कांवड़ यात्रा में बवाल के बाद दोनों समुदायों में ठनी, 750 लोगों पर केस दर्ज

एसपी सिटी का कहना है कि गांव के बाहर कुछ लोगों ने हुटिंग की और माहौल खराब करने की कोशिश जिसपर पुलिस ने कानूनी कार्यवाई करते हुए बिथरी चैनपुर और कैंट थाने में तीन मुकदमें दर्ज किये हैं.

HARISH SHARMA | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 24, 2018, 9:40 PM IST
कांवड़ यात्रा में बवाल के बाद दोनों समुदायों में ठनी, 750 लोगों पर केस दर्ज
कांवड़ यात्रा के दौरान बवाल (file Photo)
HARISH SHARMA | News18 Uttar Pradesh
Updated: August 24, 2018, 9:40 PM IST
बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में कांवड़ यात्रा निकालने को लेकर हुए विवाद में दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए जिसके बाद से पुलिस ने लाठी फटकार कर दोनों पक्षों को शांत कराया. पुलिस ने कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले 25 नामजद और 750 लोगों के खिलाफ बलवा और धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया है. एसपी सिटी का कहना है कि गांव के बाहर कुछ लोगों ने हुटिंग की और माहौल खराब करने की कोशिश जिसपर पुलिस ने कानूनी कार्यवाई करते हुए बिथरी चैनपुर और कैंट थाने में तीन मुकदमें दर्ज किये हैं. पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी.

भगवा रंग में रंगे ये लोग पिछले 15 दिनों से  गांव खजुरिया से कावंड़ यात्रा निकालने की बात पर अड़े है. वही खजुरिया गांव मुस्लिम बाहुल्य होने के कारण स्थानीय लोग कावंड़ यात्रा गांव से नहीं निकलवाना चाहते जिसको लेकर माहौल काफी तनाव पूर्ण बना हुआ है. कावड़ यात्रा निकालने के विवाद को लेकर जब न्यूज18 की टीम ने दोनों समुदायों के लोगो से बात चीत की, तो दोनो पक्षों ने नई परंपरा शुरू करने से इंकार कर दिया. फिलहाल जिला प्रशासन दोनों पक्षों को समझाकर विवाद सुलझाने का प्रयास कर रहा है.

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ये है पूरा मामला

दरअसल,  सावन के दूसरे सोमवार से एक दिन पहले बिथरी चैनपुर के खजुरिया ब्रम्हनान गांव में करीब 50 कांवड़ियों का जत्था बदायू के कछला घाट जल लेने जा रहा था. ये सभी मुस्लिम बाहुल्य गांव उमरिया होते हुए कछला जल लेने जाते लेकिन उमरिया गांव के लोगों ने कावड़ यात्रा का विरोध कर दिया और सड़कों पर सैकड़ों लोग आ कर जमा हो गए. जिसके बाद डीएम ने कावड़ यात्रा पर रोक लगा दी. इस पर भाजपा के विधायक पप्पू भरतौल उर्फ राजेश मिश्रा ने कावड़ यात्रा को उमरिया गांव से निकालने की बात कही. उन्होंने कहा कि हर कीमत पर वही से कावड़ निकलेगी. जिसके बाद कावड़िये धरने पर बैठ गए और पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया.

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यहां तक गांव में जाने वाले हर रास्ते को पुलिस ने बन्द कर दिया. अब विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष पवन अरोड़ा दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ खजुरिया गांव पहुंच गए और वहां धरना शुरू कर दिया. जिस वजह से दोनों समुदाय के लोग एक बार फिर सड़कों पर आ गए. जबकि हिन्दू समुदाय के लोगों का कहना है कि प्रसासन कावड़ यात्रा को निकलने नहीं दे रहा है जिस वजह से तनाव है.
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