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चिन्मयानंद केस: यूनिवर्सिटी ने रेप पीड़िता के एग्जाम देने पर लगाई रोक, बताई ये वजह

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 26, 2019, 1:30 PM IST
चिन्मयानंद केस: यूनिवर्सिटी ने रेप पीड़िता के एग्जाम देने पर लगाई रोक, बताई ये वजह
रूहेलखंड यूनिवर्सिटी ने छात्रा को नहीं दी परीक्षा देने की अनुमति. (फाइल फोटो)

Chinmayanand Case: पीड़ित छात्रा को पुलिस अभिरक्षा में बरेली लाया जाएगा, लेकिन उसे एग्जाम देने की अनुमति नहीं होगी. पीड़ि‍ता के वकील ने इसे Supreme Court की अवमानना करार दिया है.

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बरेली. चिन्मयानंद पर यौन शोषण (Chinmyanand Sexual Harassment) और रेप का आरोप लगाने वाली 23 साल की पीड़िता का एक साल जाया होने वाला है. दरअसल, रंगदारी मामले में शाहजहांपुर की जेल में बंद एलएलएम की छात्रा (द्वितीय वर्ष) की परीक्षा नहीं दे पाएगी. महात्मा गांधी ज्योतिबा फुले रूहेलखंड यूनिवर्सिटी (Rohilkhand University) ने कम अटेंडेंस की वजह से परीक्षा में बैठने से रोक लगा दी है. यह तब हो रहा है जब सीजेएम कोर्ट ने पीड़ित छात्रा को परीक्षा देने की अनुमति दे रखी है. इतना ही नहीं कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि पुलिस अभिरक्षा में पीड़िता को एग्जाम के लिए बरेली ले जाया जाए.

जेल अधीक्षक को दी गई जानकारी

मंगलवार को पीड़ित छात्रा को पुलिस अभिरक्षा में बरेली लाया जाएगा, लेकिन उसे एग्जाम देने की अनुमति नहीं होगी. लॉ विभाग के हेड अमित सिंह ने बताया कि पीड़ित छात्रा का जीरो अटेंडेंस है. इतना ही नहीं उसने इंटरनल एग्जाम भी नहीं दिया है. लिहाजा, परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिल सकती. उधर, यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉक्‍टर सुनीता ने बताया कि इस संबंध में जानकारी जेल अधीक्षक शाहजहांपुर को भेजी जा चुकी है.

स्टूडेंट के वकील ने बताया अवमानना का मामला

लॉ स्टूडेंट के वकील कलविंदर सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि यह एक स्पेशल केस है. क्योंकि चिन्मयानन्द के कॉलेज में पढ़ाई नहीं हो सकती, जिसके बाद पीड़ित छात्रा को बरेली के किसी कॉलेज में एडमिशन कराने का निर्देश दिया गया था. अब अगर यूनिवर्सिटी छात्रा को एग्जाम में बैठने नहीं देती है तो यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना होगी.

जेल में बंद है रेप पीड़िता

बता दें कि रेप पीड़िता चिन्मयानन्द से रंगदारी मांगने के मामले में शाहजहांपुर के जेल में बंद है. पीड़िता के एलएलएम द्वितीय वर्ष के एग्जाम आज से शुरू हो रहे हैं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उसका एडमिशन तो हो गया, लेकिन केस में गिरफ़्तारी की वजह से वह कॉलेज अटेंड अन्हीं कर सकी. लिहाजा, अब तय है कि उसका एक साल बर्बाद जाएगा.
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(इनपुट: हरीश शर्मा)

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First published: November 26, 2019, 12:15 PM IST
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