UP: बाराबंकी में 2.5 लाख अपात्र लोग ले गए पीएम किसान सम्मान निधि योजना के करोड़ों रुपये, मचा हड़कंप

बाराबंकी में ढाई लाख अपात्र लोगों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के करोड़ों रुपए जारी हो गए. (Photo: News 18)
बाराबंकी में ढाई लाख अपात्र लोगों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के करोड़ों रुपए जारी हो गए. (Photo: News 18)

बाराबंकी (Barabanki) में उपनिदेशक कृषि अनिल कुमार सागर ने बताया कि जब यह सूची तैयार हुई थी तो रात-रात भर काम करके सूची तैयार की गई थी. इसमें कुछ अपात्र लोगों को भी पैसा चला गया था. जिसकी रिकवरी के लिए सूचना भेजी गई है. एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम वापस जमा भी हो गई है.

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बाराबंकी. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी (Barabanki) जिले में पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) में बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है. यहां अपात्रों को करोड़ों रुपए बांट दिए गए. जब मामले का खुलासा हुआ तो अपात्रों से धनराशि की वापसी का अभियान शुरू किया गया है. पता चला कि अपात्र ढाई लाख लोग किसान सम्मान निधि ले गए. यह बात हम नहीं कह रहे बल्कि दस्तावेज खुद इसकी गवाही दे रहे हैं. वहीं इस खुलासे के बाद विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है.

जांच शुरू, फतेहपुर के दो जनसेवा केंद्र नपे

मामले में अब किसान सम्मान निधि में भ्रष्टाचार के खुलासे के बाद मुकदमा दर्ज होना शुरू हो गया है. फतेहपुर इलाके के 2 जनसेवा केन्द्रों के संचालकों पर केस दर्ज किया गया है. पता चला कि जनसेवा केंद्र संचालक यहां बेरोजगारी भत्ते के नाम पर किसान सम्माननिधि में नाम दर्ज करवा रहे थे. जांच में संचालक अमित कुमार वर्मा और लक्ष्मी नारायण शुक्ला नाम साने आया. इस संबंध में उपजिलाधिकारी फतेहपुर की जांच के बाद कृषि अधिकारी अवनीश कुमार ने केस दर्ज कराया है.



ऑनलाइन पैसा पाने को पसीना बहा रहे किसान
बता दें बाराबंकी में रोज सैकड़ों किसानों की कतार किसान सम्मान निधि से जुड़ी तमाम समस्याओं को लेकर लग जाती है. कई बार चक्कर लगाने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है.  दरअसल कृषि विभाग के रिकार्ड खुद बता रहे हैं कि लगभग ढाई लाख अपात्र लोगों ने किसान सम्मान निधि का अरबों रुपये ले लिया है. अब किसानों ने पैसा लिया है या किसानों के नाम पर अधिकारी पैसा डकार गए हैं? यह तो विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा. पर सवाल ये है कि ढाई लाख लोगों को जारी कर दिया गया 6000-6000 रुपया अब कैसे वापस आएगा?

किसी को मिली एक किस्त तो किसी को दो

कृषि विभाग के काउंटर पर कतार में खड़े किसानों ने बताया कि वह लगातार यहां आ रहे हैं मगर उनकी समस्या का समाधान अब तक नहीं हो पाया है. साल में उन्हें 2000-2000 की तीन किश्तें यानि कुल 6000 रुपये मिलते हैं. किसी को एक किस्त तो किसी को दो किस्त ही मिली है बाकी के लिए वह दौड़ रहे हैं. यहां आने पर कभी उन्हें बैंक केवाईसी के लिए भेजा जाता है तो कभी आधार अपडेट नहीं होना बताया जाता है. हर रोज उन्हें नई-नई कमी बतायी जाती है.

वहीं काउंटर से बाहर किसानों का ब्योरा रखने वाली महिला सीमा देवी ने बताया कि रोज यहां करीब सैकड़ों की संख्या में किसान आते हैं. कृषि विभाग में काउन्टर संभाल रहे कनिष्ठ सहायक मनीष कुमार ने बताया कि जिन लोगों का नया होना है, उनका हम तुरन्त कर दे रहे हैं. जिनके आधार नंबर गलत हैं उनका भी ठीक कर दे रहे हैं. मगर जिनकी अकाउन्ट सम्बन्धी समस्या है, उन्हें हम बैंक भेज रहे हैं. यहां काम होने में कोई समस्या नहीं है.

कुछ अपात्र लोगों को भी पैसा चला गया था: उपनिदेशक

बाराबंकी में उपनिदेशक कृषि अनिल कुमार सागर ने बताया कि जब यह सूची तैयार हुई थी तो रात-रात भर काम करके सूची तैयार की गई थी. इसमें कुछ अपात्र लोगों को भी पैसा चला गया था. जिसकी रिकवरी के लिए सूचना भेजी गई है और एक लाख रुपये से ज्यादा की रकम वापस जमा भी हो गई है. जो लोग बचे हैं उनको भी सूचना भेजी गई है. अगर धनराशि वापस जमा नहीं होती है तो संबंधित के खिलाफ दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी.
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