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अनाज मंडी हादसा: मुशर्रफ से किया वादा निभा रहे हैं मोनू अग्रवाल, लगा रहे हैं दफ्तरों के चक्कर
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Updated: February 7, 2020, 4:55 PM IST
अनाज मंडी हादसा: मुशर्रफ से किया वादा निभा रहे हैं मोनू अग्रवाल, लगा रहे हैं दफ्तरों के चक्कर
8 दिसंबर 2019 को दिल्ली के अनाज मंडी में भयानक आगजनी हुई थी. (फाइल फोटो)

8 दिसंबर 2019 को दिल्ली के अनाज मंडी में हुए हादसे के बाद बिजनौर के मुशर्रफ (Musarraf) की मौत हो गई लेकिन उनके दोस्त मोनू अग्रवाल (Monu Agarwal) आज भी अपने दोस्त को किया वादा निभा रहा है.

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  • Last Updated: February 7, 2020, 4:55 PM IST
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नई दिल्ली. 8 दिसंबर 2019 को दिल्ली की अनाज मंडी में हुए हादसे के बाद बिजनौर के मुशर्रफ (Musarraf) और मोनू अग्रवाल (Monu Agarwal) की दोस्ती देश ही नहीं पूरी दुनिया में मशहूर हुई थी. उस वक्त हादसे में जान गंवाने वालों को मुआवजा देने का भी वादा किया गया था. लेकिन आज तक यह वादा पूरा नहीं हुआ. आज भी मोनू अग्रवाल, मुशर्रफ के परिवार को राहत राशि दिलाने के लिए दिल्ली में सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. इस घटना के दौरान मुशर्रफ और मोनू अग्रवाल की आवाज देश ही नहीं पूरी दुनिया ने सुनी थी और हर शख्स के दिल में इनकी अंतिम बातचीत घर कर गई.

दस्तावेजों के लिए जारी है मशक्कत
मोनू अग्रवाल और मुशर्रफ के परिवार के लोग एनबीसीसी बिल्डिंग उत्तर प्रदेश के रेजिडेंट कमिश्नर से मिलने पहुंचे. ताकि मुशर्रफ के लिए अनाउंस की गई सहायता राशि के दस्तावेजों को जुटाया जा सके. इस दौरान मोनू अग्रवाल के साथ मुशर्रफ अली की फैमिली और गांव के प्रधान पहुंचे हुए थे. इस दौरान उनके हाथ में एक ईमेल की कॉपी दिखी.

कागजी कार्रवाई पूरी होने का है इंतजार

बिजनौर जिले के टांडा गांव के प्रधान ने बताया कि वो कागजी कार्रवाई पूरी कर रहे हैं. कागज में यूपी के चार लोगों की अनाज मंडी हादसे की जान जाने की बात लिखी है. जिनमें मुशर्रफ अली के अलावा मुरादाबाद के दो भाई मोहम्मद इकराम और इमरान के अलावा संत कबीर नगर के राहुल का नाम भी शामिल है. लेटर में लिखा है कि इन लोगों का वेरिफिकेशन प्रायोरिटी के आधार पर किया जाए.

अब तक नहीं मिला मुआवजा
मोनू अग्रवाल और मुशर्रफ की फैमिली के लोगों ने बताया कि उन्होंने आधा दर्ज बार दिल्ली का चक्कर लगाया. लेकिन अब तक उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट या मुआवजा राशि मिल सकी.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से नहीं हो सकी मुलाकात

पिछली मर्तबा 14 जनवरी को दिल्ली बीजेपी प्रदेश के अध्यक्ष जिन्होंने ₹5 लाख मदद देने के लिए कही थी. उनके घर मुशर्रफ के परिजन मिलने गए थे. लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी . परिजनों के अनुसार, 10 लाख की मदद का ऐलान करने वाली दिल्ली सरकार या फिर पांच लाख कि मदद कर ऐलान करने वाले सांसद मनोज तिवारी किसी ने अपना वादा पूरा नहीं किया है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हो रहा इंतजार
परिवार के लोगों का कहना है अब तक मुशर्रफ का पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी नहीं मिल सका है. उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट लेने के लिए फिर 12 फरवरी को आने के लिए कहा गया है. जानकारी मिल रही है कि अब तक इस घटना में मृतकों में से सिर्फ 27 लोगों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई है.

निभाएंगे दोस्त से किया वादा
मोनू अग्रवाल मीडिया से बातचीत में कहते हैं कि उन्होंने अपने दोस्त से जो वादा किया था वह आज भी उसको निभा रहे हैं और जब तक हो संभव हो सकेगा निभाएंगे.

हादसे के दौरान याद आया केवल दोस्त
गौरतलब है कि अनाज मंडी आग हादसे में जब मुशर्रफ अली पूरी तरह से आग से गिर गए थे तो उन्होंने अपने घर के बजाय अपने दोस्त मोनू अग्रवाल को फोन किया था. इस दौरान मुशर्रफ ने अपनी जिंदगी के आखिरी 7 मिनट में मोनू से उनकी फैमिली का ख्याल रखने के लिए कहा था.

दर्दनाक हादसे में गई थी कई जान
दिल्ली अनाज मंडी के दर्दनाक हादसे में 45 परिवार तबाह हो गए थे. इस दौरान 17 लोग घायल हुए थे. जबकि 43 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी. मृतकों में यूपी के सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही 4 लोग अपनी जिंदगी हार गए थे.

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First published: February 7, 2020, 3:59 PM IST
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