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22 गांव के पढ़े-लिखे युवकों ने बनाया 'हेलो गैंग', लड़की के आवाज़ में ऐसे करते हैं ठगी

News18Hindi
Updated: October 25, 2019, 1:03 PM IST
22 गांव के पढ़े-लिखे युवकों ने बनाया 'हेलो गैंग', लड़की के आवाज़ में ऐसे करते हैं ठगी
यूपी पुलिस ने आगरा में एक ऐसे गैंग का खुलासा किया है जो नौकरी के नाम पर महाराष्ट्र और गुजरात में लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे.

पुलिस के मुताबिक गैंग के पास से 28 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. इसमें से आठ मोबाइल फोन एक खास कंपनी के हैं. इस मोबाइल में एक एप भी है. इस एप की मदद से गिरोह के लोग लड़की की आवाज में बात कर शिकार को फंसाते थे.

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  • Last Updated: October 25, 2019, 1:03 PM IST
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आगरा. यूपी पुलिस (UP Police) ने आगरा (Agra) में एक ऐसे गैंग (Gang) का खुलासा किया है जो नौकरी (Job) के नाम पर महाराष्ट्र (Maharashtra) और गुजरात (Gujarat) में लोगों को ठगी (Fraud) का शिकार बना रहा था. हेलो गैंग (Hello Gang) के नाम से इन्होंने ये गिरोह ऑपरेट करता था. इस कुख्यात गैंग से 22 गांवों के दर्जनों युवक जुड़े हुए थे. इसमें शामिल कोई सिविल सर्विस एग्जाम (Civil Service Exam) की तैयारी कर रहा था तो कोई बीटेक (B.Tech) कर चुका है. इतना ही नहीं एक आरोपी की रेलवे पुलिस फोर्स (RPF) में नौकरी लग चुकी है और कुछ दिन बाद उसे जॉइन करना था. गिरोह के सदस्यों में 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट तक शामिल हैं. पुलिस के अनुसार हैलो गैंग अब तक सैकड़ों लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है.

चंबल के बीहड़ में बैठकर चलाते हैं गिरोह

आगरा पुलिस ने हेलो गैंग का खुलासा किया है. इस खुलासे में साइबर सेल टीम भी लगी हुई थी. इससे पहले भी आईजी रेंज आगरा की साइबर सेल ने चंबल के बीहड़ में दो गैंग का खुलासा किया था. जबकि दो अन्य गैंग अभी भी पुलिस के रडार पर हैं. हेलो गैंग के करीब एक दर्जन आरोपी पकड़े जा चुके हैं. बीहड़ और जंगल का इलाका होने के चलते गैंग चंबल के किनारे बैठकर इस काले काम को अंजाम दे रहे थे.

इस खास कंपनी के मोबाइल का करते थे इस्तेमाल

पुलिस के मुताबिक गैंग के पास से 28 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं. इसमें से आठ मोबाइल फोन एक खास कंपनी के हैं. इस मोबाइल में एक एप भी है. इस एप की मदद से गिरोह के लोग लड़की की आवाज में बात कर शिकार को फंसाते थे. जब शिकार उनके जाल में फंस जाता था तो अलग-अलग प्रक्रिया के नाम पर उससे रुपये जमा कराए जाते थे. इसके लिए गिरोह ने 14 रुपये महीने पर चार बैंक अकाउंट भी किराए पर ले रखे थे.

महाराष्ट्र-गुजरात में ऐसे बनाते थे शिकार

एसएसपी आगरा बबलू कुमार का कहना है कि आरोपी सोशल मीडिया पर महाराष्ट्र और गुजरात के लिए नौकरी के विज्ञापन देते थे. वो उसी राज्य के सिम लेकर उनसे बात करते थे. इसके बाद रजिस्ट्रेशन, सिक्योरिटी मनी और दूसरे नाम से रुपये जमा कराते थे. पहले लड़की की आवाज में बात करते और जब शिकार उनके झांसे में आ जाता तो एक युवक सीनियर अधिकारी बनकर उससे बात करता था.
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First published: October 25, 2019, 12:35 PM IST
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