फतवा: मुल्क के बंटवारे का जिम्मेदार था जिन्ना, समर्थन में खड़ा होना नाजायज

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि फतवे में कहा गया है कि मोहम्मद अली जिन्ना का समर्थन करना या उनकी हिमायत में खड़ा होना किसी भी तरीके जायज नहीं है.

HARISH SHARMA | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 8, 2018, 12:54 PM IST
फतवा: मुल्क के बंटवारे का जिम्मेदार था जिन्ना, समर्थन में खड़ा होना नाजायज
दरगाह आला हजरत के मौलाना शहाबुद्दीन
HARISH SHARMA | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 8, 2018, 12:54 PM IST
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के छात्रसंघ भवन में मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर छिड़े घमासान के बीच बरेली की सबसे बड़ी दरगाह आला हजरत ने फतवा जारी किया है. जारी फतवे में जिन्ना को मुल्क के बंटवारे का जिम्मेदार बताते हुए कहा गया है कि उसका समर्थन करना जायज नहीं है. मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा है कि जिन्ना दुश्मन मुल्क का हिस्सा हैं. हमारे मुल्क का हिस्सा नहीं हैं. देश में जहां भी जिन्ना की तस्वीरें लगी हैं, सभी को उतार देना चाहिए.

मौलाना शहाबुद्दीन ने कहा कि फतवे में कहा गया है कि मोहम्मद अली जिन्ना का समर्थन करना या उनकी हिमायत में खड़ा होना किसी भी तरीके से जायज नहीं है. उन्होंने कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना का सबसे बड़ा जुर्म यह है कि उन्होंने मुल्क का बंटवारा किया. मुल्क की तस्किम में उनका अहम किरदार रहा है. उस वक्त मुसलामानों को जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ा आज भी वह तारीख का हिस्सा है. आज भी वह सब लोगों को याद है. इसलिए एक फोटो को लेकर इतना विवाद खड़ा करना उचित नहीं है. आगरा उनके फोटो से कुछ लोगों को ऐतराज है तो उसे उतार देना चाहिए.

मौलाना शहाबुद्दीन ने आगे कहा कि जिन्ना अब हमारे मुल्क का हिस्सा नहीं हैं. वे दुश्मन मुल्क का हिस्सा हैं. दुश्मन मुल्क पाकिस्तान है और वे उसके संस्थापक हैं. लिहाजा हमारे मुल्क में ऐसे लोगों की या उनके फोटो की जरुरत नहीं है. देश में जहां-जहां भी जिन्ना की तस्वीरें लगीं हैं उन सबको उतार देना चाहिए.

बता दें एएमयू में जिन्ना की तस्वीर को लेकर छात्र और हिंदूवादी संगठनों के बीच मारपीट की नौबत तक आ गई थी. जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था.
First published: May 8, 2018, 12:45 PM IST
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