सरकारी अस्पताल में नौकरी के नाम पर 50 लोगों से ठगे 5-5 लाख रुपए, प्रशासनिक अधिकारी सहित 3 गिरफ्तार

बरेली में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले जिला महिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप शर्मा, वार्ड ब्वॉय मोहम्मद ताहिर और ड्राइवर विकास यादव

बरेली में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले जिला महिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप शर्मा, वार्ड ब्वॉय मोहम्मद ताहिर और ड्राइवर विकास यादव

Bareilly News: बरेली पुलिस ने जिला अस्पताल में नौकरी देने नाम पर ठगी का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मामले में जिला महिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप शर्मा, वार्ड ब्वॉय मोहम्मद ताहिर और ड्राइवर विकास यादव को गिरफ्तार किया है.

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बरेली. उत्तर प्रदेश में बरेली (Bareilly) की शहर कोतवाली पुलिस ने सरकारी अस्पताल में नौकरी (Job in Government Hospital) दिलाने के नाम पर करोड़ो रुपये की ठगी (Fraud) करने वाले जिला महिला अस्पताल के बड़े बाबू, वार्ड ब्वॉय और उनका ड्राइवर गिरफ्तार किया है. पकड़े गए तीनों जालसाज पिछले डेढ़ साल से बरेली के आसपास के जिलों से आए लोगों को 300 बेड के सरकारी अस्पताल में भर्ती के नाम पर करोड़ों रुपए ठग चुके हैं. पुलिस पिछले तीन महीने से इन जालसाज़ों की तलाश कर रही थी.

जिला महिला अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप शर्मा, जिला अस्पताल का वार्ड ब्वॉय मोहम्मद ताहिर और ड्राइवर विकास यादव है. शहर कोतवाली पुलिस ने पश्चिम बंगाल में छिपे विकास यादव को गिरफ्तार किया और जब उससे पूछताछ हुई तो पता चला इसका असली मास्टरमाइंड कुलदीप शर्मा और मोहम्मद ताहिर हैं.

लॉकडाउन से पहले भर्ती के नाम पर लिए 5-5 लाख रुपए

दरअसल पिछले साल लॉकडाउन से पहले 300 बेड हॉस्पिटल में नर्स, वार्ड बॉय, स्वीपर और दूसरे स्टाफ के लिए इस गैंग ने 50 लोगों से भर्ती के नाम पर सभी से 5-5 लाख रुपए ठग लिए और सभी का जिला अस्पताल में ही मेडिकल भी कराया गया. इतना ही नही सभी को फ़र्ज़ी नियुक्ति पत्र भी दे दिए गए. जब सभी लोग नौकरी लेने अस्पताल गए तो ये नियुक्ति पत्र फ़र्ज़ी निकले. जिसके बाद इन सभी को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ. सभी लोग एसएसपी से मिले, जिसके बाद एसएसपी ने शहर कोतवाली में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई.
बंगाल से हुई विकास की गिरफ्तारी

पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो ठगी का पर्दाफाश हो गया. पुलिस ने तीनों ठगों को गिरफ्तार कर लिया. एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने बताया कि धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने के बाद से ही पुलिस आरोपियों की धरपकड़ में लग गई थी. उसके बाद जानकारी मिली कि विकास नामक युवक बंगाल में छिपा हुआ है. फिर पुलिस की दो टीमें बंगाल रवाना हुईं, वहां लोकल इनपुट के साथ विकास को गिरफ्तार किया गया. उसके बाद बरेली से ताहिर और कुलदीप गिरफ्तार हुए. अब सभी को जेल भेज दिया गया है.
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