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जैदपुर उपचुनाव: पीएल पुनिया के बेटे बोले- कांग्रेस नहीं पार्टी नेताओं का कम हुआ जनाधार

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 22, 2019, 11:07 AM IST
जैदपुर उपचुनाव: पीएल पुनिया के बेटे बोले- कांग्रेस नहीं पार्टी नेताओं का कम हुआ जनाधार
कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया ने किया मतदान

बाराबंकी (Barabanki) की जैदपुर विधानसभा (Zaidpur Assembly Seat) में बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली.

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बाराबंकी. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की 11 विधानसभा सीटों (Assembly Seats) पर होने वाले उपचुनाव (By Election) के लिए सोमवार को मतदान (Voting) शांतिपूर्ण संपन्न हो गया. रामपुर और जलालपुर के साथ बाराबंकी (Barabanki) की जैदपुर विधानसभा सीट (Zaidpur Assembly Seat) ऐसी है, जहां दिलचस्प मुकाबला देखने को मिला. बाराबंकी की जैदपुर विधानसभा में बीजेपी और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली. इस से कांग्रेस सांसद पीएल पुनिया की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है. क्योंकि एक ओर जहां बीजेपी ने अम्बरीश रावत को अपना उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं. कांग्रेस ने दो बार चुनाव हार चुके पुनिया के बेटे तनुज पुनिया को एक बार फिर चुनाव मैदान में उतार कर मौका दिया है.

कांग्रेस नेता पीएल पुनिया ने बेटे को जिताने के लिए झोंकी पूरी ताकत

जैदपुर विधानसभा में फिलहाल मुख्य मुकाबला बीजेपी और कांग्रेस के बीच है. यूपी की 11 सीटों में जैदपुर एक मात्र विधानसभा है, जहां कांग्रेस मुख्य लड़ाई में दिखाई दे रही है. इस सीट पर कांग्रेस नेता पीएल पुनिया की प्रतिष्ठा दांव पर है, क्योकि कांग्रेस ने इस सीट पर उनके बेटे तनुज पुनिया को मैदान में उतारा है. तनुज पुनिया इससे पहले दो बार चुनाव हार चुके है. ऐसे में एक बार फिर चुनाव लड़ रहे तनुज पुनिया को चुनाव जिताने के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी.

छत्तीसगढ़ के सीएम ने की तनुज पुनिया के समर्थन में जनसभाएं

2017 में जैदपुर सीट पर बीजेपी के उपेंद्र रावत ने कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया को ही करारी शिकस्त दी थी. लेकिन इस बीच उपेंद्र रावत के सांसद बन जाने से खाली हुई जैदपुर विधानसभा की सीट पर कब्जा करने के लिए विपक्षी दलों में होड़ मच गई. प्रदेश कांग्रेस नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने भी तनुज पुनिया के समर्थन में जनसभाएं की. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी बीजेपी प्रत्याशी अम्बरीश रावत के समर्थन में जनसभा कर बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया. जबकि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सपा प्रत्याशी की लाख कोशिशों के बावजूद चुनाव प्रचार में नहीं पहुंचे.

2017 से करीब 10 फीसदी कम सिर्फ 58.5 प्रतिशत ही हुआ मतदान

जैदपुर विधानसभा से जुड़े कुछ सियासी आकड़ो की बात करें, तो इस सीट पर कुल 3,79,827 मतदाता हैं. इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या दो लाख 1 हजार 621 और महिलाओं की संख्या एक लाख 78 हजार 118 है. लेकिन इस बार के विधानसभा उपचुनाव में 2017 की अपेक्षा करीब 10 फीसदी कम मतदान हुआ. इस बार जैदपुर में सिर्फ 58.5 प्रतिशत ही मतदान हुआ है, जबकि बीते 2017 में 69.71 प्रतिशत और 2012 में 66.34 प्रतिशत मतदान हुआ था. हालांकि इस दौरानन सिर्फ कई जगहों पर ईवीएम मशीन में खराब होने की खबरें सामने आई, बल्कि कई जगहों पर फर्जी वोटिंग की शिकायतों को लेकर बीजेपी, कांग्रेस और सपा समर्थकों के साथ अधिकारियों की भी झड़प होने की खबरें सामने आई.
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जैदपुर में कुर्मी, मुस्लिम और एससी मतदाता निभाते है निर्णायक भूमिका

जैदपुर विधानसभा में कुर्मी, मुस्लिम, एससी और यादव मतदाताओं की एक बड़ी संख्या है. यही कारण है कि सभी सियासी दलों ने जैदपुर के जातिगत और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखकर अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था. बीजेपी ने अम्बरीष रावत, कांग्रेस ने तनुज पुनिया और सपा ने गौरव रावत को मैदान में उतारा. जिनके बीच मतदान के बाद खासा कड़ा मुकाबला होने की बात कही जा रही है. यह पहला मौका था जब बीएसपी ने भी इस सीट पर हुए उपचुनाव में अखिलेश अम्बेडकर को अपना प्रत्याशी घोषित कर मैदान में उतारा. लेकिन जैदपुर विधानसभा में अब सिर्फ बीजेपी, कांगेस और सपा के बीच ही मुकाबला है.

तनुज पुनिया ने लगाया बीजेपी पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप

इस दौरान न्यूज़ 18 से बात करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी तनुज पुनिया ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. तनुज पुनिया ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती है कि ये सत्ता का बल लगा रहे हैं. कई जगह प्रशासन इनकी मदद कर रहा है. कई जगहों के प्रधानों पर दबाव बनाया जा रहा है. चुनाव आयोग को इस पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए.

कांग्रेस के बड़े नेताओं का कम हुआ जनाधार

तनुज पुनिया ने कांग्रेस का जनाधार कम होने के सवाल का भी जवाब दिया. तनुज पुनिया ने नेताओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि 'जनाधार पार्टी का नहीं नेताओं का कम हो गया है. नेताओं ने लोगों से मिलना छोड़ दिया था. अब प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में रोड पर उतरे हैं. लोगों को जोड़ने के लिए थोड़ा समय चाहिए. जो बड़े नेता हो गए थे, उनके और जमीनी आदमी के बीच आई दरारों को पूरा करने के लिए हम लोग सब जगहों पर जा रहे है. गांव-गांव जा रहे है, लोगों से मिल रहे है, बात कर रहे है. गली-कूचे जहां आजतक कोई नही गया वहां पहुंचने की हमारी कोशिश है. जनता कांग्रेस का समर्थन करेगी. उपचुनाव में कांग्रेस की जीत हुई है. धीरे-धीरे कांग्रेस का ग्राफ बढ़ रहा है. जिस दिन ग्राफ़ ऊपर उठेगा, उस दिन लोगों को समझ मे आ जायेगा कि कांग्रेस को कोई देश से नही हटा सकता.'

24 अक्टूबर को मतगणना होगी

अब आगामी 24 अक्टूबर को देखना यह होगा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को जिताने वाले पीएल पुनिया क्या अपने गढ़ में अपने बेटे को इस बार जिता पाएंगे, या फिर बीजेपी या सपा एक बार फिर इस सीट पर अपनी जीत दर्ज कर, अपना झंडा लहराती नज़र आएगी.

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First published: October 22, 2019, 10:55 AM IST
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