बरेली: कांवड़ यात्रा निकालने को लेकर तनाव, पुलिस-PAC मौके पर तैनात

डीएम वीरेंद्र सिंह का कहना है कि खजुरिया, उमरिया और नकटिया में तनाव को देखते हुए पुलिस पीएसी और मजिस्ट्रेट को तैनात कर गया है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 23, 2018, 11:25 PM IST
बरेली: कांवड़ यात्रा निकालने को लेकर तनाव, पुलिस-PAC मौके पर तैनात
पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात (Photo- News18)
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Updated: August 23, 2018, 11:25 PM IST
उत्तर प्रदेश के बरेली में कांवड़ यात्रा निकालने को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. गुरुवार को एक बार फिर हजारों की संख्या में दोनों समुदाय के लोग आमने सामने आ गए. हालात बहुत ज्यादा तनावपूर्ण होते देख जिले की पुलिस फोर्स और पीएसी को मौके पर भेज दिया गया है.

दरअसल सावन के आखिरी सोमवार से एक दिन पहले बिथरी चैनपुर के खजुरिया ब्रम्हनान गांव में करीब 50 कांवड़ियों का जत्था बदायूं के कछला घाट जल लेने जा रहा था. कांवड़ियों का जत्था मुस्लिम बाहुल्य गांव उमरिया होते हुए कछला जल लेने जाता है. लेकिन इस बार उमरिया गांव के लोगों ने कांवड़ यात्रा का विरोध कर दिया और सड़कों पर सैकड़ों लोग आकर जमा हो गए. जिसके बाद डीएम ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी.

इस पर भाजपा के विधायक पप्पू भरतौल उर्फ राजेश मिश्रा ने कांवड़ यात्रा को उमरिया गांव से निकालने की बात कही. उन्होंने कहा कि हर कीमत पर वहीं से कांवड़ निकलेगी. जिसके बाद कांवड़िये धरने पर बैठ गए और पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया. यहां तक कि गांव में जाने वाले हर रास्ते को पुलिस ने बन्द कर दिया.

गुरुवार को विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष पवन अरोड़ा दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ खजुरिया गांव पहुंच गए और वहां धरना शुरू कर दिया. इस वजह से दोनों समुदाय के लोग एक बार फिर सड़कों पर आ गए. जबकि हिंदू समुदाय के लोगों का कहना है कि प्रशासन कांवड़ यात्रा को निकलने नहीं दे रहा है, जिस वजह से तनाव है.

इस मामले में डीएम वीरेंद्र सिंह का कहना है कि खजुरिया, उमरिया और नकटिया में तनाव को देखते हुए पुलिस पीएसी और मजिस्ट्रेट को तैनात कर गया है. उनका कहना है कि कुछ लोग गांव में ग्रामीणों को समझाने के लिए पहुंचे थे, तभी कुछ अफवाह उड़ गई. जिस वजह से लोग सड़कों पर आ गए हैं.
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