मथुरा के यह ब्राह्रमण बोले- हमें खुशी है कि कोरोना के चलते कई जगह रावण का पुतला नहीं जलेगा

मथुरा में आज यमुना किनारे लंकेश भक्त मंडल ने रावण महाराज की पूजा की.
मथुरा में आज यमुना किनारे लंकेश भक्त मंडल ने रावण महाराज की पूजा की.

रावण (Ravan) का पुतला जलाए जाने पर हमने एफआईआर (FIR) दर्ज कराने का निर्णय लिया था. लेकिन पुलिस-प्रशासन के दखल के बाद हमने एफआईआर दर्ज कराने का फैसला वापस ले लिया है. लेकिन विरोध जारी रहेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 25, 2020, 4:36 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. हमारे किसी भी धार्मिक ग्रंथ में पुतला दहन का कोई प्रसंग या कथा नहीं है. और ना ही हमारे संविधान (Constitution) में एक बार किसी व्यक्ति की मौत के बाद बार-बार उसका पुतला दहन की कोई अनुमति है. लेकिन कुछ लोग हर साल पुतला दहन की परंपरा चला रहे हैं. यह एक कुप्रथा है. लेकिन हमे इस बात की भी खुशी है कि इस साल कोरोना (Corona) के चलते देश के कई हिस्सों में रावण (Ravan) का पुतला नहीं जलाया जा रहा है.

यह कहना है लंकेश भक्त मंडल  (lankesh bhakt mandal) से जुड़े मथुरा के कुछ ब्राह्रमणों का. मंडल के अध्यक्ष ओमवीर सारस्वत का कहना है कि हमें रावण की अच्छाइयों से सीख लेनी चाहिए. उनकी तपस्या और शक्ति से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए.

मथुरा में यमुना किनारे हुई रावण महाराज की पूजा



लंकेश भक्त मंडल के अध्यक्ष ओमवीर सारस्वत ने बताया कि हर साल की तरह से इस बार भी भगवान श्रीकृष्ण की जन्म स्थली मथुरा में यमुना किनारे शिव मंदिर पर महाराज दशानन की आरती की गई. लंकेश भक्तों के द्वारा दशानन पूजा कर देशभर में पुतला दहन की कुप्रथा को रोकने की मांग की गई, क्योंकि पुतला दहन की परंपरा को शास्त्र और संविधान अनुमति नहीं देता.
Brahmins, Mathura, Corona, Ravan, ravan temple, yamuna river, FIR, dussehra, ब्राह्मण, मथुरा, कोरोना, रावण, रावण मंदिर, यमुना नदी, एफआईआर, दशहरा
बीते साल भी इसी तरह से यमुना किनारे रावण महाराज की पूजा की गई थी.


यह भी पढ़ें-सरकारी गोदामों में सड़ गया 32,000 टन प्याज! बफर स्‍टॉक में बचा सिर्फ 25 हजार टन

पूजा अर्चना के दौरान शिव एवं शक्ति की उपासना करनी वाले कुलदीप अवस्थी ने दशानन का स्वरूप धारण किया और उनके द्वारा पहले भगवान शिव की आराधना और पूजा अर्चना की गई. लंकेश भक्तों के द्वारा जय लंकेश-जय शंकर के नारों की जय घोष की गई. लंकेश भक्तों के द्वारा महाराज दशानन की आरती उतारी गई.

ओमवीर ने कही थी एफआईआर दर्ज कराने की बात

मथुरा के रहने वाले एडवोकेट ओमवीर सारस्वत का कहना है कि हम लोग रावण महाराज के गौत्र से हैं. इसी आस्था के चलते हम उनकी पूजा करते हैं. वो एक महान ज्ञानी और तपस्वी थे. लेकिन कुछ लोग कुप्रथा के चलते हर साल रावण महाराज का पुतला दहन करते हैं. लेकिन पुतला दहन करने से क्या होता है और इसके पीछे मकसद क्या है, जब ऐसे लोगों से यह पूछो तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज