मेरठ RTO ऑफिस के बाहर रोजाना सजती है 'दलालों' की मंडी, अधिकारी खामोश

आगरा हादसे के बाद केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बयान दिया है कि देश में 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं.

Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 8, 2019, 4:54 PM IST
मेरठ RTO ऑफिस के बाहर रोजाना सजती है 'दलालों' की मंडी, अधिकारी खामोश
आखिर कब खत्म होगा मेरठ आरटीओ में दलालराज और गुंडागर्दी का ये खुला खेल.
Umesh Srivastava | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 8, 2019, 4:54 PM IST
आगरा में आज दर्दनाक हादसा हुआ तो केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा में बयान दिया है कि देश में 30 प्रतिशत ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं. ऐसे में न्यूज़ 18 की टीम ने मेरठ के आरटीओ कार्यालय का रिएलिटी चेक किया और ये जानने की कोशिश की कि आखिर यहां कामकाज कैसे होता है. मेरठ के आरटीओ कार्यालय के बाहर रोजाना दलालों की मंडी सजती है और यहां टेबल-कुर्सी लगाकर बाकायदा किसी ऑफिसर की तरह दलाल बैठते हैं. इसके बाद लोगों के लाइसेंस बनवाने का दावा करते हैं. सच कहा जाए तो आरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों की गुंडई चलती है.

न्‍यूज़ 18 को देखकर रफूचक्‍कर हुए दलाल
न्यूज़ 18 की टीम जब दलालों का भंडाफोड़ कर रही थी तो कुछ अपनी टेबल और कुर्सी छोड़कर रफूचक्कर हो गए तो कुछ अराजकता पर आमादा हो गए. दलालों के बारे में बात करते हुए अधिकारी कितना नतमस्तक हैं इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बस अधिकारी 'दलाल जी' नहीं कहते हैं. वरना बाकायदा उन्हें पूरी इज्जत बख्शी जा रही है. शायद इसीलिए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को कहना पड़ा कि तीस फीसदी लाइसेंस फर्जी हैं.

गुंडागर्दी पर उतर आते हैं दलाल

आखिर कब खत्म होगा आरटीओ में दलालराज और गुंडागर्दी का ये खुला खेल? इस सवाल पर अधिकारियों का दावा है कि सबकुछ ऑनलाइन हो गया है, ऐसे में फर्जीवाड़ा संभव नहीं. सच कहा जाए तो ऑफिस के बाहर दलालों की मंडी देखकर अधिकारी आंखें बंद कर लेते हैं. हालांकि दलालों पर अंकुश लगाने के लिए आरटीओ कार्यालय के अधिकारी डीएम को चिट्ठी लिखते रहते हैं, लेकिन खुद कुछ भी कहने बचते हैं.

आगरा की घटना के बाद राज्‍यसभा में बोले गडकरी
आगरा में आज एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें कई जिंदगियां असमय काल के गाल में समा गईं. इससे कुछ ही देर बाद राज्यसभा में परिवहन मंत्री का बयान आया कि देश में तीस फीसदी ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी हैं. ऐसे में न्यूज़ 18 की टीम ने आरटीओ कार्यालयों का रिएलिटी चेक किया और इस दौरान आरटीओ कार्यालय के बाहर एक दूसरा ही कार्यालय खुला हुआ मिला. जबकि आरटीओ कार्यालय के बाहर दलालों का ये गोरखधंधा काफी समय से चल रहा है और तो और इनका जो भी पर्दाफाश करने की कोशिश करता है वह उसके साथ बदसलूकी पर उतर आते हैं. ऐसा ही कुछ न्‍यूज़ 18 के साथ हुआ.
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दलालों के आगे अधिकारी भी...
इन दलालों का जाल इतना बड़ा है कि अधिकारी इनके बारे में कुछ न बोलने में ही अपनी भलाई समझते हैं. ऑफ द रिकॉर्ड अधिकारी ये मानते हैं कि बिल्ली के गले में घंटी बांधना मुश्किल काम है. सवाल ये है कि आरटीओ कार्यालय में अराजकता का राज कब खत्म होगा. दलालों के इस जंगलराज पर सरकार पुख्ता कार्रवाई क्यों नहीं करती. क्या प्रशासन इन दलालों के आगे नतमस्तक हो गया है या फिर सब मिल-बांटकर इस काले खेल को चला रहे हैं.

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First published: July 8, 2019, 4:31 PM IST
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