Assembly Banner 2021

माफिया मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस मामला, बाराबंकी में FIR, अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ एक्शन

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को मोहाली की कोर्ट में जब पेश किया गया, तो जिस यूपी नंबर की गाड़ी से मुख्तार आया, वह एक निजी एंबुलेंस थी.

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को मोहाली की कोर्ट में जब पेश किया गया, तो जिस यूपी नंबर की गाड़ी से मुख्तार आया, वह एक निजी एंबुलेंस थी.

Barabanki News: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एसपी के निर्देश पर नगर कोतवाली में माफिया मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस मामले में धोखाधड़ी सहित कई धाराओ में केस दर्ज किया गया है.

  • Share this:
बाराबंकी. पंजाब की रोपड़ जेल में बंद माफिया और बसपा विधायक मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) द्वारा इस्तेमाल की जा रही एंबुलेंस (Ambulance) मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है. इस संबंध में बाराबंकी की नगर कोतवाली में धोखाधड़ी समेत दूसरी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. यह मुकदमा बाराबंकी एआरटीओ की तहरीर पर दर्ज किया गया है. दरअसल पुलिस की जांच में रजिस्ट्रेशन डाक्यूमेंट्स और मकान का पता फर्जी पाया गया है. जिसके चलते जिस डाक्टर अल्का राय के नाम से एंबुलेंस का रजिस्ट्रेशन है, उनके खिलाफ पुलिस ने यह केस दर्ज किया है. बाराबंकी की नगर कोतवाली में 419, 420, 467, 468 और 471 की धाराओं में केस दर्ज करके पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि बीते कुछ दिनों से मीडिया के माध्यम से एक एंबुलेंस के बारे में सूचना मिल रही थी. जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर UP 41 AT 7171 है. यह वाहन बाराबंकी परिवहन कार्यालय में पंजीकृत मिला. परिवहन कार्यालय और बाकी संबंधित विभागों से इस एंबुलेंस के संबंध में सूचना इकट्ठा की गई. जिसमें सामने आया कि इस वाहन को रजिस्टर्ड कराने के लिए जो कागजात जैसे मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड और दूसरे डाक्यूमेंट्स सभी फर्जी निकले. यह डाक्यूमेंट जिस पते पर दर्ज थे वह पता भी नहीं मिला. जिसके बाद मामले में 419, 420, 467, 466 और 471 की धाराओं में डॉ अल्का राय पर मुकदमा दर्ज करके सभी संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी.

Youtube Video




बता दें कि पंजाब के मोहाली कोर्ट में पेशी के दौरान माफिया मुख्तार अंसारी की एंबुलेंस नजर आई. तभी से मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. पता चला कि मुख्तार 2013 से ही इस एंबुलेंस का इस्तेमाल कर रहा है. अलका राय के अस्पताल के नाम से 2013 में ही इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन हुआ. गाड़ी का पैसा भी मुख्तार ने दिया था. बाद में कागज को ट्रांसफर कराने की बात थी, लेकिन ट्रांसफर हुआ नहीं.
पूर्व डीजीपी ने एंबुलेंस को लेकर किए चौंकाने वाले खुलासे
उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी बृजलाल ने मुख्तार अंसारी की लग्‍जरी बुलेटप्रूफ एम्बुलेंस को लेकर बड़ा खुलासा किया है. बृजलाल ने कहा कि यह मामूली एम्बुलेंस नहीं, बल्कि मुख़्तार का चलता फिरता क़िला है. इस गाड़ी में सेटेलाइट फोन के अलावा हथियार, असलहे और गुर्गे भी रहते हैं. मुख्तार इनका इस्तेमाल करता है. इस एम्बुलेंस का ड्राइवर मुख़्तार का बेहद करीबी है, जो मुहमदाबाद का रहने वाला है. उस ड्राइवर का नाम सलीम है. उत्तर प्रदेश में भी जेल के बाहर इसकी यही एम्बुलेंस खड़ी रहती थी, जिसके साथ आगे पीछे गाड़ी से गुर्गे भी चलते थे.

मुख्तार की एंबुलेंस लग्जरी और बुलेटप्रूफ, होगी जांच: मंत्री
एम्बुलेंस को लेकर सियासी घमालान भी छिड़ गया है. सरकार के मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा है कि सपा और कांग्रेस सरकारों ने मुख्तार अंसारी को सपोर्ट किया उसी का परिणाम है कि आज सबसे बड़ा गैंगस्टर बन गया है. वह कैसे निजी एंबुलेंस का इस्तेमाल कर रहा था? यह बड़ा सवाल है. एंबुलेंस एक अस्पताल के नाम पर है. हम पूरे मामले की जांच कराएंगे और कार्रवाई भी करेंगे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज