खस्ताहाल है सरकारी स्कूल के हालात, क्लास रूम में छाता लगाकर पढ़ रहे

स्कूल में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है. ये बच्चे बारिश के मौसम में हाथ में छाता लेकर पढ़ाई कर रहे हैं. स्कूल टीचर के मुताबिक बच्चों के घरवाले बारिश में उन्हें स्कूल नहीं भेजते, कई लोगों ने तो अपने बच्चों का नाम तक स्कूल से कटा लिया.

Anirudh | News18 Uttar Pradesh
Updated: September 1, 2018, 10:35 PM IST
खस्ताहाल है सरकारी स्कूल के हालात, क्लास रूम में छाता लगाकर पढ़ रहे
बारिश में छाता लगाकर पढ़ने को मजबूर हैं बच्चे
Anirudh | News18 Uttar Pradesh
Updated: September 1, 2018, 10:35 PM IST
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में खस्ताहाल सरकारी स्कूल में नन्हें बच्चे छाता लगाकर पढ़ने को मजबूर हैं. जिले के कई स्कूलों की हालत इतनी खराब है कि क्लास में टीचर के साथ बच्चों को भी हाथ में छाता पकड़कर बैठना पड़ रहा है. ऐसे में इन स्कूलों के बच्चे विभाग के आलाधिकारियों की तरफ इस आस में देख रहे हैं कि शायद उनसे कोई मदद मिल जाए.

प्रदेश की योगी सरकार ने बजट में स्कूली बच्चों के जूते, मोजे, स्वेटर, किताबें और यूनिफॉर्म के लिए करोड़ों रूपए का प्रावधान रखा गया है. लेकिन बाराबंकी के प्राइमरी स्कूल की हालत अलग ही कहानी बयां कर रही हैं. बाराबंकी जिला मुख्यालय से महज कुछ दूरी पर स्थित प्राथमिक विद्यालय बंकी प्रथम और द्वितीय स्थित है. जहां की स्थिति भी काफी दयनीय है. इन स्कूलों की दीवारों और छतों में दरार पड़ गई है. बारिश की बौछार ने स्कूल का बुरा हाल कर दिया है. छत से पानी टपक रहा है और ऐसे हालातों में स्कूल के टीचरों को मजबूरन इन बच्चों को यहां पढ़ना पढ़ रहा है.

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वहीं इन स्कूलों में तैनात टीचरों का कहना है कि स्कूल की इमारत बिल्कुल जर्जर हो चुकी है. स्कूल में कभी भी बड़ी घटना हो सकती है. ये बच्चे बारिश के मौसम में हाथ में छाता लेकर पढ़ाई कर रहे हैं. स्कूल टीचर के मुताबिक बच्चों के घरवाले बारिश में उन्हें स्कूल नहीं भेजते, कई लोगों ने तो अपने बच्चों का नाम तक स्कूल से कटा लिया. उन्होंने बताया कि बारिश के चलते अक्सर हम लोग स्कूल में छुट्टी कर देते हैं, क्योंकि कभी भी यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है. हम लोगों को मजबूरी में बच्चों को यहां ऐसी हालत में पढ़ाना पड़ रहा है.

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टीचरों के मुताबिक उन लोगों ने विभाग के आलाअधिकारियों को कई बार स्कूल की ऐसी दयनीय स्थिति के बारे में अवगत कराया लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है. स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों ने बताया कि हर बार बारिश में स्कूल का यही हाल रहता है. हम लोग बारिश में घर से छाता लाकर यहां पढ़ाई करने आते हैं. कई बच्चों ने बताया कि हमारे घरवाले हमको बारिश में स्कूल नहीं आने देते.

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वहीं सरकारी स्कूल की ऐसी खस्ताहाल स्थिति पर बाराबंकी के बीएसए विनय कुमार का कहना है कि उन्हें इस बारे में अभी जानकारी मिली है. वह मौके पर विभाग के अधिकारी को भेजकर इस बात की जांच कराएंगे कि ऐसी जर्जर बिल्डिंग में स्कूल क्यों चल रहा है और अभी तक स्कूल की मरम्मत क्यों नहीं कराई गई है. उन्होंने बताया कि स्कूल के मेंटेनेंस पर विभाग हर स्कूल को फंड देता है, ऐसे में इस बात की भी जांच कराई जाएगी कि स्कूल के टीचरों ने बिल्डिंग की मरम्मत क्यों नहीं कराई. बीएसए के मुताबिक जल्द ही स्कूल के बिल्डिंग को सही कराया जाएगा, जिससे आगे ऐसी कोई समस्या न आए.

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