कांग्रेस सिंह ऐसे बने थे स्वतंत्र देव, अब इस समीकरण ने बनवाया यूपी बीजेपी का अध्यक्ष!

पहले स्वतंत्र देव सिंह का नाम कांग्रेस सिंह था. संघ ने उनका नाम स्वतंत्र देव सिंह रख दिया. यह नाम स्वतंत्र भारत अखबार से ही प्रेरित था, जिसमें कांग्रेस सिंह काम किया करते थे.

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 12:39 PM IST
कांग्रेस सिंह ऐसे बने थे स्वतंत्र देव, अब इस समीकरण ने बनवाया यूपी बीजेपी का अध्यक्ष!
स्वतंत्र देव सिंह ओबीसी की कुर्मी जाति से आते हैं
ओम प्रकाश
ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 12:39 PM IST
यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह कभी 'कांग्रेस सिंह' के नाम से जाने जाते थे. राजनीति कांग्रेस के खिलाफ करनी थी इसलिए यह नाम असहज करता था. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने उनका नाम स्वतंत्र देव सिंह रख दिया. यह नाम स्वतंत्र भारत अखबार से प्रेरित था, जिसमें कांग्रेस सिंह रिपोर्टर थे. इस तरह लोग उन्हें स्वतंत्र देव सिंह के नाम से जानने लगे.

छात्र राजनीति के बीच वह 1989-90 में 'स्वतंत्र भारत' अखबार से जुड़े. उरई में वह रिपोर्टर बनाए गए. वो बेहद गरीबी में पले-बढ़े. छात्र जीवन में ही राजनीति से जुड़े, लेकिन कभी कोई बड़ी सफलता नहीं मिली. कॉलेज में छात्र संघ चुनाव हारे. 2012 में एमएलए इलेक्शन भी बुरी तरह से हारे. बताते हैं कि उनकी जमानत जब्त हो गई थी.

मिर्जापुर से जालौन आए
वो मूल रूप से मिर्जापुर के रहने वाले हैं. लेकिन पुलिस में तैनात उनके भाई का जब तबादला हुआ तो उन्हीं के साथ 1984 में वह उरई (जालौन) आ गए. 1985 में ग्रेजुएशन में दाखिला लिया. 1986 में उरई के डीएवी डिग्री कॉलेज में छात्र संघ चुनाव लड़ा लेकिन सफल नहीं हुए, हालांकि एबीवीपी से जुड़े रहे.

 swatantra dev singh, BJP, Kurmi caste, obc community, rss, Rashtriya Swayamsevak Sangh, uttar pradesh, स्वतंत्र देव सिंह, कुर्मी, ओबीसी, Congress Singh, कांग्रेस सिंह, यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष, बीजेपी का ओबीसी कार्ड, obc card of bjp, आरएसएस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर प्रदेश,  फिलहाल यूपी के परिवहन मंत्री हैं स्वतंत्र देव सिंह (photo-twitter)

यूपी बीजेपी को पिछड़ा ही क्यों जरूरी
केशव प्रसाद मौर्य के बाद बीजेपी ने महेंद्र नाथ पांडे को यूपी में पार्टी की कमान दी थी. पार्टी ने अब फिर जातीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. सियासी जानकार कह रहे हैं कि उन्हें यह जिम्मेदारी देने के पीछे पार्टी ने सियासी गुणाभाग जरूर लगाया होगा. स्वतंत्र देव का नाम यूपी के सीएम पद की रेस में भी था.
Loading...

दरअसल, स्वतंत्र देव सिंह ओबीसी जातियों के समीकरणों के हिसाब से बिलकुल फिट बैठते हैं. वह कुर्मी समाज से आते हैं. मिर्जापुर (पूर्वांचल) से लेकर उरई-जालौन (बुंदेलखंड) तक उनका असर है. यूपी में 40 फीसदी से अधिक ओबीसी हैं. कुर्मी ओबीसी में तीसरी सबसे बड़ी जाति है. जिसके सबसे बड़ा हिस्सा अपना दल के साथ है. बीजेपी स्वतंत्र देव सिंह के बहाने इस वोटबैंक को भी अपने पक्ष में करना चाहती है.

कुर्मी वोटरों को साथ लाना चाहती है भाजपा
केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बीजेपी यूपी में फायदा ले चुकी है. असर इतना है कि जो कुशवाहा, मौर्य, शाक्य और सैनी कभी बसपा का कोर वोटर हुआ करता था वो अब बीजेपी की तरफ शिफ्ट हो गया है. बीजेपी यही कुर्मी वोटरों के साथ भी करना चाहती है.

स्वतंत्र देव सिंह मध्य प्रदेश के प्रभारी भी हैं. जहां करीब 41 फीसदी ओबीसी आबादी है. उनका कद बढ़ाकर वहां के वोटरों को भी पार्टी ने संदेश दे दिया है. गुजरात के बाद मध्य प्रदेश दूसरा राज्य है जहां पाटीदार (पटेल) समाज का बड़ा वोट बैंक है. 60 लाख के करीब पाटीदार वोट प्रदेश की 34 सीटों पर निर्णायक स्थिति में हैं. मध्य प्रदेश के मालवा इलाके में सबसे ज़्यादा 35 लाख से ज़्यादा पाटीदार वोट हैं.

 swatantra dev singh, BJP, Kurmi caste, obc community, rss, Rashtriya Swayamsevak Sangh, uttar pradesh, स्वतंत्र देव सिंह, कुर्मी, ओबीसी, Congress Singh, कांग्रेस सिंह, यूपी बीजेपी के नए अध्यक्ष, बीजेपी का ओबीसी कार्ड, obc card of bjp, आरएसएस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, उत्तर प्रदेश,  मूल रूप से मिर्जापुर के रहने वाले हैं स्वतंत्र देव सिंह


पीएम नरेंद्र मोदी के हैं करीबी
वरिष्ठ पत्रकार हिमांशु मिश्र के मुताबिक जातीय समीकरण को देखते हुए ही बीजेपी ने स्वतंत्र देव सिंह को एमपी का प्रभारी बनाया था और अब उनका कद बढ़ाकर यूपी का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है.

स्वतंत्र देव पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी हैं. उन्होंने बीजेपी में कार्यकर्ता से लेकर संगठनकर्ता तक का सफर तय किया है. लोकसभा चुनाव से लेकर यूपी विधानसभा चुनाव तक यूपी में मोदी की सभी रैलियों को सफल बनाने का जिम्मा उन्हीं के पास था और अपनी संगठन क्षमता को उन्होंने साबित भी किया.

ये भी पढ़ें: खुशखबरी! किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम में मोदी सरकार ने किया ये बड़ा बदलाव, संसद में दी जानकारी

इसलिए ओबीसी से दलित बनने को तैयार हुईं यूपी की ये 17 जातियां!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए लखनऊ से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 17, 2019, 11:45 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...