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बरेली फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैंगरेप, छेड़छाड़ मामले में 3 को ठहराया दोषी, सुनाई 20 साल की सज़ा
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News18 Uttar Pradesh
Updated: January 18, 2020, 8:00 AM IST
बरेली फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गैंगरेप, छेड़छाड़ मामले में 3 को ठहराया दोषी, सुनाई 20 साल की सज़ा
शिव सेना नेता पंकज पाठक और हिन्दू युवा वाहिनी जितेंद्र शर्मा और अविनाश को स्पेशल जज श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने सजा सुनाई है

फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया पंकज पाठक का दावा है कि वो शिवसेना का जिलाध्यक्ष है. वहीं दो अन्य दोषी जितेंद्र शर्मा और अविनाश कथित तौर पर हिंदू युवा वाहिनी के सदस्य हैं

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बरेली. फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) ने गैंगरेप (Gang Rape), छेड़खानी (Molestation), रंगदारी (Extortion) जैसे कई संगीन मामलों में दोषी ठहराए गए तीन लोगों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. जिन तीन दोषियों को ये सजा सुनाई गई है उनके नाम हैं पंकज पाठक, जितेंद्र शर्मा और अविनाश. ये तीनों खुद को हिंदू युवा वाहिनी (Hindu Yuva Vahini) और शिवसेना (Shiv Sena) का नेता बताते हैं. कोर्ट ने अपने फैसले में दोषियों पर 87 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.

दर्जन भर मामलों में नामजद हैं
दोषी ठहराया गया पंकज पाठक खुद को शिवसेना का जिलाध्यक्ष बताता है. वहीं दो अन्य दोषी जितेंद्र शर्मा और अविनाश कथित तौर पर हिंदू युवा वाहिनी के सदस्य हैं. शिवसेना के सदस्यों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पंकज के इस दावे का खंडन किया है. पंकज पाठक के खिलाफ छेड़छाड़, रेप, रंगदारी जैसे कई मामलों के साथ उस पर गैंगस्टर और गुंडा एक्ट भी लग चुका है. गैंगरेप मामले में पंकज पाठक, अविनाश और जितेंद्र शर्मा को बीस-बीस साल कैद की सजा सुनाई गई है.

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फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा दोषी ठहराया गया पंकज पाठक और उसका एक साथी (फाइल फोटो)


रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2017 में गैंगरेप के अलावा पंकज पाठक और उसके साथियों जितेंद्र शर्मा और अविनाश पर कई अन्य मामले भी दर्ज हैं. पंकज पाठक की गुंडागर्दी का आलम यहां तक बताया जाता है कि उसने वर्ष 2013 में भीड़ के सामने क्राइम ब्रांच के सिपाही का हाथ तोड़ दिया था. इसके अलावा उस पर एक छात्रा को रास्ते में बेल्ट से पीटने और छेड़छाड़ का केस भी दर्ज है. पंकज और उसके साथियों पर घर में घुसकर हमला करने, मारपीट, रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी जैसे कई मामले दर्ज हैं.

डीजीसी सुनीति कुमार पाठक का कहना है कि इस मामले में गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज श्रीकृष्ण चंद्र सिंह ने तीनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा और 87 हजार रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया है.

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First published: January 18, 2020, 12:47 AM IST
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