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ट्रंप का भारत दौरा: डेलिगेशन के साथ आ रही गांव की बेटी से मुलाकात का लोगों को है इंतजार
Basti News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 22, 2020, 8:23 PM IST
ट्रंप का भारत दौरा: डेलिगेशन के साथ आ रही गांव की बेटी से मुलाकात का लोगों को है इंतजार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे में उनके साथ आ रही हैं रीता बरनवाल (फ़ाइल तस्वीर)

रीता (Rita Baranwal)को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प (Donald Trump) के प्रस्ताव पर जून 2019 में प्रमाणु ऊर्जा विभाग के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया. अब वो राष्ट्रपति ट्रंप के डेलिगेशन के साथ भारत के दौरे पर आ रही हैं.

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बस्ती. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप (US President Donald Trump) के आगामी भारत दौरे को लेकर उत्तर प्रदेश के बस्ती जनपद में भी खासा उत्साह देखने को मिल रहा है. क्योंकि बस्ती जनपद के बहादुरपुर गांव की बेटी रीता बरनवाल भी अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत आ रही हैं. बता दें कि रीता अमेरिका के परमाणु ऊर्जा विभाग (Atomic Energy Department) में उच्च पद पर कार्यरत हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ रीता के भी भारत दौरे पर आने की सूचना के बाद उन के पैतृक गांव बहादुरपुर में खुशी की लहर है. गांव वालों की सरकार से मांग है कि उनकी बेटी को उसके पैतृक गांव भी भेजा जाये. साथ ही उनके रिश्तेदारों ने अमेरिकी दूतावास से भी उनसे मिलने की अनुमति के लिए आवेदन पत्र भेजा है.

बता दें कि अमेरिका के परमाणु ऊर्जा विभाग की प्रमुख रीता बरनवाल के पिता कृष्ण चन्द्र बरनवाल चार भाई थे. रीता के पिता कृष्ण चन्द्र बरनवाल ने आईआईटी खड़गपुर के टॉपर थे और 1968 में वे पीएचडी करने के लिए अमेरिका चले गए. पीएचडी कम्पलीट करने के बाद उन्होंने वहीं पर प्रोफेसर की नौकरी ज्वाइन कर ली. शादी के बाद वो अपनी पत्नी को भी अमेरिका लेकर चले गए. उनकी तीन बेटियों में से एक रीता ने एमआईटी से पदार्थ विज्ञान एवं अभियांत्रिक में ग्रेजुएशन किया उस के बाद मिशिगन विश्वविद्यालय से रिसर्च किया.

गांव वालों को बंधी बेटी से मिलने की आस
रीता को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रस्ताव पर जून 2019 में प्रमाणु ऊर्जा विभाग के प्रमुख के रूप में नियुक्त किया गया. अब रीता राष्ट्रपति ट्रंप के डेलिगेशन के साथ भारत दौरे पर आ रही हैं. उन के भारत दौरे की सूचना के बाद से उन के पैतृक गांव बहादुरपुर में खुशी की लहर है. उन की चाची जानकी बरनवाल जो की काफी बुजुर्ग हैं. अपनी भतीजी को याद करके भावुक हो गईं. News 18 से बातचीत में उन्होंने बताया कि रीता उनके बड़े देवर की बेटी हैं, वो कहती हैं उनके देवर कृष्ण चन्द्र बरनवाल हर तीन साल पर घर आते थे और अपनी बेटी को भी साथ लाते थे. उन को अपने गांव से बहुत लगाव था वो याद करते हुए कहती हैं कि जब वो घर आते थे तो गांव के ही अंदाज में ढल जाते थे, खाना-पीना सब गांव के हिसाब से खाते थे. वो कहती हैं जब बच्चे बड़े हो गए तो पढ़ाई-लिखाई के दबाव में उनका गांव आना छूट गया फिर बड़े देवर कृष्ण चन्द्र बरवनवाल की तबियत ठीक नहीं रहती थी, जिसकी वजह से उन का भी आना जाना काफी कम हो गया था और कुछ साल पहले उन की मौत हो गई.



परिजनों का कहना है कि रीता 2008 में आखिरी बार घर पर आई थी. उनका कहना है कि फोन पर उन्होंने कई बार रीता को घर आने के लिए कहा तो उन्होंने कहा कि जब भी भारत आएंगी तो गांव पर जरूर आएंगी, अब अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ डेलिगेशन में रीता बरनवाल के आने की सूचना के बाद परिजनों को आस जगी है कि रीता ने जो वादा किया था शायद वो अपने गांव आकर अपने वादे को पूरा करें, परिजनों की सरकार से मांग है कि की रीता को उन के गांव भेजा जाए ताकि लोग उन से मिल सकें. रीता के भारत दौरे पर आने की सूचना के बाद परिजनों ने कहा कि ये हमारे देश के लिए गर्व की बात है कि रीता अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ भारत दौरे पर आ रही हैं. उन्होंने जिस तरह से तरक्की की है और अमेरिका में जिस पोस्ट पर हैं उस से देश का मान बढ़ा है.


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First published: February 22, 2020, 6:52 PM IST
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