Bareilly News: ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए मांगे 40 हजार, आरोपी व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज

प्रेम नगर थाना अध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि पारस गुप्ता के खिलाफ रविवार रात को धोखाधड़ी और महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. (सांकेतिक फोटो)

प्रेम नगर थाना अध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि पारस गुप्ता के खिलाफ रविवार रात को धोखाधड़ी और महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. (सांकेतिक फोटो)

इस पर गुप्ता ने एक सिलेंडर (Cylinder) के बदलने उससे 40 हजार रुपये मांगे. वर्मा ने बताया कि इस ऑडियो के आधार पर उन्होंने इसे ऑक्सीजन की कालाबाजारी मानते हुए मुकदमा प्रेम नगर थाने में दर्ज कराया है.

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बरेली. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बरेली शहर में कोविड-19 (COVID-19) से पीड़ित व्यक्ति के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवाने के बदले में 40 हजार रुपये मांगने वाले आरोपी व्यापारी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है. औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा ने सोमवार को बताया कि शनिवार शाम को सोशल मीडिया (social Media) पर एक ऑडियो चल रहा था जिसमें कॉल करने वाला शख्स कारोबारी पारस गुप्ता से घर में पृथक-वास में रह रहे एक मरीज के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदने की बात कह रहा है. इस पर गुप्ता ने एक सिलेंडर के बदलने उससे 40 हजार रुपये मांगे. वर्मा ने बताया कि इस ऑडियो के आधार पर उन्होंने इसे ऑक्सीजन की कालाबाजारी मानते हुए मुकदमा प्रेम नगर थाने में दर्ज कराया है.

प्रेम नगर थाना अध्यक्ष अवनीश कुमार ने बताया कि पारस गुप्ता के खिलाफ रविवार रात को धोखाधड़ी और महामारी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. साक्ष्य मिलने पर कारोबारी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत भी कार्रवाई हो सकती है. उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे पर उन्हें पत्र देकर कोविड-19 पीड़ित मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर तथा औषधियों को मनमाने दाम पर बेचे जाने की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की थी.

हाईकोर्ट के इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा था

वहीं, कल खबर सामने आई थी कि राजधानी लखनऊ के एसीजेएम 26 सत्यवीर सिंह ने कोरोना महामारी के दौर में एक नजीर भरा फैसला दिया है. पुलिस की ओर से बरामद किए गए 116 रेमडेसिविर इंजेक्शन को सीएमओ की सुपुर्दगी में देने का आदेश दिया है, ताकि इन इंजेक्शन का उपयोग जरूरतमंदों के लिए किया जा सके . पिछले दिनों लखनऊ की नाका पुलिस ने 116 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद किए थे. कोरोना संक्रमण से हो रहे बड़ी तादाद में बीमारों की बढ़ती संख्या पर 7 मई को प्रयागराज हाई कोर्ट ने एक आदेश दिया था. जिसके मुताबिक जीवन रक्षक दवाइयों, मेडिकल उपकरणों को कोर्ट चाहे तो विधिक कार्रवाई के उपरांत सक्षम अधिकारी को सुपुर्द कर सकता है, ताकि उसका उपयोग जनहित में हो सके. कोरोना महामारी के दौर में हाईकोर्ट के इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा था.

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