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बिजनौर में PFI के चार सदस्य गिरफ्तार, पूछताछ में बड़ी साजिश का हुआ खुलासा

News18 Uttar Pradesh
Updated: February 3, 2020, 7:12 PM IST
बिजनौर में PFI के चार सदस्य गिरफ्तार, पूछताछ में बड़ी साजिश का हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार चारों पर पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं. (प्रतीकात्मक फोटो)

चारों अभियुक्तों से पीएफआई (PFI) की प्रचार सामग्री बरामद हुई है. आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे सांप्रदायिक दंगे के लिए उकसाने के साथ-साथ सीएए के विरोध के लिए शाहीन बाग जैसे आंदोलन फैलाने के लिए भी गुपचुप रूप से सक्रिय थे.

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बिजनौर. उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) में लोगों को संशोधित नागरिकता कानून (CAA) के खिलाफ शाहीन बाग जैसे आंदोलन के लिए उकसाने के आरोप में सोमवार को पुलिस ने पीएफआई के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया. क्षेत्राधिकारी चांदपुर, राकेश श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि एसआई सतीश कुमार और मदनपाल सिंह ने मुखबिरी के आधार पर रविवार को पुरानी बास्टा चुंगी से बिजनौर कोतवाली निवासी कारी निसार और उसके तीन साथी आरिफ, दिलशाद तथा इदरीस को गिरफ्तार किया है. चारों पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्य हैं.

श्रीवास्तव ने बताया कि चारों अभियुक्तों से पीएफआई की प्रचार सामग्री बरामद हुई है. उन्होंने बताया कि आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे सांप्रदायिक दंगे के लिए उकसाने के साथ- साथ सीएए के विरोध के लिए शाहीन बाग जैसे आंदोलन फैलाने के लिए भी गुपचुप रूप से सक्रिय थे. पुलिस के अनुसार, चारों पर पहले से ही मुकदमे दर्ज हैं.



प्रदेश में कई जगह हिंसा हुई थीबता दें कि आज ही अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी और कार्यवाहक डीजीपी हितेशचंद्र अवस्थी ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि सीएए के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में पॉपुलर फ्रंट ऑफ़ इंडिया (PFI) की कथित संलिप्तता की बात सामने आने के बाद अब तक इस संगठन से जुड़े 108 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. अवस्थी ने बताया कि दिसंबर में सीएए के विरोध में प्रदेश में कई जगह हिंसा हुई थी, जिसमें पीएफआई का नाम सामने आया था. हिंसक प्रदर्शन में पीएफआई के प्रदेश अध्यक्ष वसीम अहमद समेत पीएफआई के कोषाध्यक्ष और संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी और सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था. बीते चार दिनों में 104 लोगों की गिरफ्तारी के साथ ही यह आंकड़ा अब 108 पर पहुंच गया है. केंद्रीय एजेंसियों की मदद से उत्तर प्रदेश पुलिस पीएफआई के फंडिंग नेटवर्क की जांच में लगी है.

यूपी के कई जिलों में सक्रिय है पीएफआई
डीजीपी हितेशचंद्र अवस्थी ने बताया कि साल 2001 में SIMI पर प्रतिबंध के बाद वर्ष 2006 में पीएफआई केरल में बना. डीजीपी के मुताबिक पीएफआई का संगठन पूरे यूपी में है. शामली, मुज़फ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, लखनऊ, गोंडा, वाराणसी, बहराइच, सीतापुर, गाजियाबाद में पीएफआई सक्रिय है. डीजीपी ने बताया कि अब तक की जांच में सामने आया है कि पीएफआई राष्ट्र विरोधी अभियान चला रहा है. सीएए के खिलाफ लोगों को भड़का कर हिंसक प्रदर्शन में पीएफआई की भूमिका सामने आई है.

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First published: February 3, 2020, 6:32 PM IST
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