होम /न्यूज /उत्तर प्रदेश /Bareilly: बरेली के इस मंदिर में लेटे हुए हमनुमान जी के दर्शन मात्र से दूर होता है दुख-दर्द!

Bareilly: बरेली के इस मंदिर में लेटे हुए हमनुमान जी के दर्शन मात्र से दूर होता है दुख-दर्द!

यूपी के बरेली में लेटी हुई मुद्रा में भगवान हनुमान के दुर्लभ दर्शन मिलते हैं. मंदिर के महंत सोवरन दास बताते हैं कि हनुम ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: अंश कुमार माथुर

    बरेली. यूपी के बरेली शहर से महज 5 किलोमीटर दूर बरेली रामगंगा तट पर दुर्लभ मुद्रा में लेटे हुए हनुमान जी का प्राचीन मंदिर स्थित है. हालांकि बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी होगी की यहां भी संगम नगरी प्रयागराज की तर्ज पर प्राचीन राम जानकी मंदिर है. बरेली में प्रवाहमान रामगंगा नदी का उद्गम स्थल भगवान परशुराम की तपोभूमि द्रोणागिरी के भटकोट शिखर और ब्रम्हापर्वत के बीच से होता है. भगवान परशुराम की तपोभूमि से उद्गम होना ही इस नदी को रामगंगा बना देता है. इसी रामगंगा तट पर नाथ नगरी बरेली में भगवान शंकर के 11वें रुद्र अवतार और भगवान राम के प्रिय हनुमान जी का यह राम जानकी मंदिर है, जहां लेटी हुई मुद्रा में भगवान हनुमान के दुर्लभ दर्शन मिलते हैं.

    मंदिर के महंत सोवरन दास बताते हैं कि हनुमान जी के इस स्वरूप के दर्शन मात्र से ही जीवन के दुख-दर्द दूर हो जाते हैं. लोगों की सभी मांगी गई मुरादें भी बहुत जल्द पूरी हो जाती हैं. यह मंदिर लगभग 200 साल से भी अधिक पहले से अस्तित्व में है. मंदिर प्रांगण में प्राचीन वट वृक्ष के नीचे अंजनी सुत भगवान हनुमान जी की लेटी हुई मुद्रा में प्रतिमा बनी हुई है. इसके पीछे की पौराणिक कथा यह है कि राम-रावण युद्ध के दौरान जब लक्ष्मण को रावण के पुत्र मेघनाद ने युद्ध में शक्ति प्रहार से मुर्छित कर दिया था, तब उनको बचाने के लिए हनुमान संजीवनी बूटी का पर्वत लेकर आकाश मार्ग से गुजर रहे थे, तभी उन्हें भरत ने देख लिया और उन्हें शत्रु समझकर उन पर हमला करते हुए बाण मारा था. बाण लगने से हनुमान जी मूर्छित होकर धरती पर आ गए थे. उसी मुद्रा में आज भी बरेली के इस मंदिर में लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा मौजूद है.

    महंत सोबरन दास को दी गई जिम्मेदारी
    मंदिर के मंहत सोवरदास ने बताया कि इस मंदिर को सबसे पहले मंहत झाउदास जी महाराज ने स्वरूप दिया था. उनके ब्रह्मलीन होने के बाद उनके शिष्य हरनाम दास, उनके बाद सर्वेसुरदास, फिर सर्वेसुरदास ने रामरतन दास महाराज और फिर रामरतन महाराज ने महंत सोबरन दास को मंदिर सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी है. वर्तमान में महंत सोवरन दास इस मंदिर में सरवाकार के रूप में मौजूद है. मंदिर प्रांगण में हनुमान जी मंदिर के ऊपरी हिस्से में भगवान राम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमान जी के राम दरबार स्वरूप में दर्शन होते है. वहीं, यहां भगवान लक्ष्मीनारायण गरुड़ देव के साथ विराजमान हैं. आपको बता दें मंदिर का पहला मुख्य द्वार रामगंगा तट पर बना हुआ है, तो वहीं दूसरा द्वार अब बरेली से बदायूं जाने वाले नेशनल हाईवे के रामगंगा पुल के दूसरे छोर पर बन गया है. इस वैकल्पिक मार्ग बनने के बाद से श्रृद्धालु अब यहीं से मंदिर दर्शन करने के लिए जाते हैं.

    lord Hanuman

    Tags: Bareilly news, Lord Hanuman

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें