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बेटी को दफनाने गए पिता को 3 फुट गहरे गड्ढे में मिली जिंदा बच्ची, नाम रखा 'सीता'

News18 Uttar Pradesh
Updated: October 14, 2019, 11:26 AM IST
बेटी को दफनाने गए पिता को 3 फुट गहरे गड्ढे में मिली जिंदा बच्ची, नाम रखा 'सीता'
पिता, मृत बच्ची को दफनाने श्मशान पहुंचा और उसने बच्ची को दफनाने के लिए गड्ढा खुदवाना शुरू किया. करीब तीन फुट की खुदाई के बाद फावड़ा किसी चीज से टकराया.

पिता, अपनी मृत बच्ची को दफनाने श्मशान (Cremation Ground) पहुंचा और उसने बच्ची को दफनाने के लिए गड्ढा खुदवाना शुरू किया. करीब तीन फुट की खुदाई के बाद फावड़ा किसी चीज से टकराया. फिर...

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बरेली. रामायण (Ramayan) के अनुसार मिथिला के राजा जनक को खेत में हल जोतते समय एक मटके से सीता माता (Goddess Sita) की प्राप्ति हुई थी. कुछ ऐसा ही देखने को मिला बरेली (Bareilly) में जहां पर श्मशान भूमि (Cremation Ground) में खुदाई के दौरान जमीन के अंदर मटके में बंद एक बच्ची मिली. दरअसल कोई, जिंदा बच्ची को मटके में बंद कर वहां दफन कर गया था. 3 फुट गहरे गड्ढे में मटके से जिंदा मिलने वाली बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार शुरू हुआ.

मृत बच्ची को दफनाते वक्त मिली ‘सीता’
सीबीगंज के रहने वाले हितेश कुमार की पत्नी वैशाली, महिला दरोगा हैं. गर्भावस्था के बाद उन्होंने प्रीमेच्योर बच्ची को जन्म दिया, जिसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई. हितेश, मृत बच्ची को दफनाने श्मशान पहुंचे और उन्होंने बच्ची को दफनाने के लिए गड्ढा खुदवाना शुरू किया. करीब तीन फुट की खुदाई के बाद फावड़ा किसी चीज से टकराया. ऐसे में जब मिट्टी हटा कर देखा गया तो अंदर से एक मटका निकला. मटके के अंदर एक बच्ची थी जिसकी सांस चल रही थी. यह देख कर सभी लोग हैरान रह गए.

हितेश ने मटके से निकली बच्ची को अपने सीने से लगा लिया. बच्ची रो रही थी तो उसके लिए दूध का इंतजाम किया गया. हितेश ने इस दौरान पुलिस को भी सूचना दे दी और पुलिस ने बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. इसके बाद हितेश ने अपनी मृत बच्ची को दफन किया. बच्ची को कौन गड्ढे में दबा गया इसकी जानकारी नहीं हो पाई है. इस बच्ची का नाम अस्पताल के स्टाफ ने सीता रखा है.

पुलिस ने शुरू की तलाश
पुलिस अधीक्षक (सिटी) अभिनंदन सिंह ने रविवार को बताया कि बरेली शहर के सीबीगंज स्थित वेस्टर्न कॉलोनी के निवासी हितेश कुमार सिरोही के घर गुरुवार को एक बच्ची ने जन्म लिया, जिसकी कुछ देर बाद ही मौत हो गई थी. उन्होंने बताया कि हितेश शाम को ही बच्ची को दफनाने के लिए श्मशान पहुंचे और गड्ढा खुदवाया. करीब तीन फुट गड्ढा खोदने पर मजदूर का फावड़ा एक घड़े से टकराया. घड़े को जब बाहर निकाला गया तो उसके अंदर एक नवजात बच्ची थी. वह जिंदा थी और उसकी सांसें काफी तेज चल रही थीं.

सिंह ने बताया कि हितेश ने उस बच्ची को अपना लिया है. फिलहाल उसका बरेली के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है. मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि बच्ची की हालत में सुधार है.
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पुलिस ने शुरू की तलाश
वहीं इस मामले में एसपी सिटी अभिनंदन सिंह का कहना है कि जिस किसी ने भी इस बच्ची को जिंदा दफन करने का अमानवीय कृत्य किया है ,उसे सजा जरूर दी जाएगी. उन्होंने कहा की कि पुलिस की टीमें उस परिवार की तलाश में जुट गई हैं जिन्होंने बच्ची को मटके में जिंदा दफन किया है. उनका कहना है कि सादी वर्दी में भी पुलिस की टीमें तलाश में जुट गई हैं.

(रिपोर्ट- विकास सक्सेना)

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First published: October 11, 2019, 8:05 PM IST
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