भगवान भरोसे मासूमः जर्जर हालत में हैं यहां 399 सरकारी स्कूलों के भवन

ऐसे विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को आदेश दिया गया है कि वो ग्राम शिक्षा समिति और ग्राम प्रधान के साथ बात करके गांव में ही किसी अन्य सरकारी भवन में शिक्षण का कार्य करें, लेकिन आज भी बच्चे जर्जर भवनों में पठन-पाठन करने को मजबूर हैं

News18 Uttar Pradesh
Updated: September 12, 2018, 9:38 PM IST
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Updated: September 12, 2018, 9:38 PM IST
सिद्धार्थनगर जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की ज़िन्दगी भगवान भरोसे है. जी हां, जिले के कुल 399 प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों के भवनों की हालत बेहद खस्ताहाल है, जो कभी धाराशाई हो सकते हैं. इन जर्जर विद्यालयों में 54 विद्यालय ऐसे है, जहां अतिरिक्त कक्ष भी नही है. बताया जाता है चिन्हित जर्जर भवनों की सूचना स्कूल प्रबंधन को भी है, लेकिन जर्जर भवनों में आज भी छात्र छात्राओं को पढ़ाने का काम किया जा रहा है.

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रिपोर्ट के मुताबिक जिला बेसिक शिक्षाधिकारी ने भी माना है कि जिले के 399 स्कूल जर्जर हालत में हैं और इनमें से 45 ऐसे विद्यालय है, जहां अतिरिक्त कक्ष भी मौजूद नहीं है. उन्होंने बताया कि ऐसे विद्यालयों में तैनात शिक्षकों को आदेश दिया गया है कि वो ग्राम शिक्षा समिति और ग्राम प्रधान के साथ बात करके गांव में ही किसी अन्य सरकारी भवन में शिक्षण का कार्य करें, लेकिन आज भी बच्चे जर्जर भवनों में पठन-पाठन करने को मजबूर हैं. मामले की सूचना निदेशालय को भी दे दी गई है, लेकिन अभी तक जर्जर भवनों की सुध लेने कोई वहां नहीं पहुंचा है.

(रिपोर्ट-परवेज, गोरखपुर)
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