यूपी के इस गांव में नहीं आ रही कोई डोली, शादी के लिए तरस रहे हैं युवक

घरों में शौचालय की सुविधा नहीं होने से गांव में लड़कों की शादियां नहीं हो रही है. गांव में कुंवारों की तादात बढ़ रही है.


Updated: May 31, 2018, 8:59 PM IST

Updated: May 31, 2018, 8:59 PM IST
यूपी के संतकबीरनगर में एक गांव ऐसा भी है जहां के युवा लड़के शादी के लिए तरस रहे हैं. कारण है कि इस गांव में विकास अब तक नहीं पहुंचा है, यहां कोई बुनियादी सुविधा नहीं है. बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गांव में लड़कों की कुछ सालों से शादियां नहीं हो रही हैं. घरों में शौचालय नहीं होने से लोग इस गांव में शादी करने से कतराते है. गांव का विकास नहीं होने से गांव में कुवारों की संख्या बढ़ती जा रही है.

जिले के बघौली ब्लॉक का भैसमंथान गांव बुनियादी जरूरतों के अभाव में कई समस्याओं से दो-चार हो रहा है. करीब 1000 हजार की आबादी वाले इस गांव में सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है. सड़क, नाली और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं इस गांव में नदारद हैं. घरों के सामने गड्ढों और रास्ते में पसरा पानी गांव में विकास की हकीकत बताने के लिए काफी है.

महज कुछ ही घरों में है शौचालय
गांव के महज कुछ घरों में शौचालय है. केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनने वाले शौचालय भी इस गांव में देखने को नहीं मिलते. सालों से गांव में जैसे कोई काम ही नहीं हुआ और न ही सरकारी योजनाओं का लाभ ही लोगों को मिला. बुनियादी सुविधाओं के अभाव में परेशानियां झेल रहे ग्रामीणों को अब एक सामाजिक समस्या से जूझना पड़ रहा है.

'शौचालय नहीं तो शादी नहीं'
घरों में शौचालय की सुविधा नहीं होने से गांव में लड़कों की शादियां नहीं हो रही है. गांव में कुंवारों की तादात बढ़ रही है. खेती-किसानी कर परिवार चला रहे गांव के लोगों के लिए शौचालय बनवाना टेढ़ी खीर है. हालांकि गांव के विकास और बुनियादी जरूरतों के लिए ग्रामीण प्रधान से लेकर अधिकारियों को अवगत भी करा चुके हैं, लेकिन अभी तक विकास की दिशा और गांव की समस्या को लेकर कोई पहल नहीं हुई. गांव वालों चाहते है कि प्रशासन उनके गांव की सुध लेकर समस्याओं से छुटकारा दिलाए ताकि उनके घर भी शादी की शहनाई बज सके.

 प्रशासन का वादा जल्द होगा विकास
विकास नहीं होने की वजह से गांव में शादियां नहीं होने की बात पर प्रशासन भी सकते में है. मामले को गम्भीरता से लेते हुए सीडीओ ने गांव में टीम भेजकर सरकारी योजनाओं के जरिए गांव का विकास कराने और गांव को समस्या से निजात दिलाने की बात कर रहे हैं. उनका कहना है कि जल्द ही प्राथमिकता के आधार गांव का विकास किया जाएगा.

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