बसपा ने शुरू की जनता से कनेक्शन की कवायद, ये है असली मकसद

बसपा प्रमुख मायावती चाहती हैं कि सेक्टर से लेकर बूथ तक उनके कार्यकर्ताओं का जाल तैयार हो जाए. इसके दम पर वह मिशन 2022 को पूरा करना चाहती हैं.

Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 7, 2019, 12:46 PM IST
बसपा ने शुरू की जनता से कनेक्शन की कवायद, ये है असली मकसद
बसपा को उम्‍मीद है कि वह अपने जनता कनेक्‍शन के दम पर जीत हासिल करेगी. (फाइल फोटो)
Alauddin | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 7, 2019, 12:46 PM IST
बसपा सुप्रीमो मायावती के निर्देश पर जोनल सिस्टम लागू होने के बाद आज से पार्टी ने मंडल के हिसाब से समीक्षा बैठक भी शुरू कर दी है. ज़ोनल कोऑर्डिनेटर और मंडल से जुड़े बसपा के वरिष्ठ पदाधिकारी इन बैठकों की अध्यक्षता कर रहे हैं. बैठक का खास मकसद यह है कि मायावती ने लखनऊ में कार्यकर्ताओं को जो निर्देश दिए हैं उसको जमीन पर लागू करवाना है. 1 महीने तक जमीन पर काम करने के बाद अगस्त महीने के पहले सप्ताह में मायावती लखनऊ में सभी मंडलों की एक बार फिर से समीक्षा बैठक करेंगी.

ये है मकसद
बसपा प्रमुख मायावती चाहती हैं कि सेक्टर से लेकर बूथ तक उनके कार्यकर्ताओं का जाल तैयार हो जाए. लोकसभा चुनाव के दौरान हालांकि बसपा को 10 सीटें मिली हैं, लेकिन इस परफॉर्मेंस से मायावती बहुत ज्यादा खुश नजर नहीं आती हैं. शनिवार को हुई मीटिंग के दौरान मायावती ने साफ तौर से माना है कि 10 जीती हुई सीटों की जगह पर उनकी पार्टी और ज्यादा सीटें जीतने की हकदार थी.

मिशन 2022 के लिए जमीन तैयार कर रही है बसपा

हालांकि इन तैयारियों के पीछे बसपा खुलकर यह बात नहीं मान रही है कि वह उपचुनाव की तैयारी कर रही है, लेकिन यह बात साफ है कि मायावती अपने पुराने सोशल इंजीनियरिंग के सिस्टम को खड़ा करना चाहती हैं. मायावती अभी से ही विधानसभा 2022 की तैयारियां शुरू करना चाहती हैं. उन्‍होंने अपनी सभी मीटिंग्स पर इस बात पर खास जोर दिया है कि सर्व समाज के लोगों को उनकी पार्टी में जोड़ा जाए. आमतौर से बीएसपी को दलितों के वोट बैंक के तौर पर देखा जाता है, लेकिन पिछले सियासी समीकरणों से माया को यह बात समझ में आ गई है कि सर्व समाज को जोड़कर ही सत्ता तक पहुंचा जा सकता है.

संगठन में किए बदलाव
लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों के बाद बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने पार्टी के संगठन में बड़ा बदलाव किया है. यूपी की 12 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले तीन मंडलों को मिलाकर एक जोन बनाया गया है. मंडल प्रमुख अब जोन प्रभारी के रूप में काम करेंगे, तो मंडल कोऑर्डिनेटर अब मुख्य जोन प्रभारी के रूप में काम करेंगे.
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पार्टी की 9 मंडलों की बैठक के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के नाम संदेश जारी करते हुए कहा कि मायावती ने कहा कि बूथ लेवल पर कमेटी की समीक्षा की जाए. सभी कार्यकर्ता उपचुनाव की तैयारी में जुट जाएं.

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First published: July 7, 2019, 12:36 PM IST
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