'पाकिस्तान शत्रु है, इसमें सन्देह नहीं, हमारे मुस्लिम हमारे हैं, इसमें भी कोई संदेह नहीं'

कासगंज हिंसा: बरेली के जिलाधिकारी ने फेसबुक पोस्ट पर दी सफाई

भाषा
Updated: January 31, 2018, 7:53 AM IST
'पाकिस्तान शत्रु है, इसमें सन्देह नहीं, हमारे मुस्लिम हमारे हैं, इसमें भी कोई संदेह नहीं'
कासगंज हिंसा: बरेली के जिलाधिकारी ने फेसबुक पोस्ट पर दी सफाई
भाषा
Updated: January 31, 2018, 7:53 AM IST
कासगंज में सांप्रदायिक हिंसा के बाद उपजे तनाव के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अराजकता फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा.

उधर फेसबुक पोस्ट को लेकर विवादों में घिरे बरेली के जिलाधिकारी राघवेंद्र विक्रम सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी पोस्ट बरेली में कांवड यात्रा के दौरान आई कानून व्यवस्था की समस्या को लेकर थी. उन्हें उम्मीद थी कि इस पर स्वस्थ चर्चा होगी लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण ढंग से इसने कुछ दूसरा ही मोड़ ले लिया.

सिंह ने पूर्व की फेसबुक टिप्पणी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसे अपने फेसबुक वाल से हटा लिया.

उन्होंने फेसबुक पर अपनी पहली पोस्ट में लिखा था, 'अजब रिवाज बन गया है. मुस्लिम मुहल्लों में जबरदस्ती जुलूस ले जाओ और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाओ. क्यों भाई वे पाकिस्तानी हैं क्या? यही यहां बरेली में खैलम में हुआ था. फिर पथराव हुआ. मुकदमे लिखे गए.' सिंह ने यह फेसबुक टिप्पणी 28 जनवरी को की थी.



बरेली के जिलाधिकारी राघवेन्द्र विक्रम सिंह ने एक दूसरी फेसबुक पोस्ट में कहा कि हम चर्चा इसलिए करते हैं ताकि हम बेहतर हो सकें. ऐसा लगता है कि इससे बहुत से लोगों को आपत्ति भी है और तकलीफ भी.

सिंह ने कहा कि उनकी मंशा किसी को कोई कष्ट देने की नहीं थी. सांप्रदायिक माहौल सुधारना हम लोगों की प्रशासनिक एवं नैतिक जिम्मेदारी है. मुस्लिम हमारे भाई हैं, हमारे ही रक्त.हमारा डीएनए एक ही है.हमें उन्हें वापस लाना नहीं आया, इस पर फिर कभी. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान शत्रु है, इसमें कोई सन्देह नहीं है. हमारे मुस्लिम हमारे हैं, इसमें भी कोई संदेह नहीं है. मैं चाहता हूं कि यह विवाद खत्म हो. साथ ही उन्होंने अपनी पूर्व की पोस्ट से किसी के आहत होने पर माफी भी मांगी है.

पुलिस के अनुसार कासगंज में हालात तनावपूर्ण किन्तु नियंत्रण में हैं. हिंसा की छिटपुट वारदात की खबर है.

कासगंज के जिलाधिकारी आर पी सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि अमनपुर में कुछ असामाजिक तत्वों ने ईदगाह की दीवार पर बने गुंबद को क्षतिग्रस्त कर तनाव फैलाने का प्रयास किया हालांकि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने तत्काल स्थिति नियंत्रित कर ली.

शहर में बडी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया है । रैपिड एक्शन फोर्स :आरएएफ: और पीएसी के जवान स्थिति पर नजर बनाये हुए हैं. अफवाहें फैलाने वालों और उपद्रवियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'हर नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है.' उन्होंने कहा, 'भ्रष्टाचारियों और अराजकता फैलाने वालों से पूरी सख्ती से निपटा जाएगा.'

राज्य सरकार के प्रवक्ता कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने इस प्रकरण पर कहा कि यह अत्यंत दुखद घटना है और सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है.

शर्मा ने योगी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद 'भाषा' से कहा कि संबद्ध जिलाधिकारी एवं पुलिस कप्तान को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना होने पाए.

बरेली जिलाधिकारी की फेसबुक पोस्ट पर किये गये सवाल पर शर्मा ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों का कर्तव्य है कि वे अमन चैन सुनिश्चित करें. व्यवस्था को ठीक रखें.इस तरह की टीका टिप्पणी से बचना चाहिए.

कासगंज की सांप्रदायिक हिंसा को लेकर केन्द्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि कासगंज हिंसा सुनियोजित लगती है. समाज में इस तरह की घटनाओं में लिप्त किसी को भी योगी आदित्यनाथ सरकार बख्शेगी नहीं.

उन्होंने कहा कि एक नौकरशाह ने भी 'पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नारे को लेकर कुछ टिप्पणी की है. 'मैं कहना चाहता हूं कि पाकिस्तान मुर्दाबाद का नारा क्यों ना लगाया जाए जबकि पाकिस्तान हमारे सैनिकों को मारता है और वह सीमा पार से आतंकवाद फैलाने में शामिल है.'

इस बीच भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि कासगंज की घटना दु:खद है. लगता है कि 'पाकिस्तान परस्त लोग आ गए हैं जो राष्ट्रीय ध्वज को स्वीकार नहीं कर रहे हैं, वे पाकिस्तान के झंडे को स्वीकार कर रहे हैं. पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे लगाने वालों के खिलाफ सख्त होनी चाहिए.' खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि इस प्रकरण का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए.

उधर ताजा घटनाक्रम में एक दुकानदार के स्टोर को कल रात आग लगा दी गई. दुकानदार ने कहा कि वह इलाके का अकेला मुस्लिम दुकानदार है. 'मैं यहां 20 साल से रह रहा हूं लेकिन हमें कभी कोई दिक्कत नहीं आई.' राज्यपाल राम नाईक ने घटना पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि यह राज्य की छवि पर धब्बा है.

 
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