुमति देने पर प्रशासन ने पेंच फंसा दिया था, लेकिन बाद में उनके कार्यक्रम को प्रशासन ने अनुमति दे दी. इसकी वजह है कि जगह में थोड़ा बदलाव किया गया है.

पोस्टरों से पाटा पूरा शहर

बाराबंकी में ओवैसी की होने वाली सभा की तैयारियां उनकी पार्टी और समर्थकों द्वारा कर ली गई हैं. गुरुवार को वो यहां पहुंचकर अपनी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेंगे. दोपहर 12 बजे उनका काफिला आलापुर पहुंचेगा. यहां पार्टी नेता उनका स्वागत करेंगे. दोपहर साढ़े 12 बजे के करीब वो कटरा बारादरी में एक जनसभा को संबोधित करेंगे.

100 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ेगी AIMIM

बता दें कि AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने एक दिन पहले ही 2022 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अपनी रणनीति का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी 100 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हम यूपी में चुनाव लड़ेंगे. यूपी सबसे बड़ी रियासत है, यहां 19 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है, आप सबको एक तरफ आना होगा. यूपी में जहां पर हर बिरादरी की एक सियासी आवाज है, नुमाइंदा है, मुस्लिमों का कौन है, आपने किसे अपना नेता बनाया.

UP Panchayat Sahayak Recruitment 2021: आवेदनों की जांच में जुटी है अधिकारियों की टीम, जानें कब आयेगा अंतिम रिजल्ट  

UP Panchayat Sahayak Recruitment 2021: शुक्रवार को ब्लाक से सभी आवेदन मंगवा लिए गए थे.

UP Panchayat Sahayak Recruitment 2021: बाराबंकी जिले के सभी ब्लॉकों को मिलाकर लगभग 13,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं. आवेदनों की जांच के लिए DRDA में 15 जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 07, 2021, 14:35 IST
SHARE THIS:

नई दिल्ली. UP Panchayat Sahayak Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश पंचायत सहायक और डेटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है. फ़िलहाल जिले स्तर पर भर्ती के लिए प्राप्त आवेदनों की जांच की जा रही है. बाराबंकी जिले की बात करें तो सभी ब्लॉकों को मिलाकर लगभग 13,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं. आवेदनों की जांच के लिए DRDA में 15 जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है. जिले के 1161 ग्राम पंचायतों से लगभग 13 हजार आवेदन पंचायत सहायक भर्ती के लिए आए थे. आवेदन ग्राम पंचायतों से विकास खंडों पर जमा कर लिए गए थे. आरक्षण के नियमानुसार ही ही आवेदन जमा किए गए हैं. बता दें कि शुक्रवार को ब्लाक से सभी आवेदन मंगवा लिए गए हैं.

UP Panchayat Sahayak Recruitment 2021: ये अधिकारी कर रहे हैं जांच
सीडीओ के निर्देशानुसार डीआरडीए में आवेदनों की जांच शुरू कर दी गई है. जानकारी के अनुसार मुख्य पशु चिकित्साधिकारी बंकी ब्लाक के ग्राम पंचायतों के आवेदनों की जांच कर रहे हैं. वहीं अधिशासी अभियंता, हरख के आवेदनों की जाँच कर रहे हैं. इसी कड़ी में देवा रेशम के उपनिदेशक, मसौली के बीएसए, हैदरगढ़ के जिला कृषि अधिकारी, सिद्घौर के जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी फतेहपुर के और भूमि संरक्षण अधिकारी निंदूरा से आए आवेदनों की जांच कर रहे हैं. जांच पूरी होने के बाद अधिकारियों को मेरिट बनाने और जांच करने का एक प्रमाण पत्र देना होगा.

ये भी पढ़ें-
Sarkari Naukri: पुलिस में सिपाही, एसआई की नौकरियां, 12वीं पास करें आवेदन
Sarkari Naukri 2021:  मेट्रो में विभिन्न पदों पर निकली है नौकरियां

बाराबंकी: ब्यूटी पार्लर लेने नहीं पहुंचे पति की पत्नी ने लिखाई रिपोर्ट, फिर सुबह इस हाल में मिला शव

बाराबंकी में रविवार को एक वकील का शव मिलने से हड़कंप मच गया.

barabanki news : बाराबंकी में रविवार को एक वकील का शव मिलने से हड़कंप मच गया. वह अपनी पत्नी को ब्यूटी पार्लर से लेने निकला था. पत्नी ने पति के न पहुंचने पर परिवार और पुलिस को सूचना दी थी. इसके बाद वकील कुलदीप रावत का शव मिलने से पुलिस की नींद उड़ गई.

SHARE THIS:

बाराबंकी. बाराबंकी में रविवार को एक वकील (advocate) का शव क्षत -विक्षत अवस्था में मिलने से हड़कंप मच गया. शव को देखने से ये साफ था कि कत्ल (murder) बेरहमी से किया गया है. घटनास्थल पर ही मृतक वकील का मोबाइल, हेलमेट और बाइक भी बरामद हुई. सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. एसपी ने घटना के खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन कर दिया है. वकील की पत्नी ब्यूटी पार्लर भी चलाती है और रोजाना रात में वकील उसे साथ लेकर घर जाता था, लेकिन कल रात उसका कुछ पता न लगने पर उसने गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी. जिसके बाद उसका शव मिला तो सनसनी फैल गई.

वारदात बाराबंकी में नगर कोतवाली क्षेत्र के नारे पुरवा गांव के पास पोल्ट्री फार्म के पीछे की है. जहां एक वकील की हत्या कर दी गई. रविवार को लोगों ने जब वकील का शव देखा तो कोतवाली पुलिस को सूचना दी. जिसके बाद घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू की. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. घटनास्थल पर ही मृतक वकील का मोबाइल, हेलमेट और बाइक भी बरामद हुई है. घटनास्थल पर पहुंचे एसपी ने मामले की छानबीन शुरू की और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन कर दिया.

मृतक वकील की पहचान कुलदीप रावत निवासी ग्राम छेद्दा पुरवा थाना सफदरगंज के रूप में हुई है. जबकि उसकी पत्नी रीता नाका पैसार क्षेत्र में ब्यूटी पार्लर चलाती है. वकील का शव बेहद खराब हालत में मिला है, जिससे साफ है कि उसकी बेहद निर्ममता से हत्या की गई है. जानकारी के मुताबिक उसके चेहरे को ईंटों से कुचलने, गले पर धारदार औजार से रेते जाने का निशान था. कान से खून भी बह रहा था.

जानकारी के मुताबिक रोजाना रात 9 बजे के करीब पार्लर बंद होने के बाद कुलदीप और उसकी पत्नी अपने गांव पहुंचते थे, लेकिन कल रात साढ़े 9 बजे तक जब कुलदीप पत्नी को लेने पार्लर नहीं पहुंचा तो पत्नी रीता ने उसे फोन करना शुरू किया. कुलदीप फोन रिसीव नहीं कर रहा था. इस पर रीता ने अपने ससुराल में फोन कर बताया कि कुलदीप ने बताया था कि वह किसी क्लाइंट से मिलने जा रहा है, लेकिन वह अभी तक पार्लर पर नहीं आया हैं और न ही फोन रिसीव कर रहा है. इसके बाद परिवार नक लोग भी पार्लर पहुंच गए. सभी लोगों ने मिलकर कुलदीप की तलाश शुरू की, लेकिन कुलदीप नहीं मिला तो रात ढाई बजे के करीब पत्नी रीता ने पति कुलदीप की गुमशुदगी की तहरीर नगर कोतवाली में दी.

वहीं मौके पर पहुंचे बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि हत्यारों को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं. जल्द ही हत्यारों की गिरफ्तारी कर ली जाएगी.

Barabanki News: रात में फर्जी तरीके से हो रहा था वैक्सीनेशन, कवरेज करने पर मीडियकर्मियों को जिंदा जलाने की कोशिश

बाराबंकी: रात में फर्जी तरीके से लगाई जा रही थी कोरोना की वैक्सीन

Barabanki Corona Vaccination: यह पूरा मामला बाराबंकी में जैदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मानपुर डेहुआ का है, जहां पर श्रावस्ती जिले का एक स्वास्थ्य कर्मी अक्सर वैक्सीन लाकर लोगों का वैक्सीनेशन किया करता था.

SHARE THIS:

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बाराबंकी (Barabanki) में एक बार फिर फर्जी वैक्सीनेशन (Fake Vaccination) का बड़ा खेल सामने आया है. यहां स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा श्रावस्ती जिले से वैक्सीन लाकर बाराबंकी जिले में वैक्सीनेशन किया जा रहा था. मौके पर करीब 150 ग्रामीण वैक्सीनेशन करवा रहे थे. वैक्सीनेशन कर रहे स्वास्थ्य कर्मी ने बताया कि वह श्रावस्ती जिले में स्वास्थ्य विभाग में तैनात है और वह वहीं से वैक्सीन लाकर यहां ग्रामीणों का वैक्सीनेशन करता है. मौके से भारी मात्रा में कोवैक्सीन के खाली और भरे वॉयल भी मिले। वहीं जब मीडियाकर्मियों के कैमरे में यह फर्जी वैक्सीनेशन का खेल कैद हो गया, तो वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी और ग्रामीण अचानक आक्रोशित हो गए. सभी ने मिलकर मीडिया कर्मियों को एक कमरे में कैद करके जिंदा जलाने की कोशिश की. उसके बाद कुछ लोगों ने असलहे निकाल कर भी मीडियाकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी. पुलिस ने इस मामले में 18 आरोपियों को नामजद करने के साथ ही करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया हैं, जिनमें से चार आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. साथ ही बाकी सभी आरोपियों की तलाश में पुलिस फोर्स गांव में लगातार दबिश दे रही है.

श्रावस्ती जिले में एलए के पद पर तैनात है आरोपी
यह पूरा मामला बाराबंकी में जैदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मानपुर डेहुआ का है, जहां पर श्रावस्ती जिले का एक स्वास्थ्य कर्मी अक्सर वैक्सीन लाकर लोगों का वैक्सीनेशन किया करता था. शनिवार  देर रात एक बार फिर यह स्वास्थ्यकर्मी उसी गांव में लगभग डेढ़ सौ लोगों का वैक्सीनेशन कर रहा था. जानकारी करने पर स्वास्थ्यकर्मी ने कबूल भी किया कि वह श्रावस्ती जिले से वैक्सीन लाता है और अक्सर यहां पर लोगों का वैक्सीनेशन करता है. वैक्सीनेशन कर रहे शख्स ने अपना नाम सूर्य प्रताप सिंह बताया और कहा कि वह श्रावस्ती जिले में एलए के पद पर तैनात है.

मीडिया कर्मियों को जान से मारने की कोशिश
वहीं जब मीडिया के कैमरे में वैक्सीनशन करता हुआ स्वास्थ्यकर्मी LIVE कैद हो गया तो ग्रामीणों ने मीडियाकर्मियों पर हमला बोल दिया। ग्रामीणों ने मीडियाकर्मियों के साथ काफी मारपीट और अभद्रता की. साथ ही उनके माइक और कैमरे भी तोड़ दिए. ग्रामीणों ने मीडियाकर्मियों से लूटपाट भी की. इसके बाद मीडियाकर्मियों को कमरे में कैद करके मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जलाने की भी कोशिश की गई. कई ग्रामीणों ने असलहे भी तानकर मीडियाकर्मियों को जान से मारने की धमकी दी. इसी बीच मीडियाकर्मियों ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई और डीएम, एसपी और सीएमओ समेत जिले के सभी आलाधिकारियों को मामले की जानकारी दी. मामले की जानकारी मिलने पर जिले के आलाधिकारियों में हड़कंप मच गया और, मौके पर तीन थानों की पुलिस पहुंच गई. इसके बाद पुलिस फोर्स ने पूरे गांव में छापेमारी की, लेकिन तब तक सभी आरोपी मौके से फरार हो गए. हालांकि इस दौरान पुलिसकर्मियों ने कुछ ग्रामीणों को पकड़कर मीडियाकर्मियों द्वारा बनाए गए वीडियो से सभी आरोपियों की शिनाख्त की और 18 आरोपियों को नामजद करने के साथ ही करीब 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी केस दर्ज किया. जिनमें से चार आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जान से मारने का प्रयास करने समेत कई अन्य संगीन धाराओं में केस दर्ज किया है. इसके अलावा सभी आरोपियों की तलाश में पुलिस फोर्स गांव में लगातार दबिश दे रही है.

ग्रामीणों ने कही ये बात
वहीं मौके पर वैक्सीनेशन करवाने आए ग्रामीणों ने भी बताया कि यह स्वास्थ्यकर्मी अक्सर यहां श्रावस्ती जिले से आकर ग्रामीणों को वैक्सीन लगाता है. आज भी वह लोग यहां जानकारी मिलने पर वैक्सीन लगवाने ही आये थे. इस दौरान पर ग्रामीणों ने बताया कि वह लोग वैक्सीन की पहली डोज लगवाने के लिए श्रावस्ती गए थे, लेकिन अब दूसरी डोज यहीं लगवा रहे हैं.

सीएमओ ने कही सख्त कार्रवाई की बात
वहीं इस मामले में बाराबंकी के सीएमओ डा. रामजी वर्मा ने बताया कि इस तरह के वैक्सीनशन की जानकारी मीडिया और जिला प्रशासन द्वारा हमें मिली है. यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और आश्चर्यजनक भी है. जिले में इस तरह का एक मामला पहले भी आया था और उसमें आरोपी को जेल भेजा जा चुका है. सीएमओ ने कहा की प्रथम दृष्टया यह घटना सही है और इस मामले की जांच के लिए भी एसीएमओ प्रशासन डा. केएनएन त्रिपाठी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. राजीव कुमार सिंह और चत्रिक सिंह अधीक्षक डा. सुनील जायसवाल को मौके पर भेजा गया है और रिपोर्ट आते ही इस मामले में भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

चार गिरफ्तार
वही बाराबंकी के एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि मीडिया कर्मियों के साथ जो अभद्रता और बदसलूकी हुई है, इस मामले में 18 लोगों के खिलाफ नामजद और अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखा जा चुका है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. 4 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जो भी लोग फरार हैं उन्हें भी जल्द से जल्द गिरफ्तार करके सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बाहुबली मुख्तार अंसारी की जज से गुहार, बोला- जेल से निकला तो हो जाएगी हत्या, कोर्ट में न बुलाएं

UP: बाहुबली मुख्तार अंसारी की जज से गुहार (File photo)

Banda Jail: एमपी-एमएलए कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई बाहुबली मुख्तार अंसारी के मामले की सुनवाई. अंसारी ने लगाया आरोप- सरकार उसकी हत्या कराना चाहती है. मामले की अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी.

SHARE THIS:

बांदा. उत्तर प्रदेश की बांदा जेल (Banda Jail) में बंद माफिया मुख्तार अंसारी (Mafia Mukhtar Ansari) की फर्जी एंबुलेंस मामले में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बाराबंकी की विशेष सत्र न्यायाधीश MP-MLA कोर्ट में पेशी हुई. सुनवाई के दौरान जज ने मुख्तार अंसारी से सवाल किया कि क्यों न आपको अब कोर्ट में तलब कर लिया जाए. इस पर मुख्तार अंसारी बेहद घबरा गया. उसने जज से ऐसा न करने की गुहार लगाई. मुख्तार ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उसे मरवाना चाहती है. ऐसे में अगर वह जेल से बाहर निकला, तो उसकी हत्या करवा दी जाएगी. कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 9 सितंबर की तारीख दी है.

इससे पहले भी मुख्तार अंसारी ने बांदा जेल में अपनी हत्या की साजिश की बात कही थी. इस दौरान मुख्तार अंसारी ने कहा कि बांदा जेल में उसे जान का खतरा है. जेल के सीसीटीवी कैमरों को मोड़कर लोग आते-जाते हैं, ज‍िससे मेरी हत्या की साजिश प्रतीत होती है. मुख्तार अंसारी के अधिवक्ता ने बांदा जेल में उसकी सुरक्षा को खतरा बताते हुए किसी दूसरी जेल में रखे जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र भी दिया था.

अमिताभ ठाकुर 9 सितंबर तक भेजे गए जेल, रेप पीड़िता के आरोप पर हुई है गिरफ्तारी

मामले की जानकारी देते हुए डिप्टी जेलर प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया मुख्तार अंसारी की बैरिक के आस पास जो भी सुरक्षाकर्मी रहते उनके शरीर मे 5 बाड़ीवाल कैमरे लगे रहते है और जेल परिसर मे 49 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. जो पूरे जेल की निगरानी करते है. सुरक्षा के लिहाज से बांदा जेल 24 घंटे सुरक्षाकर्मी तैनात रहते है.

मुख्तार अंसारी के खिलाफ कार्रवाई (मई 2021 तक)
माफिया मुख्‍तार अंसारी गैंग के 244 सदस्यों पर आजमगढ़, मऊ, वाराणसी में की गई कार्रवाई में 1 अरब 94 करोड़ 82 लाख 67 हजार 859 रुपये की संपत्ति ध्वस्त/जब्त की गई. मुख्तार गैंग के 158 अपराधी हुए गिरफ्तार, तो 122 असलहों के लाइसेंस निरस्त होने के साथ 110 अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर लगा है. 30 के खिलाफ गुंडा एक्ट और 6 पर NSA की कार्रवाई की गई है.

बाराबंकी के शुभम मिश्रा को आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद देंगे गोल्ड मेडल

बाराबंकी शुभम मिश्रा को आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गोल्ड मेडल देंगे.

Barabanki News: बाराबंकी के शुभम मिश्रा को इससे पहले बीएससी में भी सर्वोच्च अंक हासिल करने पर तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने गोल्ड मेडल प्रदान किया था. शुभम मिश्रा इस समय इसरो देहरादून से जीओलॉजी में एमटेक कर रहे हैं.

SHARE THIS:

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी (Barabanki) के रहने वाले शुभम मिश्रा (Shubham Mishra) ने जिले का नाम रोशन किया है. शुभम मिश्रा को आज राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) लखनऊ के बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल प्रदान करेंगे. शुभम मिश्रा ने भू-गर्भ विज्ञान यानी जीओलॉजी से एमएससी की उपाधि 92.12 फीसदी सर्वोच्च अंकों से हासिल की है.

शुभम मिश्रा को इससे पहले बीएससी में भी सर्वोच्च अंक हासिल करने पर तत्कालीन थल सेनाध्यक्ष जनरल विपिन रावत ने गोल्ड मेडल प्रदान किया था. शुभम मिश्रा इस समय इसरो देहरादून से जीओलॉजी में एमटेक कर रहे हैं. शुभम के पिता के अधिवक्ता हैं, वहीं माता गृहणी. शुभम की इस उपलब्धि पर पिता प्रेम शंकर मिश्रा और माता बीना मिश्रा काफी खुश हैं. उनका कहना है कि इतने वर्षों की तपस्या आज उनके बेटे ने सफल कर दी है.

शुभम का कहना है जीओलॉजी एक ऐसा सब्जेक्ट है, जिसमें लोगों की रुचि बहुत कम होती है. वह भी पहले इंजीनियरिंग करना चाहते थे लेकिन उस समय अच्छे अंक ना आने के चलते वह उसमें सफल नहीं हो सके. जिसके बाद उनकी रुचि जीओलॉजी में बढ़ी और उन्होंने बीएससी में गोल्ड मेडल के साथ सफलता हासिल की. उसके बाद अब एमएससी में उन्हें एक बार फिर गोल्ड मैडल मिला है, जो उन्हें राष्ट्रपति खुद अपने हाथों से प्रदान करेंगे. शुभम का कहना है कि वह आगे चलकर भारत में रहकर देश की सेवा करेंगे.

शुभम की इस कामयाबी पर पिता प्रेम शंकर मिश्रा ने बताया कि उन्होंने हमेशा अपने बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी है. बच्चों की पढ़ाई के लिए ही वह गांव से आकर परिवार के साथ शहर में बसे. उन्होंने बताया कि सभी बच्चों को अच्छी तालीम दी, जिसका नतीजा है कि शुभम मिश्रा को आज राष्ट्रपति के हाथों गोल्ड मेडल मिलने जा रहा है. पिता का कहना है कि उनके सभी बच्चे पढ़ाई में हमेशा अव्वल रहते हैं जिसका उन्हें गर्व है.

शुभम की माता अपने बेटे शुभम मिश्रा की कामयाबी से बेहद खुश हैं. उनका कहना है कि शुभम दिन-रात पढ़ाई करके आज इस मुकाम पर पहुंचा है. शुभम की मेहनत का ही नतीजा है कि आज राष्ट्रपति गोल्ड मेडल देंगे. शुभम की माता का कहना है कि उनका बेटा देश की सेवा करेगा, जिस पर उन्हें हमेशा नाज रहेगा.

Raksha Bandhan 2021: कोरोना की वजह से पिछली बार नहीं बांध सकी थीं भाइयों को राखी, इस बार है ख़ास तैयारी

बाराबंकी का परिवार इस बार राखी को लेकर खास उत्साहित

बाराबंकी में भी एक श्रीवास्तव परिवार इस बार रक्षाबंधन त्योहार को लेकर काफी उत्सुक है. परिवार की महिलाओं का कहना है कि वह इस साल पूरे विधि-विधान से रक्षाबंधन का त्योहार मनाएंगी. डेढ़ साल से वह लोग काफी निऱाश थीं, क्योंकि भाई से न तो मिल पा रही थीं और न ही उन्हें राखी ही बांध पा रही थीं.

SHARE THIS:

बाराबंकी. पिछले डेढ़ साल में कोरोना (COVID-19) ने हमारी पूरी लाइफस्टाइल बदल दी है. इसका असर हमारे त्योहारों पर भी पड़ा. त्योहारों की भव्यता और रौनक पर कोरोना ने ग्रहण सा लगा दिया. भाई-बहन के पवित्र त्योहार रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर भी कोविड का असर पिछले साल देखने को मिला. कोरोना वायरस संक्रमण के चलते पिछले साल ज्यादातर भाई-बहन रक्षाबंधन का त्योहार साथ नहीं मना पाए. कई बहनें भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध पाईं. इस त्योहार के दिन मोबाइल फोन पर बात करके या वीडियो कॉलिंग करके ही एक दूसरे को बधाई देकर काम चलाया. लेकिन आज हमारे साथ कई ऐसी महिलाएं हैं जो इस बार रक्षाबंधन में अपने-अपने भाइयों से मिलेंगी और उन्हें राखी बांधेंगी.

बाराबंकी में भी एक श्रीवास्तव परिवार इस बार रक्षाबंधन त्योहार को लेकर काफी उत्सुक है. परिवार की महिलाओं का कहना है कि वह इस साल पूरे विधि-विधान से रक्षाबंधन का त्योहार मनाएंगी. डेढ़ साल से वह लोग काफी निऱाश थीं, क्योंकि भाई से न तो मिल पा रही थीं और न ही उन्हें राखी ही बांध पा रही थीं. लेकिन इस साल वो धूमधाम से त्योहार मनाएंगी. इन महिलाओं का कहना है कि उन्होंने अपने हाथों से भाई के लिये मास्क भी बनाए हैं, जिससे वह कोरोना से भी उसकी रक्षा कर सकें.

तो कुल मिलाकर भाई-बहन के बंधन के बीच कोरोना वायरस डेढ़ सालों से दीवार बनकर खड़ा हो गया है. कई भाई-बहन पिछले साल से रक्षाबंधन पर राखी नहीं बांध पा रही हैं. न ही बहनें अपने भाई के घर जा पा रहीं हैं. हर साल विदेशों से अपने देश बहन से राखी बंधवाने आने वाले तमाम भाई भी नहीं आ पाए, लेकिन इस बार रक्षाबंधन में बहनें खुश हैं क्योंकि पिछले ल की मायूसी के बाद इस साल वह अपने भाइयों से मिलेंगी भी और राखी भी बांधेंगी.

केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर का दावा- 2022 में BJP को ही मिलेंगे 90 से 95 फीसदी ब्राह्मण वोट

केंद्रीय राज्यमंत्री कौशल किशोर शर्मा ने 2022 में बीजेपी की जीत का किया दावा

UP Assembly Elections: जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirvad Yatra) के दूसरे दिन केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने दावा किया कि यूपी विधानसभा चुनाव में 90 से 95 फीसदी ब्राह्मणों का वोट बीजेपी को ही मिलेगा. बसपा समेत विपक्ष भाजपा से ब्राह्मणों की नाराजगी की अफवाह फैला रहा है.

SHARE THIS:

बाराबंकी. जन आशीर्वाद यात्रा (Jan Ashirvad Yatra) लेकर बाराबंकी (Barabanki) पहुंचे केंद्र सरकार में आवास व शहरी विकास राज्यमंत्री कौशल किशोर (Kaushal Kishor) बुधवार को विपक्ष पर हमलावर रहे और सपा-बसपा व कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में बीजेपी और ज्यादा सीटों के साथ सरकार बनाएगी, जबकि सपा-बसपा और कांग्रेस को पिछली बार से ज्यादा नुकसान होगा. इस दौरान उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव में 90 से 95 फीसदी ब्राह्मणों का वोट बीजेपी को ही मिलेगा.

जनआशीर्वाद यात्रा के दूसरे दिन पत्रकारों से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि बाराबंकी में लाखों लोगों का आशीर्वाद भारतीय जनता पार्टी को मिला है. उन्होंने कहा कि जनता का जिस तरह का रुझान बीजेपी की तरफ दिख रहा है, उसको देखते हुए यह साफ कहा जा सकता है कि सपा-बसपा और कांग्रेस को 2017 के विधानसभा चुनाव से ज्यादा बड़ा नुकसान इस बार उठाना पड़ेगा, क्योंकि इस बार के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पिछली बार से ज्यादा वोट मिलेगा.

विपक्ष के केवल सड़क से विधानसभा तक हल्ला मचा रहा
केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने विपक्ष के आरोपों पर कहा कि सपा-बसपा और कांग्रेस के नेता केवल हल्ला मचा रहे हैं. विपक्ष सड़क से लेकर विधानसभा तक केवल हल्ला मचा रहा है. विपक्षी नेता सड़क पर नाटक कर रहे हैं और झूठे आरोप लगा रहे हैं. कौशल किशोर ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रकोर के दौरान विपक्ष का कोई नेता या कार्यकर्ता जनता के बीच में नहीं गया. केवल बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता ही जनता के बीच गये और लोगों की मुश्किल समय में मदद की. हम लोग कोरोना से निपटने के लिये लगातार मैदान में डटे रहे.

बीजेपी से नाराज नहीं हैं ब्राह्मण, बसपा अफवाह फैला रही
वहीं बीएसपी के प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीजेपी से कोई ब्राह्मण नाराज नहीं है. केवल यह लोग अफवाह फैला रहे हैं. इस दौरान उन्होंने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 90 से 95 फीसदी ब्राह्मणों का वोट बीजेपी को ही मिलेगा.

UP: मुख्तार अंसारी को जेल मैनुअल के तहत मिलेगी सुरक्षा, जताई थी अपनी हत्या की आशंका

मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर कोर्ट ने जरूरी निर्देश दिए हैं. (File photo)

Mukhtar Ansari News: अपनी हत्या (शही्ाी) की आशंका जताने वाले बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) को जेल मैनुअल के आधार पर सुरक्षा दी जाएगी. कोर्ट ने इसे लेकर जरूरी निर्देश दिए है.

SHARE THIS:
बाराबांकी. उत्तर प्रदेश के बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) ने जेल में अपनी हत्या (Murder) होने की आशंका जताई थी. इसके बाद बुधवार को बाराबंकी विशेष सत्र न्यायाधीश ने बांदा जेल अधीक्षक को एक अहम आदेश दिया है. इसके तहत मुख्तार अंसारी को जेल मैनुअल के आधार पर सुरक्षा दी जाएगी. कोर्ट ने महानिदेशक कारागार को भी आवश्यक कार्रवाई के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि मुख्तार की सुरक्षा में किसी तरह की ढील न हो. सुरक्षा को देखते हुए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं.
आपको बता दें बीती 16 अगस्त को मुख्तार अंसारी के फर्जी एंबुलेंस मामले में बाराबंकी की विशेष सत्र न्यायाधीश MP-MLA कोर्ट में पेशी हुई थी. इसमें मुख्तार अंसारी बांदा जेल से वर्चुअली हाजिर हुआ. सुनवाई के दौरान मुख्तार ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जेल में उसकी हत्या के लिए 5 करोड़ की सुपारी दी गई है. मुख्तार के मुताबिक उसे सूचना मिली है कि किसी को मेरी हत्या करने के लिए कहा गया है. साथ ही यह भी कहा गया कि जो मेरी हत्या कर देगा, उसके घर पांच करोड़ रुपये पहुंच जाएगा. इसके अलावा उसके सारे मुकदमे भी खत्म कर दिए जाएंगे.
सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी ने लगाया था आरोप
मुख्तार के वकील रणधीर सिंह सुमन ने जानकारी दी थी कि सुनवाई के दौरान मुख्तार ने ये भी आरोप लगाए थे कि इन दिनों बांदा जेल में पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी और कुछ संदिग्ध लोग जेल बुक पर एंट्री किए बिना ही अंदर आते हैं. इतना ही नहीं ये लोग आते हैं, तो जेल के सीसीटीवी का मुंह भी घुमा दिया जाता है. ऐसे में मुख्तार को डर है कि उसकी जेल में हत्या की जा सकती है. मुख्तार ने जज से गेटबुक और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराए जाने की मांग की थी.

कौन से मामले में फंसा है मुख्तार अंसारी
आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद रहने के दौरान जिस एंबुलेंस का प्रयोग कर रहा था. वह 31 मार्च को चर्चा में आई थी. जांच के बाद दो अप्रैल को इस मामले में मऊ की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय, शेषनाथ राय, मो. सैयद मुजाहिद, राजनाथ यादव, आनंद यादव, शाहिद, सुरेंद्र शर्मा और अफरोज सहित एंबुलेंस चालक सलीम को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मुख्तार बांदा जेल में निरुद्ध है. इस मामले में अभी दो लोग फरार हैं. इन पर एसपी द्वारा इनाम भी घोषित किया गया है. आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम गैर जिलों में सक्रिय है. जल्द ही उनको पकड़ने में कामयाबी मिलने की उम्मीद है.

जिस रोल नंबर से दी परीक्षा, उसके रिजल्ट में आया दूसरे का नाम, छात्र ने किया सुसाइड

UP: बाराबंकी में सुसाइड करने वाले छात्र जय किशन का आधार कार्ड

Barabanki News: बाराबंकी में इंटरमीडिएट के प्रैक्टिकल एग्जाम में एक स्कूल द्वारा छात्र के साथ फर्जीवाड़ा सामने आया है. मामले में आहत छात्र ने परेशान होकर आत्महत्या कर ली है.

SHARE THIS:

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी (Barabanki) में एक 12वीं के छात्र के सुसाइड का मामला सामने आया है. आरोप है कि छात्र ने इंटरमीडिएट की प्रैक्टिकल परीक्षा जिस रोल नंबर से दी थी, उसके रिजल्ट में किसी दूसरी लड़की का नाम आया. विद्यालय में रजिस्ट्रेशन के खेल से आहत छात्र ने सुसाइड कर लिया. घरवालों के काफी तलाश करने के बाद छात्र का शव घर से कुछ दूरी पर एक पेड़ से लटकता मिला. इस घटना के लिये विद्यालय प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए परिजनों ने जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है.

छात्र के पिता का आरोप है कि स्कूल प्रबंधक ने उनके बेटे के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है, जिससे आहत होकर उसने आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद से प्रबंधक और स्टाफ विद्यालय पर ताला लगाकर मौके से फरार हैं.

ये है पूरा मामला

पूरा मामला सफदरगंज थाना क्षेत्र के ग्राम मिठवापुर मजरे बघौरा गांव का है. जहां के निवासी राम नेवल रावत का 17 वर्षीय बेटा जय किशन सफदरगंज के उधौली में स्थित एक विद्यालय में इंटरमीडिएट का छात्र था. राम नेवल का आरोप है कि जय किशन ने जिस रोल नंबर से प्रयोगात्मक परीक्षा दी थी, रिजल्ट घोषित होने पर उस रोल नंबर पर किसी और छात्र का रिजल्ट था. उन्होंने इसकी शिकायत पांच अगस्त को डीआईओएस से करते हुए विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की थी, लेकिन मामले में कुछ नहीं हुआ.

पिता ने डीएम को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उसके बेटे से रजिस्ट्रेशन के समय भी सभी प्रमाण-पत्र जमा कराये गए थे. छात्र ने प्रयोगात्मक परीक्षा में भी भाग लिया. मगर, जब रिजल्ट आया है तो उसकी जगह पर किसी छात्रा का नाम दिखा रहा था. छात्र के पिता के मुताबिक 16 अगस्त को छात्र को विद्यालय की तरफ से 3000 रुपये लेकर रिजल्ट ठीक कराने के नाम पर बुलवाया गया था, लेकिन छात्र केवल एक हजार रुपये का ही इंतजाम कर सका.

बाग में पेड़ से लटकता मिला शव

वहीं विद्यालय से शाम को जब जय किशन वापस घर लौटा तो उसने बताया कि विद्यालय में उससे एक हजार रुपये जमा कराकर इंटर का फार्म दोबारा से भराया जा रहा था. उसके रिजल्ट के बारे में अब कुछ न हो पाने के लिये उससे कहा गया है. छात्र ने बताया कि विद्यालय में उससे कहा गया है कि पिछला जो भी हुआ, उसे भूल जाओ और नये सिरे से फार्म भरकर फिर से दो साल पढ़ाई करो. इसके बाद जय किशन घर से निकल गया और देर शाम एक बाग में उसका शव पेड़ से लटकता मिला.

जांच के आदेश

वहीं इस मामले में बाराबंकी के डीआईओएस डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि मामले की शिकायत मिलने पर जांच टीम गठित की गई है. जिसमें वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक और राजकीय हाईस्कूल पूरेडलई के प्रधानाचार्य डॉ. एहरार को जांच दी है. अधिकारी मौके पर गए थे. मगर, विद्यालय में स्टाफ न मिलने के कारण प्रपत्र नहीं मिले. इसी दौरान छात्र ने आत्महत्या कर ली. ऐसे में विद्यालय प्रबंधक को 24 घंटे के अंदर प्रपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं. अगर इस अवधि में विद्यालय द्वारा जांच में सहयोग नहीं किया गया तो दोषी मानते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

UP News: 3 बेटियां पैदा होने से नाराज पति, पत्नी को 4 बच्चों समेत छोड़कर घर से भागा

महिला ने अपने पति के खिलाफ पुलिस से शिकायत की है. सांकेतिक फोटो.

Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में परिवार में 3 बेटियों के पैदा हो जाने से नाराज एक पति अपने 4 बच्चों समेत पत्नी को छोड़कर फरार हो गया है. इससे महिला के सामने जीवन-यापन और खाने-पीने की समस्या खड़ी हो गई है. उसने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है.

SHARE THIS:

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बाराबंकी जिले में परिवार में 3 बेटियों के पैदा हो जाने से नाराज एक पति अपने 4 बच्चों समेत पत्नी (Wife) को छोड़कर फरार हो गया है. पत्नी और बच्चों को छोड़े 27 दिन हो गए हैं, जिसके बाद से अपनी 3 बेटियों समेत 1 बेटे को लेकर किराए के कमरे में रह रही निशा मौर्या नाम की इस महिला को खाने-पीने के लाले पड़ रहे हैं.

हालांकि मोहल्ले वाले कुछ मदद महिला की जरूर कर रहे हैं. महिला ने फरार पति के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई है. मामला कोतवाली नगर के मंझपुरवा गांव का बताया जा रहा है.

पीड़िता की दर्दभरी कहानी जिसने सुनी, वो रो पड़ा
मिली जानकारी के मुताबिक 32 वर्षीय निशा मौर्या के पति रंजीत मौर्या ने उसे इसलिए छोड़ दिया है, क्योंकि उसने 3 बेटियों को जन्म दे दिया. जानकारी के अनुसार, मौजूदा इस समय पीड़िता मंझपुरवा शुगरमील पुलिस चौकी जेल थाना कोतवाली नगर के एक किराए के कमरे में रह रही है. पीड़िता ने अपनी दर्दभरी कहानी जब सुनाई तो आसपास खड़े लोगों की आंखों में आंसू आ गए. उसने बताया कि शहर के पल्हरी थाना कोतवाली नगर निवासी रंजीत मौर्या पुत्र राजेंदर मौर्या से 6 वर्ष पूर्व उनके पिता ने शादी कर दी थी.

महिला के छोटे-छोटे 4 बच्चे हैं
महिला के अनुसार शादी के बाद वो पति के साथ एक निजी बंकी स्थित मकान में लेकर रहती थी, लेकिन उसके बाद आधा मकान बेच कर फिर किराए पर रहने लगे. आज उनके 4 छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमे से 3 लड़कियां हैं. बड़ी बेटी 6 साल की खुशी, 5 साल का एक बेटा राजा व ढाई साल की बेटी जान्हवी के साथ-साथ गोद में 2 माह की बेटी लक्ष्मी भी है.

सभी को छोड़कर पति फरार
निशा ने बताया कि लक्ष्मी के पैदा होने के बाद से पति का उत्पीड़न शुरू हो गया. 27 दिन हो गए हैं, पति सभी को छोड़कर फरार है. खाने पीने के लिए दर–दर की ठोकरें खा रही है. बच्चे भी भूखे रहते हैं. मोहल्ले वालों की मदद से बच्चे जी रहे हैं. उन्होंने कहा पति उनके राजगीर मिस्त्री हैं.

पति पर दूसरी शादी का आरोप, ससुर ने भी की थीं 3 शादियां
पीड़ित महिला का आरोप है उसके पति ने दूसरी शादी कर ली है. इसलिए सबको छोड़ कर फरार है.महिला का कहना है उनके ससुर ने भी 3 शादी की थी. फिलहाल महिला ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से मदद की गुहार लगाई है. साथ ही मोहल्ले वाले भी पति को खोजने में लगे है. महिला के मायके में भी कोई नहीं है. फिलहाल पीड़िता अपने 4 बच्चों को लेकर सबसे मदद की गुहार लगा रही है.

'मेरी हत्या के लिए दी गई पांच करोड़ की सुपारी', पढ़ें क्यों मुख्तार अंसारी ने लगाया गंभीर आरोप

मुख्तार अंसारी ने सुनवाई के दौरान लगाए कई गंभीर आरोप. (फाइल फोटो)

Mukhtar Ansari Latest News: मुख्तार अंसारी ने सुनवाई के दौरान जज के सामने आरोप लगाया कि बांदा जेल में जेल बुक पर एंट्री किए बिना कुछ लोग प्रवेश कर रहे हैं. ऐसे में उसे डर है कि जेल में उसकी हत्या (Murder) भी की जा सकती है.

SHARE THIS:

Anirudh Shukla

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के फर्जी ऐंबुलेंस मामले में बाराबंकी की विशेष सत्र न्यायाधीश एमपीएमएलए कोर्ट नंबर 4 की इंचार्ज मौसमी मदेशिया की कोर्ट में सोमवार को पेशी हुई. इसमें मुख्तार अंसारी बांदा जेल से हाजिर हुआ. सुनवाई के दौरान मुख्तार अंसारी ने बेहद गंभीर आरोप लगाए. मुख्तार अंसारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी हत्या के लिए पांच करोड़ की सुपारी दी गई है. मुख्तार के मुताबिक उसे सूचना मिली है कि किसी को मेरी हत्या करने के लिए कहा गया है. साथ ही यह भी कहा गया है कि जो मेरी हत्या कर देगा, उसके घर पांच करोड़ रुपये पहुंच जाएगा. इसके अलावा उसके सारे मुकदमे भी खत्म कर दिए जाएंगे. कोर्ट में वर्चुअल सुनवाई के संबंध में मुख्तार के वकील रणधीर सिंह सुमन ने ये जानकारी दी है.

वकील रणधीर सिंह सुमन के मुताबिक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari Case)  ने सुनवाई के दौरान जज के सामने आरोप लगाया कि इन दिनों बांदा जेल में पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी और कुछ संदिग्ध लोग जेल बुक पर एंट्री किए बिना ही अंदर आते है. इतना ही नहीं जह ये लोग आते हैं, तो जेल के सीसीटीवी का मुंह भी घुमा दिया जाता है. मुख्तार का आरोप है कि यूपी की जेलों लगाताप हत्याएं हो रही हैं. गाड़ियों के एक्सीडेंट के नाम पर भी लोगों को मारा जा रहा है. ऐसे में उसे डर है कि उसकी भी जेल में हत्या की जा सकती है. मुख्तार ने जज से मांग करते हुए कहा कि गेटबुक और सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए. सारा सच सामने आ जाएगा.

कौन से मामले में फंसा है मुख्तार अंसारी

आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद रहने के दौरान जिस एंबुलेंस का प्रयोग कर रहा था. वह 31 मार्च को चर्चा में आई थी. जांच के बाद दो अप्रैल को इस मामले में मऊ की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय, शेषनाथ राय, मो. सैयद मुजाहिद, राजनाथ यादव, आनंद यादव, शाहिद, सुरेंद्र शर्मा और अफरोज सहित एंबुलेंस चालक सलीम को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि मुख्तार बांदा जेल में निरुद्ध है. इस मामले में अभी दो लोग फरार हैं. इन पर एसपी द्वारा इनाम भी घोषित किया गया है. आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम गैर जिलों में सक्रिय है. जल्द ही उनको पकड़ने में कामयाबी मिलने की उम्मीद है.

उत्तर प्रदेश : एंबुलेंस न मिलने से हो गई गर्भवती की मौत, सीएमओ ने दिया जांच का आदेश

एंबुलेंस सेवा समय पर न मिल पाने के कारण इस गर्भवती महिला की मौत हो गई.

सीएचसी के बाहर खड़ी एंबुलेंस के चालक ने कहा कि उसकी गाड़ी में डीजल नहीं है. फिर परिजन निजी वाहन की तलाश में जुटे ही थे कि तब तक प्रसूता की हालत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई.

SHARE THIS:

बाराबंकी. सरकार भले ही स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर बड़े-बड़े दावे करती हो, लेकिन कई बार जमीनी हकीकत इससे जुदा होती है. यूपी के बाराबंकी में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोलने वाली एक शर्मनाक घटना सामने आई है. यहां एक गर्भवती महिला को अस्पलात ले जाने के लिए एम्बुलेंस नसीब नहीं हुई और महिला की मौत हो गई.

यह मामला सीएचसी जैदपुए से जुड़ा है. यहां इलाज के लिए देर रात आई एक गर्भवती को गंभीर हालत में जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया गया. लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो परिजनों ने निजी वाहन की तलाश शुरू की. तब तक दर्द से छटपटा रही गर्भवती महिला की मौत हो गई. महिला जैदपुर थाना क्षेत्र के मीनापुर मजरे मौथरी के रहनेवाले किसान मनोरथ की पत्नी थीं. उनकी उम्र 32 साल थी.

जानकारी के मुताबिक, महिला का पहला बच्चा ऑपरेशन से हुआ था. इसलिए सीएचसी पर मौजूद चिकित्सक ने महिला मरीज की हालत देखकर उन्हें जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया. पर अस्पताल की महिला स्टॉफ नर्स ने नॉर्मल डिलवरी के लिए उसे रोके रखा. गर्भवती महिला की हालत बिगड़ने लगी. महिला की हालत देखकर उनके तीमारदार एंबुलेंस के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल कर रहे थे. काफी देर बाद जब कॉल लगी तो एंबुलेंस मंगाई गई. लेकिन एंबुलेंस पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा समय लग गया.

परिजनों के मुताबिक, जिस एंबुलेंस के पहुंचने की बात कॉलसेंटर से बताई गई, वह सीएचसी के बाहर ही खड़ी थी. परिजनों ने उसे चलने को कहा तो चालक ने कहा कि उसकी गाड़ी में डीजल नहीं है. फिर परिजन निजी वाहन की तलाश में जुटे ही थे कि तब तक प्रसूता की हालत और बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई. नाराज परिजनों ने सीएचसी पर जमकर हंगामा काटा. जिसकी सूचना मिलते ही डॉक्टर के साथ-साथ पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें समझाने बुझाने की काफी कोशिश की. परिजनों ने पूरे मामले की शिकायत सीएमओ से की है.

इस पूरी घटना पर बाराबंकी के सीएमओ डॉ. रामजी वर्मा ने बताया कि सीएचसी जैदपुर में एक प्रसूता की मौत एंबुलेंस के समय से न मिलने की वजह से होने की जानकारी मिली है. पूरे मामले की जांच का आदेश दिया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

बाराबंकी: 80 मीटर रिंग बांध न बनने से 2000 परिवार बेघर, 5 साल से जान हथेली पर

UP: यूपी के बाराबंकी में एक गांव ऐसा है, जहां के 2000 परिवार वर्षों से बांध की आस लगाए हैं.

Barabanki News: बाराबंकी के गांव मांझारायपुर तक पहुंचने के लिए आपको गोंडा और बहराइच जनपद से गुजरना पड़ेगा.

SHARE THIS:

बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी (Barabanki) जिले में वैसे तो सरयू/घाघरा नदी (Saryu/Ghaghra River) जिले की तीन तहसील रामनगर, रामसनेघाट और सिरौलीगौसपुर के सैकड़ों गांव को बाढ़ आने पर प्रभावित करती है लेकिन कुछ गांव ऐसे है, जहां नदी का प्रकोप ऐसा है कि वहां आज भी लोग पिछले लंबे समय से नदी के बांध पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं. पूरा गांव पानी-पानी रहता है. ये गांव बाराबंकी जनपद से दूर गोंडा और बहराइच जनपद के पास पड़ता है.

यहां जाने के लिए आपको गोंडा और बहराइच जनपद से गुजरना पड़ेगा. उसके बाद ही बाराबंकी जिले के ये गांव आपको मिलेगा जिसका नाम है मांझारायपुर. सरयू नदी का जब जलस्तर बढ़ता है तो सबसे पहले इस गांव में पानी प्रवेश करता है. हालांकि इस बार सरयू नदी का जलस्तर घटता-बढ़ता रहा है लेकिन यहां के लोगों के लिए ये आम बात है. कभी गांव में पानी ही पानी भरा रहता है तो कभी सूखा.

हालांकि इस बार अभी घाघरा नदी ने अपना विकराल रूप नहीं दिखाया है. न्यूज 18 की टीम बाराबंकी जिले से लखनऊ-गोंडा बहराइच नेशनल हाईवे पर सरयू नदी के ऊपर बने संजय सेतु पुल को पार कर बहराइच और गोंडा सीमा से होते हुए बाराबंकी जिले के उसी मांझारायपुर गांव पहुंची. वहां के लोगों की हकीकत जानी.

गांव के प्रहलाद का कहना है कि 80 मीटर रिंग बांध बन जाएं तो गांव में पानी न आये. गांव के साधू का कहना है कि पूरी जिंदगी बाढ़ झेलते हुए बीत गई. बच्चों की पढ़ाई नहीं हुई. उन्होंने कहा कि स्कूल दूर है. बच्चे अब वहां पढ़ने जाते हैं. वहीं गांव की महिलाओं से जब बात हुई तो उन्होंने कहा जब गांव में काफी बाढ़ आती है, तो सरकारी गल्ला कभी-कभी मिल जाती है. इस बार वो भी नहीं मिला. गांव की सरस्वती का कहना है कि कोई भी सुविधा नहीं मिल पाती. आज भी विकास से ये गांव काफी दूर है. गांव में दो हजार परिवार है, जिनकी सुनने वाला कोई नहीं है.

बाराबंकी: वैक्सीन की एक अदद डोज के लिए यूं लगती गई चप्पलों की कतार, तस्वीर वायरल

बाराबंकी में कोरोना वैक्सीन के इंतजार में चप्पलों की लंबी लाइन

बाराबंकी में कोरोना से बचाव के लिए लोग वैक्सीन की डोज के लिए परेशान हो रहे हैं. यहां वैक्सीन के लिए लंबी कतारें लग रही हैं. इसी को लेकर तस्वीर और वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इंसानों की जगह जूते चप्पलों की लाइन लगी है.

SHARE THIS:

बाराबंकी. बाराबंकी (Barabanki) में एक अजीबो-गरीब वीडियो वायरल (Video Viral) हो रहा है. यह वीडिया इंसानों की नहीं बल्कि उन चप्पलों की तस्वीर दिखा रहा है जो कोरोना वैक्सीनेशन (Vaccination) के इंतजार में कतारबद्ध इंतजार कर रही हैं. वैक्सीनेशन के लिए लाइन इतनी लंबी लग रही है कि लोगों ने खुद घंटों लाइन में खड़े होने की जगह अपने चप्पल जूतों को ही यहां लाइन में लगा दिया है.

दरअसल, बाराबंकी में कोरोना से बचाव के लिए लोग वैक्सीन की डोज के लिए परेशान हो रहे हैं. यहां वैक्सीन के लिए लंबी कतारें लग रही हैं. इसी को लेकर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इंसानों की जगह जूते चप्पलों की लाइन लगी है. यह वीडियो बाराबंकी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामसनेहीघाट का है. जहां वैक्सीन के लिये चप्पलों की लाइन सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही है.

बाराबंकी में कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए बारिश के बाद भी काफी लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी. इस दौरान बारिश से बचने के लिए लोगों ने अपनी चप्पलों को लाइन में लगा दिया और अपना स्थान फिक्स कर दिया. चप्पलों को लाइन में लगाकर वैक्सीन लगवाने आये लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अपनी बारी का इंतजार करते रहे.

एक ने रखी तो दूसरे लोगों ने भी लगा दी चप्पलों की लाइन

वैक्सीन के इंतजार में चप्पलों की ये लाइन लगने का कारण भी रोचक है. बताते हैं कि सबसे पहले एक व्यक्ति ने अपनी चप्पल रखकर अपनी मौजूदगी को उस स्थान पर फिक्स कर दिया. फिर क्या था, इसके बाद होड़ लग गई. लोगों ने अपना स्थान सुरक्षित करने के लिए उसके पीछे चप्पलें रखनी शुरू कर दीं और ये लाइन काफी लंबी हो गई.

Load More News

More from Other District

विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज