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Motivational Story: सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने पुरस्कार में मिली राशि से बनवाया विज्ञान प्रयोगशाला

पुरस्कार की राशि से बना लैब 

पुरस्कार की राशि से बना लैब 

Dedicated Teacher: अनुसरना सिंह बस्ती जिले के सदर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक स्कूल महरीपुर की अध्यापिका हैं. 5 सितंबर 2022 ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट : कृष्ण गोपाल द्विवेदी

बस्ती. बस्ती में एक ऐसी सरकारी शिक्षिका हैं, जो पुरस्कार में मिली धनराशि से विज्ञान प्रयोगशाला बनाकर गरीब बच्चों की जिंदगी संवारने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने स्कूल में प्रयोगशाला न होने के कारण बच्चों में विज्ञान के प्रति घटती रुचि को देखते हुए प्रयोगशाला स्थापित करने की ठानी. अब इस काम के लिए शिक्षिका अनुसरना सिंह की चौतरफा प्रशंसा हो रही है. अनुसरना सिंह ने विज्ञान को लेकर काफी वीडियो भी बनाए हैं, जिनके माध्यम से बच्चों को सीखने में आसानी भी हो रही है.

अनुसरना सिंह जिले के सदर ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक स्कूल महरीपुर की अध्यापिका हैं. 5 सितंबर 2022 को राज्य शिक्षक पुरस्कार से प्रदेश के शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने इन्हें सम्मानित किया था. बतौर पुरस्कार इन्हें 25 हजार रुपए का चेक, प्रशति पत्र और मेडल दिया गया था. अनुसरना सिंह ने मिसाल स्थापित करते हुए पुरस्कार में मिली धनराशि को अपने विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला बनाने में लगा दिया.

शुरू में सफर थोड़ा मुश्किल था

संसाधनों की कमी की वजह से उनको अपना ये सफर मुश्किल लगने लगा था. लेकिन जैसे ही उनको यूपी सरकार द्वारा सम्मान मिला. तो उन्होंने इस राशि का इस्तेमाल प्रयोगशाला बनाने में कर लिया. आज अध्यापिका अनुसरना सिंह लगभग 140 बच्चों की जिंदगी को संवारने का कार्य कर रही हैं.

बच्चों को पढ़ाने में होती थी दिक्कत

बता दें कि इस विद्यालय में 140 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं. लेकिन उनके लिए न ही बैठने का कोई इंतजाम है और न ही पर्याप्त शिक्षक हैं. यहां पर विद्यार्थी जमीन पर बैठकर पढ़ते हैं. यहां मात्र दो शिक्षिकाएं नियुक्त हैं. कम शिक्षक होने से बच्चों के पठन-पाठन में काफ़ी दिक्कतें आती हैं. उच्च अधिकारियों से लोगों द्वारा इसकी शिकायत भी की गई. लेकिन अभी तक समस्या का निराकरण नहीं किया गया.

विज्ञान का दैनिक जीवन में महत्त्व

शिक्षिका अनुसरना सिंह ने बताया कि बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए किताबी नॉलेज के साथ साथ प्रैक्टिकल नॉलेज भी ज्यादा जरूरी है. इसलिए मैंने पुरस्कार में मिले 25 हजार रुपए के साथ-साथ अपने पास से 10 हजार रुपए लगाकर प्रयोगशाला बनवाया. अनुसरना कहती हैं कि विज्ञान का दैनिक जीवन में काफी महत्त्व है. इसके माध्यम से हम बच्चों को वैज्ञानिक तौर तरीके से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं. आगे भी हमारी यह कोशिश जारी रहेगी.

Tags: Basti news, Government School, UP news

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