Bareilly News: धोपेश्वर नाथ मंदिर के पुजारी का मिला खून से सना शव, हत्या की आशंका

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

UP Crime News: बरेली के धोपेश्वर नाथ मंदिर में महंत रामचंद्र गिरि की खून से सना शव मिला है, हत्या (Murder) का मामला मानकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

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बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली (Bareilly) के धोपेश्वर नाथ मंदिर में महंत रामचंद्र गिरि का खून से लथपथ शव बरामद हुआ है. उनकी हत्या (Murder) होने की आशंका जताई गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सिर में चोट लगने से मौत होने की बात सामने आई है. कैंट थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. दरअसल, बिथरी निवासी 55 वर्षीय महंत राम चंद्र गिरी पिछले कई सालों से बरेली के प्रसिद्ध शिवालय धोपेश्वर नाथ मंदिर में पुजारी थे. बरेली मण्डल के लाखों लोगों की आस्था धोपेश्वर नाथ मंदिर में थी उसी के कारण स्थानीय लोग रामचंद्र गिरी को बाबा कहकर बुलाते थे.

हर तीज त्योहार पर मंदिर जाकर भगवान की पूजा अर्चना करते फिर महंत राम चंद्र गिरी का भी आशीर्वाद लेते थे. होली के मौके पर कुछ श्रद्धालु आशीर्वाद लेने के लिए बाबा रामचंद्र गिरि से मिलने पहुंचे तो देखा बाबा खून से लथपथ पड़े हुए थे. महंत की मौत की जानकारी होने पर आसपास के तमाम लोग मंदिर पहुंच गए.

हत्या की आशंका

बाबा के हाथ पर भी चोट के हल्के निशान मिले हैं. सिर से खून निकल रहा था. पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाबा रामचंद्र गिरि की मौत सिर में चोट लगने की वजह से होना बताई गई है. कैंट थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई. धोपेश्वर नाथ मंदिर में आस्था रखने वाले लोग मंदिर की संपत्ति को लेकर हत्या होने की चर्चा कर रहे है. लोगों ने महंत की हत्या की आशंका जताते हुए घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है.
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आपको यह भी बता दें कि बीती 13 फरवरी 2010 को धोपेश्वरनाथ मंदिर के महंत गोकरण गिरि का शव पोखर में मिला था. महंत की पोती रचना गोस्वामी ने तत्कालीन बसपा विधायक वीरेंद्र सिंह समेत 12 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट लिखाई थी. कैंट पुलिस ने आरोप झूठा होने का दावा कर फाइनल रिपोर्ट लगाई थी. प्रकरण में तत्कालीन विधायक वीरेंद्र सिंह को पहले ही क्लीन चिट दे दी गई थी. इस पर वादी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी. 23 अगस्त 2013 को हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया था. मामले में कई बार दिल्ली से सीबीआई की टीम भी आई थी.
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