भदोही: UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत 100 लोगों के खिलाफ FIR
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भदोही: UP कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू समेत 100 लोगों के खिलाफ FIR
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (file photo)

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष लल्लू ने कहा कि पिछले साल उम्भा में नरसंहार (Massacre) हुआ था, आदिवासी भाई बहनों ने अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष किया था और शहीद हुए थे. हम शांति से 3 लोगों के साथ वहां जा रहे थे.

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भदोही. उत्तर प्रदेश के भदोही जिले में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू (Ajay kumar lallu) के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज हुई है. इसके अलावा कांग्रेस नेता राजेश मिश्रा, अजय राय के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कोइरौना थाना में 22 नामजद और 100 अज्ञात कांग्रेसियो पर पुलिस के द्वारा एफआईआर दर्ज की गई है. इससे पहले गुरुवार को अजय कुमार लल्लू और अन्य नेताओं को भदोही जिले में पुलिस ने उस वक्त हिरासत में ले लिया, जब वे उम्भा गांव में सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए जा रहे थे. पुलिस ने धारा 144 और आपदा एक्ट के उलंघन में एफआईआर दर्ज की है.

गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि मुझे लगता है कि जितनी पुलिस फोर्स मेरे लिए लगाई गई है, उतनी अगर अपराधियों को पकड़ने में लगाई जाती तो प्रदेश की जनता सुरक्षित महसूस करती. अजय कुमार लल्लू ने कहा कि ये सरकार राजनीतिक लोगों को चुन-चुनकर उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है. जेल भेज रही है. एक महीने मुझे भी जेल में रखा. उन्होंने कहा कि आज मैं उन आदिवासी भाई-बहनों को श्रद्धासुमन अर्पित करने जा रहा हूं, जो पिछले साल अपने हक की लड़ाई में शहीद हुए थे.

भारी फोर्स लगाकर किया गया था गिरफ्तार



कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि पिछले साल उम्भा में नरसंहार हुआ था, आदिवासी भाई बहनों ने अपनी जमीन बचाने के लिए संघर्ष किया था और शहीद हुए थे. हम शांति से 3 लोगों के साथ वहां जा रहे थे और श्रद्धासुमन अर्पित करना चाहते थे. सरकार डर क्यों रही है? मुझे यहां भारी फोर्स के साथ मुझे अरेस्ट किया गया है और कहा गया है कि आपको यहां से आगे नहीं जाने दिया जाएगा.
ये है पूरा मामला

बता दें पिछले साल 17 जुलाई को सोनभद्र में जमीन विवाद में नरसंहार (Massacre) हुआ था. तब दर्जन भर से ज्यादा अधिकारियों पर कार्रवाई हुई थी. डीएम और एसपी को हटा दिया गया था. नरसंहार में 10 लोग मारे गए थे. उभ्भा मामले में प्रमुख सचिव राजस्व रेणुका कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने तत्कालीन उपजिलाधिकारी घोरावल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे. क्षेत्राधिकारी घोरावल के खिलाफ भी सरकार ने कठोर कदम उठाए और पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाने के लिए उन पर गुंडा एक्ट व आपराधिक वाद दर्ज करते हुए एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए थे.
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