श्रीकृष्ण जन्माष्टमी विशेषः यहां हिंदू- मुस्लिम मिलकर सजाते हैं केशव की झांकी

सुल्तान मियां पिछले कई दशकों से राधाकृष्ण मन्दिर की सजावट और भगवान के श्रृंगार की जिम्मेदारी देख रहे और वह चाहते है कि उनका बेटा भी उन्हीं की तरह उनके काम को आगे बढ़ाए

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 3, 2018, 11:53 PM IST
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बाराबंकी जिले के पुलिस लाइन में स्थित राधाकृष्ण मन्दिर में सोमवार को भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का उत्साह चरम पर पहुंच चुका है. देर रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के  लिए तैयार राधाकृष्ण मन्दिर की सजावट और भगवान के श्रृंगार देखते ही बनती है.

दिलचस्प बात यह है कि राधाकृष्ण मंदिर की साज-सज्जा और भगवान श्रीकृष्ण के श्रृंगार की जिम्मेदारी एक मुस्लिम बुजुर्ग उठाते है. हिंदू-मुस्लिम सद्भाव के प्रतीक राधाकृष्ण मंदिर की सजावट की जिम्मेदारी संभालने वाले मौलाना सुल्तान मियां पिछले कई दिनों अपने बेटे के साथ भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की तैयारी में जुटे हैं.

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रिपोर्ट के मुताबिक सुल्तान मियां पिछले कई दशकों से राधाकृष्ण मन्दिर की सजावट और भगवान के श्रृंगार की जिम्मेदारी देख रहे और वह चाहते है कि उनका बेटा भी उन्हीं की तरह उनके काम को आगे बढ़ाए. सुल्तान मियां बताते है कि उन्हें इस काम से आत्मिक शान्ति मिलती है. उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर राधाकृष्ण मंदिर में सजावट और श्रृंगार करते आ रहे हैं और इस दौरान इसकी चिन्ता छोड़ देते हैं कि मुसलमान होकर वों हिन्दुओं के आराध्य के मन्दिर में क्या कर रहे हैं.

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उन्होंने बताया कि पिछले कई दशकों से राधाकृष्ण मंदिर में सजावट और भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी हिन्दू अथवा मुसलमान ने उन्हें नहीं टोका है. मन्दिर के पुजारी पण्डित शिव बहादुर मिश्र बताते है कि सुलतान मियां हर साल जन्माष्टमी के दिन बगैर बुलाए मन्दिर में आते है और मन्दिर की सजावट और प्रभु के श्रृंगार का जिम्मा उठाते है. उन्होंने बताया कि हम दोनों के मन में कोई धार्मिक या जातिगत भेदभाव नहीं है, क्योंकि भगवान कृष्ण प्रेम के प्रतीक है और हम दोनों समुदायों में प्रेम बांट रहे है.

(रिपोर्ट-अनिरूद्ध, बाराबंकी)
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