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बरेली: छात्र-छात्राएं मिलकर अपने खर्चे से चला रहे अनोखा 'बैंक', ऐसे कर रहे गरीब महिलाओं की मदद

चित्रांश ने बताया कि उनकी टीम शहर से लेकर गांव-देहात तक काम कर रही है.

चित्रांश ने बताया कि उनकी टीम शहर से लेकर गांव-देहात तक काम कर रही है.

Bareilly Pad Bank: 'पैड मैन' के नाम से मशहूर मुरुगनाथम से बरेली के वीर सावरकर नगर कॉलोनी के रहने वाले बीसीए छात्र चित्रांश सक्सेना इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पैड बैंक बनाने की ठानी. चित्रांश को कई अवॉर्ड मिल चुके हैं. उनका नाम लिम्का बुक में भी दर्ज किया जा चुका है.

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बरेली. यूं तो आमतौर पर आपने रुपए के लेन-देन के लिये सिर्फ बैंक का नाम सुना होगा, लेकिन अब ऐसे अनोखा पैड बैंक के बारे में जान लीजिए. यह बैंक महिलाओं, किशोरियों को पीरियड के दौरान होने वाली बीमारियों से बचाने का काम कर रहा है. यह पैडबैंक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और किशोरियों को निःशुल्क सैनेटरी पैड मुहैया करा रहा है.

'पैड मैन' के नाम से मशहूर मुरुगनाथम से बरेली के वीर सावरकर नगर कॉलोनी के रहने वाले बीसीए छात्र चित्रांश सक्सेना इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने पैड बैंक बनाने की ठानी. वर्ष 2018 को पैडबैंक खोलकर इसकी शुरुआत कर दी. डेलापीर के पास वीर सावरकर नगर चौराहे पर इस बैंक को खोला गया है. इस पैड बैंक में दस छात्र छात्राएं है जो इस अनोखे बैंक का काम संभालते हैं. ये सभी छात्र-छात्राएं अलग अलग कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं और अपनी पॉकेट मनी से पैड बैंक बनाया है. ये लोग गांव और शहर के आसपास के इलाके में जाकर महिलाओं और किशोरियों को जागरूक कर सैनेटरी पैड इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. अगर उनके पास पैड खरीदने के पैसे नहीं हैं तो उन्हें निःशुल्क पैड दिए जाते हैं. इस काम के लिए चित्रांश को कई अवॉर्ड मिल चुके हैं. उनका नाम लिम्का बुक में भी दर्ज किया जा चुका है.

महिलाओं और किशोरियों को सैनेटरी पैड के प्रति प्रेरित करने का काम पैडबैंक की लड़कियां बख़ूबी अंज़ाम दे रही हैं. उन्हें जागरूक भी कर रही हैं. बैंक की सदस्य तनिष्ठा पराशर ने बताया कि इस बैंक में दर्जनभर लोग काम कर रहे हैं.



चित्रांश ने कहा, "हमारी टीम शहर से लेकर गांव-देहात तक काम कर रही है. हमारा मुख्य फोकस शहर की झुग्गी-झोपड़ियां हैं. गरीब तबके की महिलाएं हर महीने पैड बैंक में आकर पैड ले सकती हैं. जो आने में असमर्थ हैं, उनके लिए पैड उनके घरों तक पहुंचा दिए जाते हैं."
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