पद जाने पर छलका योगी के पूर्व मंत्री का दर्द, बोले- दोषी पाएं तो मुझे जेल भेज दें
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पद जाने पर छलका योगी के पूर्व मंत्री का दर्द, बोले- दोषी पाएं तो मुझे जेल भेज दें
पद जाने पर छलका योगी के पूर्व मंत्री का दर्द, बोले- दोषी पाएं तो मुझे जेल भेज दें.

मंत्रीपद जाने पर योगी सरकार के पूर्व मंत्री धर्मपाल सिंह का दर्द छलक पड़ा है. इस्तीफा देने के बाद बरेली में पहली बार धर्मपाल सिंह ने यूपी के बरेली में सार्वजनिक रूप से कहा कि, “सरकार मेरे 2.4 साल के कार्यकाल की जांच करा ले, दोषी पाएं तो मुझे जेल भेज दे."

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मंत्रीपद जाने पर योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार के पूर्व मंत्री धर्म पाल सिंह (Dharam Pal Singh) का दर्द छलक पड़ा है. इस्तीफा देने के बाद बरेली (Bareilly) में पहली बार धर्मपाल सिंह ने यूपी के बरेली में सार्वजनिक रूप से कहा कि, “सरकार मेरे 2.4 साल के कार्यकाल की जांच करा ले, दोषी पाएं तो मुझे जेल भेज दे. अगर मैं दोषी पाया गया तो विधायकी से भी मैं इस्तीफा दे दूंगा. मेरा सार्वजनिक जीवन बेदाग है.”  बरेली पहुंचकर भावुक हुए धर्मपाल सिंह ने कहा कि बरेली में मेरी कोई कोठी नहीं है. इससे पहले अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार (Cabinet Expansion) के बाद विभागों के बंटवारे में भी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने परफॉरमेंस को तवज्जो दी है.

'काम को इनाम' पालिसी की झलक देखने को मिली
गुरुवार देर रात मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में भी 'काम को इनाम' पालिसी की झलक देखने को मिली. कुछ मंत्रियों से अहम पद छीन लिए गए तो वहीं कई अन्य को प्रमोशन देते हुए अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है. स्वास्थ्य, नगर विकास, आबकारी, अल्पसंख्यक कल्याण और खेल जैसे अहम विभागों के मंत्री बदल दिए गए हैं. मुख्यमंत्री और दोनों डिप्टी सीएम के विभाग यथावत हैं.

इन मंत्रियों के पर कतरे
विभागों के बंटवारे में जिन मंत्रियों के पर कतरे गए हैं उनमे अहम नाम सिद्धार्थनाथ सिंह, नंदगोपाल नंदी, लक्ष्मी नारायण, चेतन चौहान का नाम शामिल है. सिद्धार्थनाथ सिंह से स्वास्थ्य विभाग ले लिया गया है. उन्हें खाड़ी व ग्रामोद्योग एयर एमएसएमई विभाग मिला है. कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने उनके विभाग के सभी ट्रांसफर रोक दिए थे. नंद गोपाल नंदी के स्टाम्प विभाग के 300 से अधिक तबादले रद्द करने के बाद उनसे यह विभाग छीन लिया गया है. लेकिन उन्हें अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी दे दी गई है. लक्ष्मी नारायण चौधरी से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग वापस लेते हुए पशुधन विभाग दिया गया है. जहरीली शराबों से मौतों के बीच जयप्रताप सिंह से आबकारी ले लिया गया है, लेकिन उन्हें स्वास्थ्य जैसा अहम महकमा दिया गया है. पूर्व क्रिकेटर चेतन चुन भी खेल विभाग नहीं बचा पाए. उन्हें सैनिक कल्याण, होमगार्ड्स, प्रांतीय रक्षक दल एवं नागरिक सुरक्षा दिया गया है.



रिपोर्ट - हरीश शर्मा 
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