झूठे केस में फंसाने के नाम पर तीन सिपाहियाें ने मांगी रिश्‍वत, निलंबित

ये पूरा मामला बाराबंकी में नगर कोतवाली क्षेत्र की बड़ेल चौकी का है, जहां तैनात सुभाषचंद्र, प्रवीण कुमार, जवाहर लाल यादव नाम के तीन सिपाही शशिकांत नाम के एक शख्स से 32 हजार रूपए की रिश्वत लेने के आरोप में धरे गए हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 4, 2018, 10:34 AM IST
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Updated: August 4, 2018, 10:34 AM IST
यूपी के बाराबंकी जिले में तीन सिपाही रिश्‍वत लेते पकड़े गए हैं. ये तीनों सिपाही एक शख्‍स से फोन चोरी के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर रकम वसूल रहे थे. मामले की सूचना पर बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तव ने जांच के निर्देश दिए, जिसमें पूरा मामला खुलकर सामने आ गया और इन तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है.

ये पूरा मामला बाराबंकी में नगर कोतवाली क्षेत्र की बड़ेल चौकी का है, जहां तैनात सुभाषचंद्र, प्रवीण कुमार, जवाहर लाल यादव नाम के तीन सिपाही शशिकांत नाम के एक शख्स से 32 हजार रूपए की रिश्वत लेने के आरोप में धरे गए हैं. शशिकांत पीएचसी बरौली में फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत हैं. दरअसल शशिकांत बैंक में अपनी सैलरी का पैसा निकालने गया था, जहां उसे किसी दूसरे शख्स का छूटा हुआ मोबाइल मिल गया था. शशिकांत के मुताबिक उसने वह मोबाइल उठाकर उस शख्स को वापस दे दिया था, जब ये पूरा मामला इन सिपाहियों तक पहुंचा तो ये तीनों शशिकांत को मोबाइल चोरी के आरोप में फंसाकर जेल भेजने की धमकी देने लगे. सिपाहियों ने उससे कहा कि तुम्हारी हरकत बैंक में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई है. सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि तुमने मोबाइल चोरी किया है. सिपाहियों ने उसे इस आरोप से बचाने के एवज में उससे 35 हजार रूपए रिश्वत की मांग की.

शशिकांत के मुताबिक जेल जाने के डर से वह पैसे देने के लिए तैयार हो गया और सौदा 32 हजार रूपए में तय हुआ. इस काम में एक वकील भी इन तीनों सिपाहियों का साथ दे रहा था. वहीं जब ये मामला बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा के पास पहुंचा तो उन्‍होंने जांच के आदेश दिए. अधीक्षक दिगंबर कुशवाहा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली थी कि ये तीनों सिपाही शशिकांत नाम के शख्स से घूस मांग रहे हैं. शिकायत पर कार्रवाई करते हुए आज ये तीनों सिपाही रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े गए हैं. इन तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए इनके खिलाफ जांच के आदेश दिए गए हैं. जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने और इन तीनों सिपाहियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा. आगे भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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