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बरेली के पैडमैन से मिलिए, जिसने आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं की सेहत सुधारने के लिए ये बैंक खोला

बरेली के युवा चित्रांश सक्सेना ने एक अनोखा बैंक खोला है, महिलाओं की आर्थिक सेहत को दुरुस्त करने में मदद कर रहा है.

बरेली के युवा चित्रांश सक्सेना ने एक अनोखा बैंक खोला है, महिलाओं की आर्थिक सेहत को दुरुस्त करने में मदद कर रहा है.

पैड मैन के नाम से प्रसिद्ध तमिलनाडु के रहने वाले अरुणाचलम मुरुगनाथम (Arunachalam Muruganantham) से प्रेरित बरेली के एक युवक चित्रांश सक्सेना ने आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए पैड बैंक खोला है.

  • Last Updated: March 3, 2021, 7:57 AM IST
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बरेली. आमतौर पर आपने रुपए का लेनदेन करने के लिए बैंक का नाम सुना होगा, लेकिन अब ऐसे अनूठे बैंक के बारे में जान लीजिए जो खास तौर पर महिलाओं, किशोरियों को पीरियड के दौरान होने वाली बीमारियों से बचाने का काम कर रहा है. असल में, ये बैंक आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं और किशोरियों को निःशुल्क सैनेटरी पैड मुहैया कराने के लिए एक युवा की पहल है, जिसका हर तरफ तारीफ हो रही है.

पैड मैन के नाम से प्रसिद्ध तमिलनाडु के रहने वाले अरुणाचलम मुरुगनाथम (Arunachalam Muruganantham) से प्रेरित होकर बरेली के वीर सावरकर नगर कॉलोनी निवासी बीसीए छात्र चित्रांश सक्सेना पैड बैंक खोलने की ठानी और वर्ष 2018 को पैड बैंक खोलकर इसकी शुरुआत कर दी. डेलापीर के पास वीर सावरकर नगर चौराहे पर इस बैंक को खोला गया है. इस में 10 छात्र छात्राएं हैं, जो इस अनोखे बैंक का काम संभालते हैं. ये सभी छात्र छात्राएं अलग अलग कॉलेजों में पढ़ाई कर रहे हैं और अपनी पॉकेट मनी से पैड बैंक का संचालन कर रहे हैं.

ये लोग गांव और शहर के आसपास के इलाके में जाकर महिलाओं और किशोरियों को जागरूक कर सैनेटरी पैड इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं. अगर उनके पास पैड खरीदने के पैसे नहींं हैं, तो उन्हें निःशुल्क पैड दिए जाते हैं. इस काम के लिए चित्रांश सक्सेना को कई अवार्ड भी मिल चुके हैं और उसका नाम लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी दर्ज किया जा चुका है.



लड़कियां संभालती हैं बैंक 
महिलाओं और किशोरियों को सैनेटरी पैड के प्रति प्रेरित करने का काम पैड बैंक की लड़कियां बख़ूबी अंज़ाम दे रही हैं और उन्हें जागरूक भी कर रही हैं. बैंक की सदस्य तनिष्ठा पराशर ने बताया कि इस बैंक में दर्जन भर लोग काम कर रहे हैं. जहां लड़के होने की वजह से काम में दिक्कत होती है तो लड़कियों की ये टीम कमान संभालती है और उसे पूरा करती है.

जरुरत मंद महिलाओं को घर तक पहुंचाते हैं पैठ

चित्रांश ने बताया कि हमारी टीम शहर से लेकर देहात तक काम कर रही है हमारा मुख्य फोकस शहर की झुग्गी झोपड़ियां हैं. हर तबके की महिलाएं हर महीने इस पैड बैंक में आकर पैड ले सकती हैं और जो आने में असमर्थ हैंं उनके लिए पैड उनके घरों तक पहुंचा दिया जाता है. इस अनूठे बैंक से लाभ लेने वाली महिलाएं बैंक की तारीफ कर रही हैं और बीमारियों से भी सचेत हो रही हैं.
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