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पंचायत चुनाव में बरेली पुलिस को IAF के मृत जवान से शांति भंग का खतरा, भेजा मुचलका पाबंद का नोटिस

मृतक नेपाल सिंह की फोटो के साथ उनकी पत्नी

मृतक नेपाल सिंह की फोटो के साथ उनकी पत्नी

UP Panchayat Elections 2021: पंचायत चुनाव के मद्देनजर बरेली की कैंट पुलिस ने शांति भंग की आशंका जताते हुए एसडीएम को रिपोर्ट भेजी, जिसमें मृतक नेपाल सिंह को मुचलका पाबंद कर दिया गया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 8, 2021, 12:45 PM IST
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बरेली. उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस का अजीब कारनामा सामने आया है. पुलिस ने एक ऐसे शख्स से शांति भंग की आशंका के चलते मुचलका पाबंद कर दिया है, जिसकी मृत्यु दो साल पहले साल 2019 में ही हो चुकी है. मृतक नेपाल सिंह को भारतीय वायुसेना में नौकरी करते वक्त यूएन ने शांति दूत मानकर सम्मानित भी किया था, लेकिन बरेली पुलिस ने पूर्व सैनिक से शांति भंग का खतरा बताया दिया. मरे हुए पूर्व सैनिक का मुचलका पाबंद का नोटिस पाकर घरवाले हैरान रह गए और अधिकारियों के चक्कर काटकर इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं.

पंचायत चुनाव के मद्देनजर बरेली की कैंट पुलिस ने शांति भंग की आशंका जताते हुए एसडीएम को रिपोर्ट भेजी, जिसमें मृतक नेपाल सिंह को मुचलका पाबंद कर दिया गया. पुलिस की लापरवाही की जानकारी मिलते ही एसएसपी ने चौकी इंचार्ज विदेश शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है.

बरेली पुलिस को शांति भंग की आशंका 
नेपाल सिंह भारतीय वायुसेना में कार्यरत थे और बीमारी के चलते वीआरएस ले ली थी. उसी बीमारी के चलते दिसंबर 2019 में नेपाल सिंह की मृत्यु हो गई. जिला प्रशासन ने मृत्यु का प्रमाण पत्र भी जारी कर दिया, लेकिन बरेली की कैंट पुलिस को पंचायत चुनाव में नेपाल सिंह से शांति भंग की आशंका है. कैंट पुलिस को लगता है कि नेपाल सिंह मौत के दो साल बाद भी आगामी पंचायत चुनावों में शांति व्यवस्था को खराब कर सकते हैं.
नोटिस में बेटे का भी नाम शामिल 


शांति भंग की आशंका में मुचलका पाबंद नोटिस में न केवल मृतक नेपाल सिंह का नाम है, बल्कि उनके बेटे प्रदीप का भी जिक्र है जो सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम करता है. नेपाल सिंह के घरवालों की माने तो कुछ दिन पहले दो पुलिसकर्मी उनके घर आए और एक जरूरी कागज बता कर उन्हें नोटिस दे दिया और साइन करा कर चले गए. जैसे ही उन्होंने नोटिस को गौर से पढ़ा तो हमारे होश उड़ गए.

परिवार लगा रहा अधिकारियों के चक्कर 
घरवालों की माने तो साल 2019 में नेपाल सिंह की मृत्यु हो चुकी है. जिस व्यक्ति ने लंबे समय तक भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दीं वह व्यक्ति मरने के बाद पंचायत चुनाव में शांति व्यवस्था को भंग कर सकता है, यह सब सोचकर घरवालों के पैरों तले जमीन खिसक गई. वे अपनी फरियाद लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाने लगे. मृतक नेपाल सिंह की पत्नी कहती हैं कि क्या कोई मरने के बाद भूत बनकर शांति व्यवस्था को भंग कर सकता है?
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