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बिजनौर: वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की पिटाई से युवक की मौत, 50 लाख मुआवजे की मांग

पुलिस पिटाई से युवक की मौत

पुलिस पिटाई से युवक की मौत

पुलिसकर्मियों ने कागजात मांगा, कागजात नहीं होने पर पुलिसकर्मियों ने युवक की जमकर पिटाई की. जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई.

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बिजनौर में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की पिटाई में युवक की मौत हो गई है. युवक की मौत पर लाेगों का गुस्सा भड़क गया है. लोगों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. नाराज लोग 50 लाख मुआवजे की मांग करते हुए, लाश का पोस्टमार्टम नहीं होने दे रहे हैं. वहीं मृतक की पत्नी की हालत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस पूरे मामले में बिजनौर पुलिस बचाव की मुद्रा में है.

दरअसल मामला जिला कोतवाली देहात के नजीबाबाद मार्ग का है. दारोगा नीरज शर्मा बीती शाम अपने सहयोगियों के साथ वाहनों की चेकिंग कर रहे थे. इसी दौरान पीड़ित युवक से पुलिसकर्मियों ने कागजात मांगे. कागजात नहीं होने पर पुलिसकर्मियों ने युवक की जमकर पिटाई की. जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई. जैसे-तैसे पुलिस ने शव को बिजनौर जिला अस्पताल तो भिजवा दिया, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी अभी तक विजेंद्र का पोस्टमॉर्टम नही हो पाया.

पिटाई से युवक की मौत पर लोगों का हंगामा


मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी की मांग

इसी बीच लोगों के झुंड में खड़ी विजेंद्र की पत्नी बीना की अचानक हालत बिगड़ गई. जिसको आनन-फानन में जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. वहीं इस पूरे मामले पर जमकर राजनीति भी हो रही है. आभास महासंघ मिशन 24 के कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी के साथ पचास लाख का मुआवजा दिया जाए, तभी विजेंद्र का पोस्टमॉर्टम होने दिया जाएगा. फिलहाल पुलिस ने इस पूरे मामले में घुटने टेक दिए हैं. हालांकि अभी तक मृतक के परिजनों और पुलिस प्रशासन के बीच समझौता नहीं हो पाया है.

(रिपोर्ट- शकील अहमद)

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Bijnor: नेशनल खो-खो प्लेयर मर्डर केस का पुलिस ने किया खुलासा, रेप करने में नाकाम होने पर आरोपी ने दबाया था गला

Bijnor: खो-खो प्लेयर मर्डर केस का खुलासा

Bijnor National Player Murder Case: पुलिस ने पूरे मामले में खुलासा करते हुए बताया कि दुष्कर्म में विफल होने पर रेलवे के मजदूर शहजाद ने नेशनल खिलाड़ी रह चुकी युवती की हत्या को अंजाम दिया. पुलिस ने बताया कि आरोपी नशेड़ी है और बिजनौर के आदमपुर का रहने वाला है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 14, 2021, 11:51 IST
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बिजनौर. नेशनल खो-खो प्लेयर की हत्या (National Player Murder Case) का खुलासा करते हुए पुलिस (Police) ने मोबाइल सर्विलांस के द्वारा हत्यारोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी ने रेप करने की नियत से महिला खिलाड़ी को पकड़ा था, लेकिन विरोध करने और शोर मचाने के बाद आरोपी ने दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी थी. बता दें 10 सितंबर को महिला खिलाड़ी की दिनदहाड़े हत्या के बाद पुलिस की बहुत किरकिरी हुई थी और मामला हाईप्रोफाइल हो गया था. जिसके बाद डीआईजी शलभ माथुर ने केस की कमान खुद संभाली और जांच टीमों को लगाया.

पुलिस ने पूरे मामले में खुलासा करते हुए बताया कि दुष्कर्म में विफल होने पर रेलवे के मजदूर शहजाद ने नेशनल खिलाड़ी रह चुकी युवती की हत्या को अंजाम दिया. पुलिस ने बताया कि आरोपी नशेड़ी है और बिजनौर के आदमपुर का रहने वाला है.

10 सितंबर को हुई थी हत्या
गौरतलब है कि महिला गत शुक्रवार सुबह करीब 11.30 बजे घर से निकली थी क्योंकि उसे एक स्कूल में फिजिकल ट्रेनिंग टीचर की नई नौकरी के लिए इंटरव्यू देना था. जब वह नहीं लौटी तो परिजन उसकी तलाश करने लगे. एक पड़ोसी ने शव को उसके घर से करीब 100 मीटर दूर रेलवे ट्रैक के सीमेंट ब्लॉक के बीच पाया. वह मृत पड़ी थी और उसका एक दांत भी टूटा हुआ था. गले पर गला घोंटने के निशान थे. उसके कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे. इसके बाद स्थानीय पुलिस ने मामला जीआरपी का बताकर पल्ला झाड़ लिया. जिसके बाद बिजनौर रेलवे स्टेशन के जीआरपी थाने में 376,201,302 के खिलाफ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज हुआ था. मामला जब हाईप्रोफाइल हो गया तो स्थानीय थाने को सौंप दिया गया.

लगेगा NSA
डीआईजी ने कहा कि इस केस को गंभीरता से लेकर जांच किया गया. मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के सहारे सर्विलांस के जरिये आरोपी को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने कहा कि हत्यारे पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने आरोपी पर एनएसए की कार्रवाई की भी बात कही.

हत्या के दौरान का ऑडियो हुआ था वायरल 
दरअसल जब आरोपियों ने युवती की हत्या की तो उससे ठीक पहले वो अपने एक दोस्त से फोन पर बात कर रही थी. तभी आरोपियों ने उस पर हमला बोल दिया, लड़की के चिल्लाने की आवाज सुनते ही दूसरी तरफ फोन पर मौजूद दोस्त ने रिकॉर्डिंग शुरू कर दी. अनुमान लगाया जा रहा है कि इसके बाद फोन गिर गया लेकिन रिकार्डिंग चालू रही, उसमें बिटिया के हत्यारोपियों से किए जा रहे संघर्ष के दौरान कही जा रही बातें रिकॉर्ड हुई है।

Bijnor News: लिव-इन में रहने वाला युवक चोरी-छिपे कर रहा था निकाह, गर्लफ्रेंड पुलिस लेकर पहुंची और फिर...

दिल्‍ली में लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाला युवक दूसरी शादी कर रहा था, लेकिन गर्लफ्रेंड ने रुकवा दी.

Love Story: दिल्‍ली में लिव-इन-रिलेशनशिप (Live-in-Relationship) में रहने वाला लड़का यूपी के बिजनौर में दूसरी शादी (निकाह) कर रहा था, लेकिन उसी वक्‍त उसकी गर्लफ्रेंड Girlfriend) पुलिस लेकर पहुंच गई और कार्यक्रम रुक गया. वहीं, पुलिस (UP Police) ने युवक को थाने बुला लिया और फिर लड़की उसे अपने साथ लेकर दिल्‍ली लौट गई. हालांकि इस बीच विश्व हिंदू परिषद ने भी मामले में हस्‍तक्षेप करना चाहा, लेकिन लड़की ने इजाजत नहीं दी.

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बिजनौर. उत्‍तर प्रदेश के बिजनौर से लिव-इन-रिलेशनशिप (Live-in-Relationship) में रहने वाले लड़के द्वारा दूसरी लड़की से शादी (Marriage) करने का मामला सामने आया है. हालांकि लड़का निकाह करपाता इससे पहले की उसकी लिव-इन पार्टनर न सिर्फ बिजनौर आ धमकी बल्कि थाने पहुंच गई. इसके बाद उसने लड़के का निकाह रुकवाने के लिए पुलिस (UP Police) के सामने खूब हंगामा. वहीं, लड़की की शिकायत पर निकाह कर रहे लड़के के घर न सिर्फ पुलिस पहुंची बल्कि उसे थाने बुलाया, तब जाकर हंगामा रुका. इसके बाद लड़की अपने लिव-इन पार्टनर को लेकर दिल्‍ली लौट गई.

बता दें कि बिजनौर का रहने वाला एक युवक दिल्ली में सैलून की दुकान पर काम करता था. इस दौरान उसकी पहचान हिंदू युवती से हो गई. इसके बाद दोनों लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने लगे. हालांकि बीते दिनों लड़के ने अपनी गर्लफ्रेंड (लिव-इन पार्टनर) से कहा कि वह किसी काम से अपने घर बिजनौर जा रहा है, लेकिन वह वहां निकाह करने की तैयारी में जुट गया. हालांकि वह निकाह करपाता उससे पहले की लड़की ने दस्‍तक देती और उसके अरमानों पर पानी फेर दिया.

युवती को लगी शादी की भनक 
दिल्‍ली में सैलून की दुकान पर काम करने वाले लड़के ने अपने शहर बिजनौर में पड़ोस के मोहल्ले की एक लड़की से शादी पक्की कर ली. जबकि 27 जुलाई को बारात जानी थी, लेकिन इस बीच लड़के के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहने वाली युवती को इसकी भनक लग गई. इसके बाद वह अपनी बहन के साथ दिल्‍ली से बिजनौर पहुंच गई और उसने बिजनौर के मंडावर पुलिस थाने में इस मामले की शिकायत कर दी.

फिर लड़के को लेकर लौट गई दिल्‍ली
बहरहाल, लड़की की शिकायत के बाद मंडावर एसएचओ मनोज कुमार ने कहा,’युवती चाहती थी कि युवक को दोबारा वापस पाने में पुलिस उसकी मदद करे और हमने ऐसा ही किया. युवती के साथ पुलिस टीम उस जगह पहुंची जहां निकाह हो रहा था. युवती ने निकाह रुकवाया और लड़के को थाने में बुलाया गया. हालांकि इस दौरान थाने में जमकर हंगामा हुआ था. इस बीच विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के सदस्य पहुंचे थाने पहुंच गए, लेकिन लड़की ने पुलिस से हाथ जोड़कर कहा कि ये उनके आपस का मामला है. वहीं सदस्‍यों ने कहा कि वह हिंदू महिला को बचाना चाहते थे लेकिन उसने हमारी बात नहीं सुनी.

Kanwar Yatra 2021: हरिद्वार में प्रवेश करने वाले पर आपदा प्रबंधन कानून के तहत होगी कार्रवाई

हरिद्वार प्रशासन ने बताया कि अगर कोई कांवड़ यात्री आदेश का उल्लंघन कर प्रवेश करता है, तो उसे हरिद्वार में 14 दिन पृथक-वास में रखा जाएगा. (सांकेतिक फोटो)

Kanwar Yatra 2021: प्रशासन ने बताया कि बिजनौर और हरिद्वार (Bijnor And Haridwar) की सीमा पर चिड़ियापुर में शनिवार को दोनों राज्यों की समन्वय समिति की बैठक हुई. यदि कोई कांवड़ यात्री हरिद्वार में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी.

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बिजनौर. कोरोना वायरस (Coronavirus) वैश्विक महामारी के चलते उत्तराखंड में इस साल कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra) की अनुमति नहीं दिए जाने जाने का फैसला लिया गया है. इसके मद्देनजर यदि कोई कांवड़ यात्री हरिद्वार में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और उसे 14 दिन पृथक-वास में रखा जाएगा. प्रशासन ने बताया कि बिजनौर और हरिद्वार (Bijnor And Haridwar) की सीमा पर चिड़ियापुर में शनिवार को दोनों राज्यों की समन्वय समिति की बैठक हुई. बैठक के दौरान उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा पर पाबंदी को देखते हुए तय किया गया कि हरिद्वार में कांवड़ यात्रियों को प्रवेश करने से रोकने के लिए दोनों राज्यों की सीमा पर निगरानी रखी जाएगी. बैठक में यह भी तय किया गया कि नजीबाबाद तहसील और हरिद्वार के बीच सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे.

हरिद्वार प्रशासन ने बताया कि अगर कोई कांवड़ यात्री आदेश का उल्लंघन कर प्रवेश करता है, तो उसे हरिद्वार में 14 दिन पृथक-वास में रखा जाएगा और उसके खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने बताया कि यात्रा के दौरान हरि की पौड़ी सील रहेगी. इस बीच बिजनौर प्रशासन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा कोरोना वायरस संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए प्रतीकात्मक निकाली जाएगी.

ACS नवनीत सहगल एसीएस ने ये जानकारी दी
बता दें कि कल ही उत्तर प्रदेश सरकार ने फैसला लिया था कि इस साल कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra Cancel in UP) नहीं होगी. कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे को देखते हुए कांवड़ यात्रा को रद्द करने का फैसला लिया है. योगी सरकार से बातचीत के बाद कांवड़ संघ ने ये निर्णय लिया. यूपी सरकार ने पहले कांवड़ यात्रा की अनुमति दे दी थी. फिर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का मौका दिया था. मुख्यमंत्री के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी और डीजीपी मुकुल गोयल कांवड़ा संघों से चर्चा कर रहे थे. अब कांवड़ा यात्रा को रद्द करने का फैसला लिया गया है. ACS नवनीत सहगल एसीएस ने ये जानकारी दी है.

बिजनौर: शादी की दावत खाने के बाद नवनिर्वाचित महिला प्रधान की मौत, परिजन बोले- जहर देकर मारा

शादी की दावत खाने के बाद महिला नवनिर्वाचित प्रधान की संदिग्ध मौत (File photo)

एसपी (SP) डॉक्टर धर्मंवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने पांच के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया है जबकि एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

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बिजनौर. उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) में एक शादी की दावत खाने के बाद नवनिर्वाचित महिला प्रधान की संदिग्ध मौत हो गई. प्रधान पति ने 5 लोगों के खिलफ दावत के दौरान जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप लगाया है. पुलिस ने प्रधान पति की शिकायत पर साजिश के तहत 5 लोगों पर हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को हिरास्त में लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी.

मामला बिजनौर के मंडावली क्षेत्र के गांव हुकूमत पुर शेख की है. जहां नवनियुक्त ग्राम प्रधान शिक्षा देवी 29 जून को गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गई थीं. बताया जा रहा है कि दावत में खाना खाने के कुछ समय बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई. आनन फानन में महिला को निजी अस्पताल में भर्ती कराया. जहां इलाज के दौरान महिला प्रधान ने दम तोड़ दिया है. मृतक के परिजनों ने प्रधान प्रत्याशी सहित चार लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मामला दर्ज करा दिया है. पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है जबकि बाकी चार आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है.

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एसपी डॉक्टर धर्मंवीर सिंह ने बताया कि पुलिस ने पांच के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया है जबकि एक आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. और पूरे मामले की जांच सीओ नजीबाबाद को सौंप दी है. एसपी के मुताबिक धारा 302, 120 B और 328 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और इसकी जांच क्षेत्राधिकारी नजीबाबाद को सौंपी गई है. मृतिका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और साथ ही खाने वाले भोजन के सैंपल को भी पुलिस ने जांच के लिए भेज दिया.

फेसबुक पोस्ट कर चंपत राय पर लगाया जमीन कब्जाने का झूठा आरोप, तीन के खिलाफ दर्ज हुई FIR

चंपत राय पर गोशाला और डिग्री कॉलेज की जमीन कब्जाने का लगाया था आरोप

UP News: विनीत नारायण नाम के शख्स ने अपनी फेसबुक आईडी के ज़रिए चंपत राय पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इस पोस्ट में विनीत ने चंपत राय पर कब्जाने का आरोप लगाया था.

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बिजनौर. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Sri Ram Janambhumi Teerth Kshetra Trust) के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) के खिलाफ फेसबुक पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में बिजनौर (Bijnor) के नगीना थाने में तीन के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया है. फिलहाल पुलिस के अधिकारी पूरे मामले की बारीकी से जांच पड़ताल में जुट गए. पुलिस की एफआईआर के मुताबिक विनीत नारायण ने  फेसबुक पोस्ट में चंपत राय पर गोशाला और डिग्री कॉलेज की जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था.

दरअसल, चंपत राय का पुश्तैनी घर बिजनौर के नगीना के सरायमीर में है. 1980 में चंपत राय ने बिजनौर छोड़ दिया था. चंपत राय के छह भाई है, जिनमे से एक कि मृत्यु हो चुकी है. अभी हाल ही में विनीत नारायण नाम के शख्स ने अपनी फेसबुक आईडी के ज़रिए चंपत राय पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद चंपत राय के भाई संजय बंसल ने पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए थाने में तीन के खिलाफ तहरीर दी. जिसके बाद विनीत नारायण, अल्का लाहौटी और रजनीश के खिलाफ बिजनौर के नगीना थाने में संगीन धाराओं में केस दर्ज किया गया.

भाई ने बताया राजनीतिक साजिश
चंपत राय के भाई सुनील कुमार बंसल की माने तो उनके भाई चंपत राय व परिवार के लोगों को बेवजह बदनाम करने की साजिश की जा रही है, जबकि हमारा व भाई का गोशाला व महाविद्यालय से कोई लेना देना नहीं है. राजनीति व चुनाव नजदीक होने की वजह से बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.

एसपी बोले आरोप बेबुनियाद
अलका लाहौटी नाम की महिला विदेश छोड़कर नगीना इलाके की कृष्ण गोशाला में रहकर गाय की सेवा कर रही थी. केस दर्ज होने के बाद लाहौटी नज़र नही आ रही है. एसपी डॉक्टर धर्मवीर सिंह के मुताबिक तीन के खिलाफ नगीना में केस दर्ज कर लिया गया है चंपत राय के खिलाफ फेसबुक पर हुई टिप्पणी बिल्कुल निराधार व बेबुनियाद हैं. उन पर लग रहे आरोप असत्य है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर पूरे मामले की विवेचना की जा रही है.

Vat Savitri Vrat 2021 Wishes: वट सावित्री व्रत के शुभ अवसर पर इन संदेशों के साथ दें शुभकामनाएं

Vat Savitri Vrat Wishes: ये व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है.

Happy Vat Savitri Vrat 2021 Wishes, Images, Quotes, Status: हिंदू धर्म (Hindu Religion) में महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए कई तरह के व्रत (Fast) रखती रही हैं. इन्हीं व्रतों में से एक है वट सावित्रि व्रत.

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Happy Vat Savitri Vrat 2021 Wishes, Images, Quotes, Status: हिन्‍दू महिलाओं के लिए वट सावित्री व्रत का विशेष महत्‍व है. हिंदू धर्म (Hindu Religion) में महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए कई तरह के व्रत (Fast) रखती रही हैं. इन्हीं व्रतों में से एक है वट सावित्रि व्रत (Vat Savitri Vrat). सुहागन महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए पूजा-पाठ करती हैं और व्रत रखती हैं. यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन रखा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो पत्नी इस व्रत को सच्ची निष्ठा से रखती है उसे न सिर्फ पुण्य की प्राप्ति होती है, बल्कि उसके पति (Husband) पर आई सभी प्रकार की परेशानियां भी दूर हो जाती हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता सावित्री अपने पति के प्राणों को यमराज से छुड़ाकर ले आई थीं. ऐसे में इस व्रत का महिलाओं के बीच विशेष महत्व बताया जाता है.

इस दिन वट (बरगद) के पेड़ का पूजन किया जाता है. इस व्रत को सुहागिन स्त्रियां अखंड सौभाग्यवती रहने की मंगलकामना से रखती हैं. वट सावित्री व्रत की कथा के अनुसार माना जाता है क‍ि सावित्री (Savitri) अपने पति सत्यवान (Satyavan) के प्राणों को यमराज (Yamraj) से वापस लेकर आई थीं. वट वृक्ष के नीचे ही उनके पति को जीवन दान मिला था. इस दिन विवाहित महिलाएं एक दूसरे को शुभकामना संदेश भेजती हैं. आप भी अपने परिचितों और प्रियजनों को वट साविती की बधाई इन सुंदर संदेशों के साथ दे सकते हैं-

इस खास दिन का मुझे इतंजार था
ये दिन है वट सावित्री व्रत का लंबी आयु के वरदान का
वट सावित्री की हार्दिक शुभकामनाएं

पत्नी रखती है व्रत आपके लिए
मांगती है लंबी आयु का वरदान
वट सावित्री व्रत की शुभकामनाएं

जोड़ी हमारी कभी न टूटे हम एक दूजे से कभी न रूठें सात जन्मों तक साथ निभाएं आओ मिल कर खुशियां मनाएं वट सावित्री व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं माथे की बिंदिया यूं ही चमके हाथों में चूड़ियां ऐसे ही खनकें पैरों की पायल यूं ही छनके बना रहे सुहाग तुम्‍हारा वट सावित्री की शुभकामनाएं सुहाग बना रहे तुम्‍हारा यही कामना है हमारी तुम्‍हारी जोड़ी सदा बनी रहे तुम्‍हें लग जाए दुआ सारी वट सावित्री व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं

जोड़ी हमारी कभी न टूटे
हम एक दूजे से कभी न रूठें
सात जन्मों तक साथ निभाएं
आओ मिल कर खुशियां मनाएं
वट सावित्री व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं

माथे की बिंदिया यूं ही चमके
हाथों में चूड़ियां ऐसे ही खनकें
पैरों की पायल यूं ही छनके
बना रहे सुहाग तुम्‍हारा
वट सावित्री की शुभकामनाएं

सुहाग बना रहे तुम्‍हारा
यही कामना है हमारी
तुम्‍हारी जोड़ी सदा बनी रहे
तुम्‍हें लग जाए दुआ सारी
वट सावित्री व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं

मांगा है पति की लंबी आयु का वरदान चाहा है सातों जन्‍म साथ तुम्‍हारा सदा सुहागन रहूं मैं प्रियतम पाऊं ऐसे ही साथ तुम्‍हारा वट सावित्री व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं व्रत रख रही हूं इस कामना के साथ लंबी उम्र हो तुम्‍हारी हम यूं ही प्रेम बंधन में बंधे रहें वट सावित्री की शुभकामनाएं रखा है व्रत मैंने इस कामना के साथ लंबी हो उम्र हो तुम्‍हारी प्रियतम हर जन्म मिले बस तुम्‍हारा ही साथ वट सावित्री की शुभकामनाएं

मांगा है पति की लंबी आयु का वरदान
चाहा है सातों जन्‍म साथ तुम्‍हारा
सदा सुहागन रहूं मैं प्रियतम
पाऊं ऐसे ही साथ तुम्‍हारा
वट सावित्री व्रत की हार्दिक शुभकामनाएं

व्रत रख रही हूं इस कामना के साथ
लंबी उम्र हो तुम्‍हारी
हम यूं ही प्रेम बंधन में बंधे रहें
वट सावित्री की शुभकामनाएं

रखा है व्रत मैंने इस कामना के साथ
लंबी हो उम्र हो तुम्‍हारी प्रियतम
हर जन्म मिले बस तुम्‍हारा ही साथ
वट सावित्री की शुभकामनाएं

UP में 1 जून से प्रयागराज समेत 6 जिलों में भी मिलेगी कोरोना कर्फ्यू से छूट, जारी रहेगा वीकेंड लॉकडाउन

UP में 1 जून से प्रयागराज समेत 6 जिलों में भी मिलेगी कोरोना कर्फ्यू से छूट (सांकेतिक तस्वीर)

UP Unlock: अंडे (Egg), मांस और मछली की दुकानों को पर्याप्त साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेशन का ध्यान रखते हुए बंद स्थान में खोलने की अनुमति होगी.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Government) ने प्रदेश में अनलॉक (Unlock) की प्रक्रिया के तहत सोमवार को प्रदेश के 6 जिलों में कोरोना गाइडलाइन के अनुसार छूट दी है. जिसमें देवरिया, बिजनौर, मुरादाबाद, बागपत, प्रयागराज, सोनभद्र जिलों में कोरोना कर्फ्यू में छूट मिलेगी. बताया जा रहा है कि इन जिलों में बीते 24 घंटे में 600 से कम केस आए हैं. अब प्रदेश के 61 ज़िले छूट की श्रेणी में आ गये है. नए निर्देशों के मुताबिक 1 जून से सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक दुकानें खुल सकेंगी.

क्या खुला और क्या बंद
1- कोरोना की रोकथाम से जुड़े फ्रंटलाइन सरकारी विभागों में पूर्ण उपस्थिति रहेगी एवं शेष सरकारी कार्यालय अधिकतम 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ खुलेंगे.
2- निजी कंपनियों के कार्यालय भी मास्क की अनिवार्यता के साथ खोले जा सकेंगे. सैनेटाइजर और दो गज दूरी का पालन जरूरी रहेगा.
3- गाइडलाइन के मुताबिक सभी औद्योगिक संस्थान खुलेंगे. नाइट कर्फ्यू के दौरान इनके आइडी कार्ड के हिसाब से इन्हें आने-जाने दिया जाएगा.
4- सब्जी मंडी पहले की ही तरह खुली रहेंगी. हर सब्जी मंडी स्थल में कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन जरूरी होगा. जो सब्जी मंडिया घनी आबादी में हैं उसे खुले क्षेत्र में प्रशासन लगवाएगा.
5- रेलवे स्टेशन, बसों में मास्क की अनिवार्यता के साथ ही यात्रा की जा सकती है. इन सभी के एंट्री गेट पर स्क्रीनिंग की सुविधा रहेगी.
6- यूपी ट्रांसपोर्ट की बसें चलेंगी. जितनी सीट उतने यात्री के हिसाब से ही परिवहन होगा. इनमें खड़े होकर यात्रा की अनुमति नहीं होगी.
7- रेस्टोरेंट्स में बैठ कर खाने की व्यवस्था बंद रहेगी. सिर्फ होम डिलीवरी की अनुमति होगी.
8- रोड किनारे सभी होटल, ढाबे, ठेला फिर से खुलेंगे.
9- ट्रांसपोर्ट कंपनियों के वेयर हाउस खुलेंगे.
10- सभी धार्मिक स्थल खुलेंगे. इनमें एक बार में सिर्फ 5 लोग ही प्रवेश कर सकते हैं. कंटेनमेंट जोन के धार्मिक स्थल बंद रहेंगे.
11- अंडे मांस और मछली की दुकानों को पर्याप्त साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेशन का ध्यान रखते हुए बंद स्थान में खोलने की अनुमति होगी.
12- पूरे प्रदेश में गेहूं क्रय केंद्र एवं राशन की दुकानें खुली रहेंगी.
13- कृषि कार्यों से जुड़ी सभी दुकानें खुली रहेंगी.
14- राजस्व व चकबंदी न्यायालय दो गज दूरी की गाइडलाइन के हिसाब से खोले जाएंगे.
15- स्कूल कॉलेज तथा शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे.
16- कोचिंग संस्थान सिनेमा जिम स्विमिंग पूल क्लब एवं शॉपिंग मॉल पूर्णता बंद रहेंगे.
17- शादी समारोह में सिर्फ 25 लोग ही कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए शामिल हो सकते हैं.
18- अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोग ही शामिल हो सकते हैं.

बिजनौर: सपा MLA समेत 35 नेताओं के खिलाफ FIR, सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर उड़ी धज्जियां

सपा MLA समेत 35 नेताओं के खिलाफ FIR

इस मामले में सीओ (CO) सुमित शुक्ला का कहना है कि रोजा इफ्तार कार्यक्रम में विधायक समेत जिन लोगों ने भी हिस्सा लिया है.

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बिजनौर. कोरोना के लगातार बढ़ रहे संक्रमण (Corona Infection) के बीच उत्तर प्रदेश में वीकेंड लॉकडाउन (Weekend Lockdown) जारी हैं. इसी बीच उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में सामूहिक रोजा इफ्तार पार्टी में जाने पर सपा विधायक समेत 35 पर केस दर्ज किया गया है. जिले में सोशल डेस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नजर आई. इस कार्यक्रम का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की.

कोरोना महामारी के दौर में सामूहिक रोजा इफ्तार कार्यक्रम में हिस्सा लेने के आरोप में नगीना पुलिस ने सपा विधायक मनोज पारस सहित 35 नेताओं के खिलाफ महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है. वहीं कार्रवाई के बाद कुछ लोग पुलिस की आलोचना कर रहे हैं तो कुछ लोग इसे कोरोना की रोकथाम के लिए उठाया सख्त कदम बता रहे हैं. इस संबंध में नगीना के सपा विधायक मनोज पारस का कहना है कि यह मुकदमा बदले की भावना से कराया गया है. उनका कहना है कि रोजा इफ्तार कार्यक्रम में चंद लोग ही शामिल थे. जिन्होंने सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया था.

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इस मामले में सीओ सुमित शुक्ला का कहना है कि रोजा इफ्तार कार्यक्रम में विधायक समेत जिन लोगों ने भी हिस्सा लिया है, उन्होंने कोरोना महामारी के नियमों का पूरा उल्लंघन किया है. उनका कहना है कि धार्मिक आयोजनों पर पूरी तरह प्रतिबंध है. रोजा इफ्तार भी पूर्ण रूप से धार्मिक कार्यक्रम है जो आयोजित नहीं हो सकता.

बता दें, जिले में कोरोना वायरस का संक्रमण पैर पसारता रहा है. गुरुवार को एक 133 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई, जबकि 1358 की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई. अभी तक 29 अप्रैल को रिकॉर्ड अधिकतम 674 कोरोना के मामले मिले थे. वर्तमान में 3240 जांच रिपोर्ट लंबित हैं. जिले में अब तक संक्रमित हुए मरीजों का आंकड़ा 11,146 पर पहुंच गया है. वहीं, ठीक होने वाले लोगों की संख्‍या 8860 है. इसके अलावा 78 मरीजों की अब तक कोरोना से जान जा चुकी है.

UP: कोरोना काल की 12 घटनाएं जब मानवता की मिसाल बने पुलिसकर्मी, देखिए VIDEO

लखनऊ में पत्रकार के शव को लेने जब कोई नहीं आया तो पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा दिया .

Lucknow News: यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल की तरफ से एक वीडियो पेश किया गया. इसमें ऐसे पुलिसकर्मियों 'एंजल्स इन खाकी' (Angels in Khaki) का दर्जा दिया गया है और सैल्यूट किया गया है.

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लखनऊ. एक तरफ पूरा देश कोरोना संक्रमण (COVID-19) से जूझ रहा है. उत्तर प्रदेश के भी हालात अच्छे नहीं है. रोज तमाम लोगों के संक्रमित और कई की जान चली जाने की खबरें आ रही हैं. ऐसे माहौल में लोग इतने भयभीत हैं कि अपनों की ही मौत के बाद अर्थी को कंधा देने में हिचक रहे हैं. ऐसे दौर में जब कोई खुद किसी बेगाने के लिए आगे आए और शव का पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराए तो उसे आप क्या कहेंगे? उत्तर प्रदेश पुलिस में ऐसे ही कई पुलिसकर्मी हैं, जो ड्यूटी से आगे बढ़कर मानवता की मिसाल पेश कर रहे हैं. यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल की तरफ से एक वीडियो पेश कर ऐसे पुलिसकर्मियों 'एंजल्स इन खाकी' (Angels in Khaki) का दर्जा दिया गया है और सैल्यूट किया गया है. वीडियो में पूरे प्रदेश से 12 प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया गया है.

वीडियो में लिखा है कि कोरोना त्रासदी ने कई जिंदगियों को नष्ट करने के साथ ही इंसानियत को भी अपनी चपेट में ले लिया है. कई जनपदों में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर परिजनों और पड़ोसियों ने साथ छोड़ दिया. इस पर पुलिसवालों ने अपने कर्तव्यों से परे जाकर फरिश्ते का काम किया है.

यूपी पुलिस ट्विटर हैंडल ने पोस्ट किया वीडियो



कहीं थाना प्रभारी तो कहीं कांस्टेबल दिखा रहे जज्बा

लखनऊ में एक पत्रकार के आकस्मिक निधन के बाद उसके परिवारवालों, शुभचिंतकों और अन्य द्वारा अंतिम संस्कार में आने से स्पष्ट मना कर दिया गया. इस पर गोमतीनगर थाने के प्रभारी निरीक्षक ने अपने पुलिसकर्मियों द्वारा पूरे विधि विधान से शव अंतिम संस्कार कराया.

इसी तरह लखनऊ के बाजारखाला थाना क्षेत्र में 24 अप्रैल को एक ठेले वाले की मृत्यु हो गई. परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था, इस पर बाजारखाला थाना प्रभारी ने शव को श्मशान ले जाने के लिए वाहन का इंतजाम कराया और अंतिम संस्कार के लिए अपने पास से परिवार की आर्थिक सहायता भी की.

थाना तालकटोरा क्षेत्र में एक पुजारी की मृत्यु हो गई. परिवार में कोई पुरुष नहीं था. पत्नी और बेटी दोनों ही मानसिक रूप से विक्षिप्त थीं. पड़ोसी भी कोरोना के डर से किसी तरह परिवार की मदद नहीं कर रहे थे. पुलिस को जब सूचना मिली तो पार्थिव शरीर का विधि विधान से दाह संस्कार कराया.

इसी तरह लखनऊ के रविंद्रपल्ली थाना क्षेत्र में एक बुजुर्ग की मृत्यु हो गई. उनका बेटा कनाडा और बेटी राजस्थान में रहती है. पुलिस ने खुद आगे बढ़कर बुजुर्ग का अंतिम संस्कार कराया और बुजुर्ग की पत्नी के खाने-पीने आदि की व्यवस्था भी की.

गोरखपुर में एक महिला की मृत्यु होने पर उन्हें श्मशान घाट तक ले जाने के लिए कोई व्यक्ति आगे नहीं आया. ये जानकारी ट्वीट के माध्यम से जब पुलिस को मिली तो एसपी सटी ने नगर आयुक्त और प्रभारी प्रवर्तन दल के सहयोग शव को एंबुलेंस से श्मशान घाट पहुंचाया और उनका दाह संस्कार कराया. साथ ही घर को सैनेटाइज करवाया.

25 अप्रैल को अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए एक व्यक्ति ने बिजनौर पुलिस से गुहार लगाई, जिस पर पुलिस ने शव का दाह संस्कार करवाया.

जौनपुर में एक बुजुर्ग को अकेले ही पत्नी का शव साइकिल पर लेकर चलना पड़ा, क्योंकि गांव वालों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था. मामले में पुलिस ने शव को साइकिल से उतारकर विधि विधान से दाह संस्कार कराया.

मुरादाबाद में एक व्यक्ति की कोरोना से मौत के बाद उसकी अर्थी को कंधा देने के लिए चौथा शख्स नहीं मिला रहा था. बावजूद इसके लिए मौके पर भीड़ उपस्थित थी. ऐसे में एक सिपाही ने खुद आगे बढ़कर कंधा दिया.

नोएडा में एक व्यक्ति की मौत के बाद कई घंटे शव लोगों के इंतजार में पड़ा रहा. आखिरकार सेक्टर 19 पुलिसकर्मियों ने अर्थी को कंधा श्मशान पहुंचाया और चिता के लिए लकड़ियों की भी व्यवस्था की.

कानपुर नगर कमिश्नरेट में 29 अप्रैल को एक व्यक्ति की मौत के बाद कोई आगे नही आ रहा था, यहां बारा थाने के चौकी प्रभारी ने नगर निगम से शव वाहन बुलवाया और अंतिम संस्कार करवाया.

एटा के गांव सिंहपुर में जब कोविड संक्रमित युवक की मौत के बाद परिजनों ने शव तक लेने से इंकार कर दिया तो बागवाला थाना प्रभारी ने अंतिम संस्कार करवाया. कुछ ऐसा ही जालौन में भी हुआ. यहां 16 अप्रैल को प्रभारी निरीक्षक कोतवली ने मृतक का अंतिम संस्कार कराया.

मैनपुरी और बदायूं में भी व्यक्ति के अंतिम संस्कार के लिए जब कोई नहीं आया तो पुलिस ने ही कधा दिया और पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कराया.

Angels in Khaki

वीडियो में ऐसे तमाम पुलिसकर्मियों को सैल्यूट किया गया है. उन्हें एंजेल्स इन खाकी का दर्जा दिया गया है. ये सम्मान पाने वाले पुलिसकर्मियों के नाम इस प्रकार हैं.

बिजनौर

अरुण कुमार त्यागी- प्रभारी निरीक्षक

कांस्टेबल- राहुल गौतम, अमित चौधरी,

कांस्टेबल ड्राइवर- पंकज शर्मा

मुरादाबाद

कांस्टेबल अरुण कुमार, थाना मुगलपुरा

जौनपुर

मुन्ना राम धुसिया- प्रभारी निरीक्षक, मडियाहूं

हेड कांस्टेबल- कृष्ण मुरारी, संजय यादव, सुधीर दुबे

कांस्टेबल- प्रवीण मिश्रा, राज कुमार यादव

नोएडा

एसआई हरि सिंह

लखनऊ

धनंजय सिंह- प्रभारी निरीक्षक, बाजार खाला

कांस्टेबल (थाना तालकटोरा)- अखिलेश यादव, चंद्रमुरारी झा

थाना गोमतीनगर- एसआई दयाराम साहनी, अरुण यादव, राजेंद्र बाबू, प्रशांत सिंह

एटा

थाना प्रभारी रामकेश सिंह राजपूत

मैनपुरी

सीओ सिटी अभय नारायण राय

हेड कांस्टेबल- सत्यप्रकाश

कांस्टेबल/गनर- वीरेंद्र सिंह

जालौन

प्रभारी निरीक्षक कोतवाली- उदयभान गौतम

कांस्टेबल जितेंद्र यादव

गोरखपुर

एसएचओ कल्याण सिंह नागर

कांस्टेबल अशोक सिंह

एचसी अजय कुमार सिंह

बदायूं

प्रभारी निरीक्षक राजीव शर्मा

कांस्टेबल- राहुल कुमार

UP Panchayat Election: दूसरे चरण के 20 जिलों में 2 लाख 33 हजार 616 प्रत्याशी मैदान में

यूपी पंचायत चुनाव में दूसरे चरण की नामांकन प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है.

UP Panchayat Election Second Phase: यूपी पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में मुजफ्फरनगर, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, गोंडा, महाराजगंज, वाराणसी और आजमगढ़ जिले शामिल हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव (UP Panchayat Election) के दूसरे चरण (Second Phase) का नामांकन (Nomination) पूरा हो चुका है. राज्य निर्वाचन आयोग (State Election Commission) ने इसके आंकड़े जारी किए हैं. निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश के 20 जिलों में सभी पदों पर 2 लाख 33 हज़ार 616 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें 787 जिला पंचायत वार्ड के लिए 8024 प्रत्याशी मैदान में हैं. वहीं 19653 क्षेत्र पंचायत वार्ड सदस्य के लिए 56874 प्रत्याशी मैदान में हैं. इसी तरह से 14897 प्रधान पद से लिये 99404 प्रत्याशी किस्मत आजाम रहे हैं. वहीं 187781 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों के लिए 69314 पद पर नामांकन हुए हैं.

आयोग के अनुसर नामांकन पत्रों की जांच शनिवार तक होगी. 11 अप्रैल तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकेंगे. दूसरे चरण में जिन जिलों में चुनाव होना है, उनमें मुजफ्फरनगर, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, गोंडा, महाराजगंज, वाराणसी और आजमगढ़ शामिल हैं.

कई जगह प्रधान तो चुना जाएगा लेकिन ग्राम पंचायतों का गठन नहीं जानिए क्यों

वैसे चौंकाने वाली बात ये रही कि 187781 ग्राम पंचायत वार्ड सदस्यों के लिए महज 69314 पदों पर ही नामांकन किया गया. यानी 118467 पदों पर किसी ने दिलचस्पी ही नही दिखाई. अब निर्वाचन आयोग को इन पदों के लिए उपचुनाव करवाने होंगे. कई ऐसी भी ग्राम पंचायत हैं, जहा अधिकांश वार्ड पर ग्राम पंचायत सदस्य के पदों पर नामांकन ही नहीं हुए हैं. ऐसे में इन ग्राम पंचायतों का गठन लटक गया है क्योंकि जब तक दो तिहाई ग्राम पंचायत सदस्य नहीं होंगे, वहां भले ही ग्राम प्रधान चुन लिया गया हो लेकिन वह पद पर आसीन नहीं हो सकता.

बिना लड़े ही जीते कई उम्मीदवार

बता दें इससे पहले प्रथम चरण में भी 77589 पदों के लिए नामांकन दाखिल नहीं हुए थे. इसके बाद 1505 का नामांकन रद्द हुआ और 206 उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद अब महज एक लाख 7283 प्रत्याशी ही मैदान में हैं. गौर करने वाली बात ये है कि बड़ी संख्या में ऐसे प्रत्याशी इस बार हें जो निर्विरोध ही चुन लिए जाएंगे.

पहले चरण में 18 जिलों में कई ऐसे उम्मीदवार हैं, जो बिना लड़े जीतेंगे. इनमें एक जिला पंचायत सदस्य, 550 क्षेत्र पंचायत सदस्य, 85 ग्राम प्रधान और 69541 ग्राम पंचायत सदस्य निर्विरोध विजेता घोषित हो गए हैं.

UP Panchayat Chunav: दूसरे चरण में लखनऊ समेत 20 जिलों में नामांकन शुरू, प्रत्याशी के लिए ये जानना है जरूरी

यूपी पंचायत चुनाव में दूसरे चरण में 20 जिलों में नामांकन भरने शुरू हो गए हैं . (File photo)

UP Panchayat Elections 2021: यूपी पंचायत चुनाव में आज दूसरे चरण के नामांकन शुरू हो गए हैं. इनमें मुजफ्फरनगर, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, गोंडा, महाराजगंज, वाराणसी और आजमगढ़ जिले शामिल हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों (UP Panchayat Election) के लिए बुधवार (7 अप्रैल) से दूसरे चरण के जिलों में नामांकन (Nomination) शुरू हो गया है. आज सुबह 8 बजे से नामांकन पत्रों की बिक्री शुरू हो गई. जिसके बाद कलेक्ट्रेट परिसरों में नामांकन पत्रों की खरीदारी के लिए भारी भीड़ देखी जा रही है. लोग गुरुवार शाम 5 बजे तक नामांकन पत्र खरीद सकेंगे और अपना परचा भर सकेंगे. इसके बाद 9 अप्रैल तथा 10 अप्रैल को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी. सुबह 8 बजे से कार्य की समाप्ति तक नामांकन पत्रों को जांचा जाएगा.

11 अप्रैल को नामांकन वापस लेने का प्रत्याशियों को समय मिलेगा. सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकेंगे. इसके बाद 11 अप्रैल को ही दोपहर 3 बजे के बाद से कार्य समाप्त होने तक प्रतीक चिन्हों का आवंटन किया जाएगा. द्वितीय चरण का मतदान 19 अप्रैल को होगा. सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा, जो शाम 6 बजे तक चलेगा. इसके बाद 2 मई को नतीजे आएंगे.



इन 20 जिलों में होना है 19 अप्रैल को मतदान

बता दें दूसरे चरण में 20 जिलों में मतदान होना है, जिनमें मुजफ्फरनगर, बागपत, गौतमबुद्ध नगर, बिजनौर, अमरोहा, बदायूं, एटा, मैनपुरी, कन्नौज, इटावा, ललितपुर, चित्रकूट, प्रतापगढ़, लखनऊ, लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर, गोंडा, महाराजगंज, वाराणसी और आजमगढ़ जिले शामिल हैं. उत्तर प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को बेहतर तरीके से संपन्न कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर रखे हैं. कानून व्यवस्था के दृष्टिगत भी सारे इंतिज़ाम बेहतर किये जा रहे हैं.

कोविड-19 प्रोटोकॉल को फॉलो करना जरूरी

इसके साथ ही कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए भी नामांकन भरे जाने वाली जगह पर कोविड-19 प्रोटोकॉल को फॉलो कराने की अनिवार्यता को लागू कर दिया गया है. नामांकन भरने आने वाले प्रत्याशियों को भी दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं कि प्रत्याशी भीड़ में या जनसमूह के साथ नामांकन में ननमंकन करने न आएं. संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था के मद्देनजर अधिक एहतियात बरतने के निर्देश दे दिए गए हैं. खासकर उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे जिलों में पुलिस के जवानों के साथ ही दूसरे सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है.

सुहागरात में पति कर रहा था दुल्हन का इंतजार, पत्नी ने निकाला चाकू और फिर...

घायल अवस्था में पहुंचे दूल्हे ने थाने में लुटेरी दुल्हन के खिलाफ तहरीर दी है. (प्रतीकात्मक फोटो)

बिजनौर इलाके में शादी की पहली रात को नई नवेली दुल्हन ने पति पर हमला कर दिया. पत्नी ने चाकू से हमला कर लूट की वारदात को अंजाम दे डाला. नकदी और कीमती जेवरात लेकर घर से फरार हो गई.

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बिजनौर. बिजनौर. बिजनौर इलाके में एक लुटेरी दुल्हन की सुहागरात की दास्तान की वारदात देखने को मिली है. शादी की पहली रात को नई नवेली दुल्हन ने जो कारनाम किया, उससे हर कोई हैरान है. दुल्हन फरार है. पीड़ित परिवार ने दुल्हन के खिलाफ तहरीर दी है.


प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुहागरात में दुल्हन ने अपने दूल्हे को लूटने के चक्कर में उस पर धारदार हथियार से हमला कर उसे घायल कर दिया. हजारों रुपए की नकदी और फिर कीमती सामान लेकर रफूचक्कर हो गई. हरिद्वार चंडी घाट की मनीषा की शादी बिजनौर के कुंडा इलाके में रहने वाले चंद्रशेखर नाम से 15 मार्च को हुई थी. शादी की पहली रात को नई नवेली दुल्हन ने लूट की वारदात को अंजाम दे डाला. देखने वालों के भी होश उड़ गए.

सुहागरात की रात में मनीषा नाम की दुल्हन ने अपने पति के सिर में धारदार हथियार मारकर लहूलुहान कर दिया. चोट लगने की वजह से पति चंद शेखर बेहोश हो गया. पति के बेहोश होने पर दुल्हन 15 हज़ार रुपये नकद और कीमती जेवरात लेकर घर से फरार हो गई. घायल अवस्था में पहुंचे दूल्हे ने थाने में लुटेरी दुल्हन के खिलाफ तहरीर दी है. पुलिस पूरे मामले में तफ्तीश में जुट गई है.

कृषि कानूनों पर सरकार की 'खामोशी' को लेकर राकेश टिकैत ने उठाए सवाल, लालकिला हिंसा के लिए केंद्र पर मढ़ा दोष

बीकेयू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कृषि कानूनों को वापस नहीं लिए जाने पर 40 लाख ट्रैक्टरों की रैली निकालने की चेतावनी दी है (फाइल फोटो)

Farm Laws: तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ हजारों किसान कई दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

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बिजनौर (उत्तर प्रदेश). भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार की ‘खामोशी’ इशारा कर रही है कि सरकार किसानों के आंदोलन के खिलाफ कुछ रूपरेखा तैयार कर रही है. सरकार और किसान यूनियनों के बीच बातचीत का दौर थम जाने पर उन्होंने कहा कि फिर से बात करने का प्रस्ताव सरकार को ही लाना होगा.

भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने उत्तराखंड के उधमसिंहनगर जाते समय रविवार रात बिजनौर के अफजलगढ़ में पत्रकारों से कहा, ‘15-20 दिनों से केंद्र सरकार की खामोशी से संकेत मिल रहा है कि कुछ होने वाला है. सरकार आंदोलन के खिलाफ कुछ कदम उठाने की रूपरेखा बना रही है.’ टिकैत ने कहा, ‘समाधान निकलने तक किसान वापस नहीं जाएंगे. किसान भी तैयार है, वह खेती भी देखेगा और आंदोलन भी करेगा. सरकार को जब समय हो वार्ता कर ले.’

टिकैत ने कहा कि 24 मार्च तक देश में कई जगह महापंचायत की जाएगी. गणतंत्र दिवस पर किसानों के प्रदर्शन के दौरान लालकिला परिसर में हुए बवाल के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने आरोप लगाया कि ये सारा बखेड़ा सरकार ने खड़ा किया. तीन कृषि कानूनों को लेकर किसानों द्वारा जगह-जगह अपनी खड़ी फसल नष्ट कर देने संबंधी सवाल पर टिकैत ने कहा, ‘भाकियू तो किसानों को बता रही है कि अभी ऐसा समय नहीं आया है, लेकिन सरकार किसान को ऐसा कदम उठाने से रोकने के लिए कोई अपील क्यों नहीं कर रही है.’

टिकैत ने उत्तर प्रदेश में जिला स्तर पर किसान आंदोलन को बढ़ाने के संकेत देते हुए कहा कि अब गेंहू की तैयार फसल आने वाली है, अगर किसान का गेंहू एमएसपी पर नहीं खरीदा जाता है तो सरकार जिम्मेदार होगी और इसके लिए किसान जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना देंगे.

गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ पंजाब, हरियाणा और देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों किसान कई दिनों से अधिक समय से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर
रहे हैं.

क्या है मामला
कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर सरकार ने सितंबर में तीनों कृषि कानूनों को लागू किया था. सरकार ने कहा था कि इन कानूनों के बाद बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को देश में कहीं पर भी अपने उत्पाद को बेचने की अनुमति होगी. वहीं, किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी.

Farmer Protest: आवेश में आकर नहीं उठाएं ऐसा कदम, नुकसान ही होगा! आखि‍र राकेश टिकैत ने किसानों से क्यूं कही ऐसी बात?

राकेश टिकैत ने फिर भरी हुंकार

Farmer Protest: राकेश टिकैत के फसल कुर्बान करने के आह्वान पर बिजनौर में एक किसान ने अपनी पूरी की पूरी फसल जला दी थी. इस पर राकेश टिकैत ने कहा है कि यह तरीका ठीक नहीं है. ऐसा करना ठीक नहीं है. इससे नुकसान होता है. हमने अभी केवल यह आव्हान किया है कि किसान आंदोलन के लिए अपनी एक फसल कुर्बान करने को तैयार रहें. इसका मतलब यह नहीं है कि फसल में आग लगा दें, नहीं.

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नई दिल्ली. तीनों कृषि कानूनों (Farm Laws) को वापस लेने की मांग पर अड़े संयुक्त किसान मोर्चा का किसान आंदोलन गाजीपुर बॉर्डर पर लगातार चल रहा है. यूपी गेट गाजीपुर बॉर्डर पर 28 नवंबर से लगातार चल रहे किसान आंदोलन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) कर रहे हैं.
टिकैत के फसल कुर्बान करने के आह्वान पर बिजनौर में एक किसान ने अपनी पूरी की पूरी फसल जला दी थी. इस पर राकेश टिकैत ने कहा है कि यह तरीका ठीक नहीं है.
टिकैत ने कहा कि ऐसा करना ठीक नहीं है. इससे नुकसान होता है. हमने अभी केवल यह आव्हान किया है कि किसान आंदोलन के लिए अपनी एक फसल कुर्बान करने को तैयार रहें. इसका मतलब यह नहीं है कि फसल में आग लगा दें, नहीं.
आंदोलन के लिए जरूरत पड़ी तो किसान फसल का मोह छोड़ने को तैयार रहें. हालांकि अभी आंदोलन उस स्थिति में नहीं है. यह आव्हान बहुत ही विपरीत स्थिति के लिए किया गया था. उन्होंने किसानों से अपील की है कि आवेश में आकर अभी ऐसा कोई कदम न उठाएं.

आंदोलनकारी किसानों ने मंच से हुंकार भरी कि जब तक भारत सरकार नए कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती, किसान दिल्ली की सीमाओं से अपने घर जाने वाला नहीं है.

राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को लगता है कि किसान गर्मी से डरकर भाग जाएगा, ऐसा नहीं है. जो किसान सर्दी से नहीं डरा, वह गर्मी से भी नहीं डरने वाला. उन्होंने शनिवार को एक बार फिर दोहराया जब तक बिल वापसी नहीं, तब तक घर वापसी नहीं.
उन्होंने कहा कि खेतों में भी काम प्रभावित ना हो, इसके लिए हमने रणनीति तैयार कर ली है. किसान नंबर-बारी से आंदोलन स्थल पर आते रहेंगे और फिर जाते रहेंगे. इसके अलावा यह भी तय किया गया है कि जो किसान आंदोलन में रहेगा, गांव वाले उसके खेत का, उसके काम का पूरा ध्यान रखेंगे.

बिजनौर महापंचायत में प्रियंका का सरकार पर शायराना प्रहार- जो गन्ने की कीमत दे न सका वो जान की कीमत क्या जाने

प्रियंका गांधी ने बिजनौर में किसान महापंचायत को 
संबोधित किया था.  (फोटो- ANI)

Priyanka Gandhi in Bijnor: प्रियंका गांधी ने कहा कि 16 हजार करोड़ रुपए में एक-एक किसान का गन्ना बकाया भुगतान हो जाता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास घूमने के लिए पैसा है, लेकिन किसानों को देने के लिए नहीं है.

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बिजनौर. कांग्रेस (Congress) की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने सोमवार को किसानों और गन्ना बकाया भुगतान को लेकर प्रदेश की बीजेपी (BJP) और केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा. बिजनौर के चांदपुर में किसान महासभा को सम्बोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 हजार करोड़ में अपने घूमने के लिए दो-दो हवाई जहाज खरीदे. 16 हजार करोड़ रुपए में एक-एक किसान का गन्ना बकाया भुगतान हो जाता. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास घूमने के लिए पैसा है, लेकिन किसानों को देने के लिए नहीं है. प्रियंका गांधी ने कहा कि कृषि कानूनों के जरिए पूंजीपति जमाखोरी करेंगे और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य भी नहीं मिलेगा.

किसान महासभा को संबोधित करते हुए प्रियंका आने कहा, ” मैं यहां भाषण देने नहीं आई हूं. मैं आपसे बात करने के लिए आई हूं. कभी-कभी सोचती हूं कि नरेंद्र मोदी जी को दो-दो बार जनता ने क्यों जिताया? शायद भरोसा रहा होगा कि ऐसी-ऐसी नीतियां लाएंगे जिससे खुशहाली बढ़ेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ. क्या गन्ने का दाम बढ़ाया है इन्होंने? कोई दाम नहीं बढ़ा. गन्ना बकाया भुगतान भी नहीं हुआ. किसानों के लिए इनके पास पैसे ही नहीं है. जो भरोसा आपने किया था वो टूट गया है.” प्रियंका ने किसानों की सभा को संबोधित करते हुए शेर पढ़ा, ‘भगवान का सौदा करता है, इंसान की कीमत क्या जाने? जो गन्ने की कीमत दे न सका वो जान की कीमत क्या जाने?’

कृषि कानून और गन्ना भुगतान का जिक्र 
प्रियंका गांधी ने अपने संबोधन में बार-बार कृषि कानून और गन्ना किसानों का जिक्र किया. किसान आंदोलन पर उन्होंने पूछा क्या किसी की भलाई जबरदस्ती करते हैं? क्या आपकी समझ करोड़ों किसानों से ज़्यादा है? कृषि कानून को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कृषि कानून से जमाखोरी बढ़ेगी। न्यूनतम समर्थन मूल्य मिलना बंद हो जाएगा. आप अदालत भी नहीं जा पाएंगे. ऐसा कानून बनाया है कि कोई कानून ही नहीं लागू होगा. ये देश अंधा नहीं है. हर देशवासी देख रहा है. प्रधानमंत्री ने अपने पूंजीपति मित्रों को देश सौंप दिया है. आप सोच सकते हैं ऐसी सरकार आपके लिए क्या करेगी. प्रधानमंत्री अमेरिका जा सकते हैं, चीन जा सकते हैं, लेकिन अपने घर से 2 किलोमीटर दूर नहीं जा सकते.”

UP News Live Updates: प्रियंका गांधी का बिजनौर दौरा, किसान महासम्मलेन को करेंगी संबोधित

प्रियंका गांधी ने बिजनौर में किसान महापंचायत को 
संबोधित किया था.  (फोटो- ANI)

Uttar Pradesh News Live, 15 February: प्रियंका गांधी किसानों से जुड़े मुद्दों के सहारे प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने में जुटीं हैं. यही वजह है कि वे सहारनपुर में किसान महापंचायत को संबोधित करने के बाद आज बिजनौर पहुंच रही हैं.

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बिजनौर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में कांग्रेस (Congress) को मजबूत करने में जुटीं राष्ट्रिय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) सोमवार को बिजनौर (Bijnor) के दौरे पर रहेंगी. प्रियंका गांधी चांदपुर के रामलीला मैदान में होने वाले विशाल किसान सम्मेलन को संबोधित करेंगी. प्रियंका दोपहर एक बजे दिल्ली से बिजनौर पहुंचेंगी. प्रियंका गांधी के दौरे  को देखते हुए यूपी कांग्रेस के नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू  और अफजल कुरेशी ने तैयारी का जायजा लिया. गौरतलब है कि प्रियंका गांधी किसानों से जुड़े मुद्दों के सहारे प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने में जुटीं हैं. यही वजह है कि वे सहारनपुर में किसान महापंचायत को संबोधित करने के बाद आज बिजनौर पहुंच रही हैं. 13 फ़रवरी को प्रियंका गांधी का मेरठ दौरा था जिसे रद्द कर दिया गया.

प्रियंका गांधी कल बिजनौर में होने वाली किसान महापंचायत में होंगी शामि‍ल, मेरठ दौरा रद्द

प्रियंका गांधी ने बिजनौर में किसान महापंचायत को 
संबोधित किया था.  (फोटो- ANI)

मेरठ (Meerut) में जिला अध्यक्ष कांग्रेस अवनीश काजला के मुताबिक कल प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) का मेरठ दौरा रद्द रहेगा.

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बिजनौर. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले साल 2022 (UP Assembly Election 2022) में होने हैं, लिहाजा सभी पार्टियां अपनी पूरी ताकत झोंकने में लगी हैं. इसी क्रम में कांग्रेस (Congress) महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) 15 फरवरी को बिजनौर के चांदपुर की रामलीला ग्राउंड में किसानों की महापंचायत में शामि‍ल होंगी. और किसानों को संबोधित करेंगी. जबकि मेरठ में होने वाले किसान पंचायत का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है.

मेरठ में जिला अध्यक्ष कांग्रेस अवनीश काजला के मुताबिक कल प्रियंका गांधी का मेरठ दौरा रद्द रहेगा. उन्होंने बताया कि कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी 15 फरवरी को बिजनौर के चांदपुर में किसान पंचायत करेंगी. उधर, कांग्रेस पार्टी के तमाम कार्यकर्ता अपनी देख रेख में मैदान में साफ सफाई व मंच को तैयार करने की कवायद में जुट गए है. बीते दिनों प्रि‍यंका गांधी सहारनपुर में आयोजित किसान महापंचायत में शामिल हुईं थीं. यहां उसे उन्‍होंने कृषि कानूनों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर हमला बोला था.

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इसके बाद मौनी अमावस्या के दिन प्रियंका गांधी वाड्रा की प्रयागराज यात्रा पर पहुंचीं थी. अपनी इस यात्रा के दौरान प्रियंका गांधी ने प्रयागराज के माघ मेले में संगम पर आस्था की डुबकी लगाई थी. साथ ही शंकराचार्य के आश्रम जाकर उनसे आशीर्वाद भी लिया था. यात्रा को निजी बताकर प्रियंका गांधी यहां तकरीबन पूरे वक्त चुप्पी साधे रहीं. हालांकि, चुप रहकर भी वह यूपी की सियासत में शोर मचाते हुए बड़ा सियासी संदेश देने में जरूर सफल रहीं.

पश्चिम यूपी में किसानों के मुद्दों को धार देगी पार्टी
दरअसल, दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन का असर पश्चिम यूपी देखने को मिल रहा है. लिहाजा कांग्रेस किसानों के सहारे पार्टी को संजीवनी देने की रणनीति पर काम कर रही है. पार्टी की कोशिश है कि किसानों के आंदोलन को धार देकर 2022 में सपा और बसपा को पछाड़ते हुए बीजेपी के मुकाबले खड़ा हुआ जा सके. सहारनपुर दौरे से ठीक पहले प्रियंका गांधी का ट्वीट भी इस ओर साफ इशारा कर रहा है. प्रियंका ने ट्वीट कर लिखा, ‘किसानों के दिल की बात सुनने, समझने, उनसे अपनी भावनाएं बांटने, उनके संघर्ष का साथ देने आज सहारनपुर में रहूंगी. भाजपा सरकार को काले कृषि कानून वापस लेने होंगे.’

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पुलिस (Police) मौके पर पहुंची और उन्हें बाइक पर बैठा लिया. इस दौरान बाइक पर बैठते समय भी उनके चेहरों पर कोई खौफ नहीं था.

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बिजनौर. बिजनौर (Bijnor) जिले के हल्दौर के कस्बा झालू में सरे बाजार एक युवक को दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया गया. बेव सीरीज ‘मिर्जापुर’ स्टाइल में सरेबाजार कत्ल करने वाले हमलावर बेखौफ थे. उन्हें न पुलिस का खौफ था और ही कानून का डार. नई उम्र के यह अपराधी कत्ल कर मौका ए वारदात से भागने के बजाय दुकान के बाहर बैठ गए और आराम से सिगरेट पीते रहे. बीच-बीच में फायरिग कर तमंचे लहराते हुए गवाही देने वालों को जान से मारने की धमकी देते रहे. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. बिजनौर के एसपी डॉ धर्मवीर सिंह के मुताबिक चारों आरोपियों पर एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों की पहचान शारिब, शहजाद और आसिफ के रूप में हुई है.

एसपी ने बताया कि हमलावर गैंग खड़ा कर अपना दबदबा स्थापित करना चाहते थे. रचित साप्ताहिक बाजार में दो दोस्तों के साथ खरीदारी करने आया था. रचित का एक दोस्त केक लेने चला गया. दूसरा उसके पास खड़ा था, तभी चारों हमलावर खुलेआम तमंचे लहराते हुए रचित के पास पहुंच गए. उसे हल्की भनक लगी तो उसने जान बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन कामयाब नहीं हो सका. वारदात के समय कोई भी बीच में नहीं आया. गोलियों की तड़तड़ाहट से बाजार में भगदड़ मच गई. दुकानदार भाग खड़े हुए.

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वहीं कातिल इस कदर बेखौफ थे कि सनसनीखेज हत्याकांड के बाद दुकान के बाहर गेट पर ही बैठ गए. हवाई फायरिग कर गवाही देने वाले की भी हत्या की धमकी दी. फिर तमंचा लहराते हुए वेब सीरीज स्टाइल में सिगरेट जलाई, धुएं का छल्ला उड़ाते हुए फिर से हवाई फायरिग की. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हत्यारोपित 30 मिनट बाद तक मौके पर रहे. पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें बाइक पर बैठा लिया. इस दौरान बाइक पर बैठते समय भी उनके चेहरों पर कोई खौफ नहीं था. स्टाइल में बालों में हाथ निकाला और एक बार फिर से स्थानीय लोगों को गवाही पर ललकारा. उधर, गिरफ्तार के बाद अब चारों लड़कों की अकड़ कम होती दिख रही है. अब सभी आरोपी पुलिस के आगे गिड़गिड़ाने लगे है.

बिजनौर महापंचायत में उमड़ी जबर्दस्त भीड़, राकेश टिकैत के बेटे गौरव के पहुंचते ही लगे 'जय किसान' के नारे

बिजनौर में हुई महापंचायत में किसान नेता राकेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत ने मोर्चा संभाला. (सांकेतिक फोटो)

बिजनौर की किसान महापंचायत में उमड़ी जबर्दस्त भीड़ देखकर विपक्षी दलों के नेता भी पहुंचे थे. उन्होंने मंच पर पहुंचने की काफी कोशिश की, लेकिन किसान नेताओं ने उनके समर्थन पर धन्यवाद तो दिया, पर मंच पर जगह नहीं दी.

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बिजनौर. पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western UP) में किसान आंदोलन (Farmers Agitation) की अलग ही धमक सुनाई दे रही है. 26 जनवरी (26 January) को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद किसान नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) की भावुक अपील के बाद यहां किसानों ने महापंचायतों का आयोजन कर उनके समर्थन का ऐलान करना शुरू कर दिया है. बड़ौत की सफल महापंचायत के बाद सोमवार को बिजनौर में भी बड़ी किसान महापंचायत बुलाई गई. इसमें राकेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत ने पहुंचकर किसानों का आभार प्रकट किया. इसके बाद वहां ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे गूंजने लगे. महापंचायत में जयंत चौधरी भी पहुंचे हैं.

प्रशासन की नींद उड़ी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एक के बाद एक किसान महापंचायतों का आयोजन हो रहा है. यहां भारी संख्या में किसान पहुंच रहे हैं. लगातार किसानों की भीड़ आने से प्रशासन की नींद उड़ी हुई है.

राकेश टिकैत के बेटे के पहुंचते ही लगे जोरदार नारे
सोमवार को बिजनौर के आईटीआई के मैदान में आयोजित इस महापंचायत में भाग लेने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत के बेटे गौरव टिकैत भी पहुंचे. गौरव टिकैत के महापंचायत में पहुंचते ही ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे गूंजने लगे. गौरव ने हाथ उठाकर सभी किसानों का अभिवादन स्वीकार किया. आंदोलन को और तेज करने के लिए सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टरों और निजी वाहनों से बिजनौर के आईटीआई मैदान में पहुंचे हैं.

महिलाओं ने भी लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
महापंचायत में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. महापंचायत को संबोधित करते हुए गौरव टिकैत ने कहा है कि कृषि कानून के खिलाफ आंदोलन किसानों का आंदोलन है. इस आंदोलन से किसानों का सम्मान जुड़ा है. इस आंदोलन में हम सब कुछ दांव पर लगा देने को तैयार हैं, लेकिन किसान का अहित करने वाले कानूनों को सरकार जबरन किसानों पर नहीं थोप सकती है.

तीसरी महापंचायत में भी उमड़ी भीड़
दिल्ली में 26 जनवरी को हुए बवाल के बाद से लेकर अब तक किसान आंदोलन के हालात बदलते दिख रहे हैं. भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की भावुक अपील और आत्महत्या की धमकी ने किसानों पर इतना गहरा असर डाला है कि वे सब कुछ छोड़कर आंदोलन में कूदने को आतुर हो रहे हैं. इसी के चलते किसान आंदोलन को और तेज करने के लिए यूपी में महापंचायतें की जा रही हैं. पहले मुजफ्फरनगर, फिर बागपत के बड़ौत और अब तीसरी महापंचायत बिजनौर में आयोजित हो रही है. इस महापंचायत में भी भारी भीड़ पहुंची है, जिससे प्रशासन को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा. बताया गया है कि महापंचायत में राकेश टिकैत को पहुंचना था लेकिन वो नहीं पहुंच सके. उनके न आने पर उनके बेटे गौरव ने उनका प्रतिनिधित्व किया है.

राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को नहीं दिया मंच
बिजनौर की किसान महापंचायत में एक खास बात देखने को मिली है. यहां किसान नेताओं ने राजनीतिक पार्टियों के नेताओं को मंच पर स्थान नहीं दिया. किसानों की भीड़ देखकर विपक्षी दलों के नेता महापंचायत में पहुंचे थे. उन्होंने मंच पर पहुंचने की काफी कोशिश की, लेकिन किसान नेताओं ने उनके समर्थन पर धन्यवाद तो दिया, लेकिन उन्हें मंच पर स्थान नहीं दिया.

बिजनौर: तेज रफ्तार रोडवेज बसों में टक्कर के बाद लगी आग, दर्जनों घायल

Bijnor News: हादसा थाना कोतवाली शहर बिजनौर के नजीबाबाद मार्ग पर हुई. जब घने कोहरे की वजह से दो रोडवेज की बसें आपस में टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक बस में भयंकर आग लग गई.

Bijnor News: हादसा थाना कोतवाली शहर बिजनौर के नजीबाबाद मार्ग पर हुई. जब घने कोहरे की वजह से दो रोडवेज की बसें आपस में टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक बस में भयंकर आग लग गई.

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बिजनौर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बिजनौर (Bijnor) जिले में रविवार तड़के दो रोडवेज बसों में जबरदस्त भिड़ंत हो गई. घने कोहरे की वजह से हुए इस हादसे में एक बस में आग लग गई, जिसकी वजह से एक दर्जन से ज्यादा यात्री झुलस गए. सभी घायलों को जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है, जहां दो की हालत नाजुक बानी हुई है.

हादसा थाना कोतवाली शहर बिजनौर के नजीबाबाद मार्ग पर हुई. जब घने कोहरे की वजह से दो रोडवेज की बसें आपस में टकरा गई. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक बस में भयंकर आग लग गई. इस हादसे में दर्जनों यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया है.  पर जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान भी मौके पर पहुंचे और राहत बचाव कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया।

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