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टैक्स कलेक्शन में फिसड्डी साबित हुआ यूपी का ये शहर, ठप्प पड़े विकास कार्य

News18 Uttarakhand
Updated: February 5, 2019, 10:30 PM IST
टैक्स कलेक्शन में फिसड्डी साबित हुआ यूपी का ये शहर, ठप्प पड़े विकास कार्य
टैक्स रिकवरी के चलते नहीं हो पा रहे विकास कार्य

सरकारी आंकड़ों में अभी निगम का सरकारी कार्यालय, आवासों पर लगभग 160 करोड़ रुपयों का बकाया चल रहा है. बाकाया टैक्स के चलते निगम के अधिकांश विकास कार्य ठप्प पड़े है.

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प्रधानमंत्री मोदी की स्मार्ट सिटी योजना में शामिल जनपद बरेली टैक्स जमा न करने में मामलों में अव्वल आ रहा है. बरेली नगर निगम द्वारा टैक्स की कीमतों को कम करने के बावजूद भी टैक्स रिकवरी नहीं हो पा रही है. सरकारी आंकड़ों में अभी निगम का सरकारी कार्यालय, आवासों पर लगभग 160 करोड़ रुपयों का बकाया चल रहा है. बाकाया टैक्स के चलते निगम के अधिकांश विकास कार्य ठप्प पड़े है.

महापौर उमेश गौतम ने बताया कि नगर निगम का सरकारी आवास और कार्यालयों पर 160 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है. इन सब सरकारी कार्यालयों और आवासों से उसकी रिकवरी कराई जा रही है अगर समय रहते बकाया रुपया नहीं मिल पाता है तो उनके खाते सीज किए जाएंगे और विधिवत कार्रवाई की जाएगी. महापौर उमेश गौतम ने बताया कि उन्होंने शहर में दुकानों और आवासों पर जो टैक्स लिया जाता है उसमें 35 से 50% तक उस को घटाया.

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निगम क्षेत्र में लगभग 40 हजार ऐसी मकान और दुकान थे, जिनसे टैक्स नहीं वसूला जा रहा था. उमेश गौतम ने बताया कि टैक्स की रिकवरी सी जो भी पैसा आएगा उस पैसे से अब शहर की हर गली को पक्का किया जाएगा और हर गली में नालियो को पक्का बनाया जाएगा. हर उन जगह जहां पर सीवर लाइन नहीं है वहां सीवर लाइन डलवाई जाएगी. शहर का विकास निगम की पहली प्राथमिकता में है.

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First published: February 5, 2019, 10:30 PM IST
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