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बस्ती: 3 साल से गायब युवक को ढूंढ रहा पिता, कोर्ट के आदेश के बाद दरोगा और 2 पुलिस कांस्टेबल पर FIR

बस्ती: 3 साल से गायब युवक को ढूंढ रहा पिता, कोर्ट के आदेश के बाद दरोगा और 2 पुलिस कांस्टेबल पर FIR

बस्ती के में पैकवलिया थाने में 2018 से लापता एक युवक के मामले में पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है.

बस्ती के में पैकवलिया थाने में 2018 से लापता एक युवक के मामले में पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की गई है.

FIR AGAINST POLICE: बस्ती में 2018 में एक लड़की के साथ शिवकुमार भाग गया था. पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया, लेकिन शिवकुमार का तब से पता नहीं चला. 3 साल से पिता अपने लापता बेटे को ढूंढ रहा है. अब कोर्ट के आदेश के बाद उस समय की पुलिस टीम पर एफआईआर हो गई है.

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बस्ती. महेश कुमार का बेटा शिवकुमार जिंदा है या मर चुका, वो कहां है इसका जवाब किसी के पास नहीं है. तीन साल पहल एक प्रेम प्रसंग और फिर घर से भागने के बाद लड़की तो बरामद कर ली गई, लेकिन तभी से शिवकुमार लापता है. महेश कुमार अपने बेटे को खोजते-खोजते और पुलिस के सामने गुहार लगाते थक चुके, हार कर हाईकोर्ट की चौखट का सहारा लिया. बेटा तो अब तक नहीं मिला, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद उत्तर प्रदेश के बस्ती (Basti) जिले में पैकवलिया थाने में 2018 में तैनात एसआई अरविंद कुमार व दो कॉन्स्टेबल के खिलाफ पुलिस ने धारा 364, 120B के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. इनके ऊपर वादी महेश के बेटे शिव कुमार को षड्यंत्र कर गायब करने का आरोप है.

आपको बता दें लापता शिव कुमार का एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था. 2018 में शिव कुमार लड़की को लेकर भाग गया, जिसके बाद लड़की के भाई रविकांत ने 11 सितंबर 2018 को अपनी बहन की गुमशुदगी और अपहरण की तहरीर दी. तहरीर पर थाने में तैनात तत्कालीन दरोगा अरविंद कुमार राय और दो कॉन्स्टेबल ने लड़की की खोजबीन शुरू की. लड़की को पुलिसवालों ने बरामद कर लिया, लेकिन लड़का शिवकुमार 2018 से लापता है.

हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया
लापता लड़के के पिता महेश ने थाने पर अपने लड़के की बरामदगी के लिए कई बार गुहार लगाई और कई बार प्रयास किया, लेकिन थाने पर तैनात दरोगा अरविंद और दो कॉन्स्टेबल उन्हें घुमाते रहे. लापता युवक के पिता ने पुलिस पर लड़के को षड्यंत्र कर गायब करने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. वादी ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब लड़का और लड़की एक साथ भागे थे तो लड़की बरामद हुई, लेकिन उनका लड़का बरामद क्यों नहीं हुआ?

पुलिस ने गुमशुदगी दिखाकर लगा दी थी चार्जशीट
पुलिस ने इस पूरे मामले में लड़के की गुमशुदगी दिखाकर चार्जशीट लगा दी थी. मामले का कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए तत्कालीन दरोगा और दो कॉन्स्टेबल पर मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया, जिसके बाद इनके खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है.

लापता युवक की बरामदगी के लिए पुलिस टीम गठितः एसपी
एसपी आशीष श्रीवस्तव का कहना है कि 2018 में लड़की के परिजनों की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था. बाद में शिव कुमार का नाम प्रकाश में आया था. लड़की को बरामद कर लिया गया था, लेकिन शिव कुमार की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी. बाद में शिव कुमार के पिता ने उच्च न्यायालय में रिट दाखिल की. उसी के क्रम में हम लोगों ने एएसपी और सीओ के नेतृत्व में शिव कुमार की बरामदगी और गिरफ्तार करने के लिए टीम गठित की गई है. साथ ही लापता युवक के पिता महेश द्वारा उस वक्त जो पुलिस टीम थी, उनके खिलाफ और लड़की के भाई रवि के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है.

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Tags: Crime in up, UP news updates, UP Police उत्तर प्रदेश, Young missing

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