बुलंदशहर: 15 वर्षों से दो परिवारों के बीच चल रहा है 'मौत का खेल', अब तक 7 लोगों की हत्‍या

इस समय अमित के परिवार के अधिकांश लोग जेल में हैं.

इस समय अमित के परिवार के अधिकांश लोग जेल में हैं.

यूपी के बुलंदशहर (Bulandshahar) में दो परिवारों की रंजिश में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन यह सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है.

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बुलंदशहर. उत्‍तर प्रदेश के बुलंदशहर (Bulandshahar) में दो परिवारों की रंजिश में अब तक सात लोगों की जान जा चुकी है. यह पूरा मामला बुलंदशहर के थाना ककोड़ कोतवाली क्षेत्र के गांव धनोरा से जुड़ा है. बता दें कि वर्ष 2020 में धर्मपाल सिंह (Dharampal Singh) के पिता कालीचरण की गोली मारकर हत्या (Murder) कर दी गई थी. इसके बाद बाद से यूपी पुलिस ने परिवार की सुरक्षा में एक गनर तैनात कर दिया था, लेकिन रविवार को हुई अंधाधुंध फायरिंग के बाद एक बार फिर हड़कंप मच गया है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में थाना ककोड़ कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत गांव धनोरा में पुरानी रंजिश के चलते रविवार को एक परिवार के चार लोगों पर हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी. इस गोली कांड में चार लोग गंभीर रुप से घायल हो गए और इनको ग्रेटर नोएडा के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया. यही नहीं, परिवार की सुरक्षा में तैनात गनर भी गोली लगने से घायल हुआ है. इस घटना में धर्मपाल सिंह अभी अस्‍पताल में गंभीर हालत में जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं, तो उनके एक 32 साल के एक बेटे ने दम तोड़ दिया है.

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15 साल पुरानी है दुश्‍मनी
धर्मपाल सिंह के परिवार के लोग रविवार को खेत पर चारा लेने गए थे. यह सभी चारा लेकर इनोवा कार से घर आ रहे थे. इसी बीच दो अज्ञात बाइक सवार हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी. इनोवा कार में धर्मपाल सिंह, उनकी पत्‍नी और दो बेटों के साथ एक गनर सवार था. इससे मामले पर बुलंदशहर एसएसपी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि एक ही परिवार के लोगों पर हमला हुआ है. विगत कई सालों से पुरानी रंजिश चली आ रही है और आज अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर चार लोगों को घायल किया है. फिलहाल पुलिस की टीमें गठित कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है.

पुलिस के मुताबिक, साल 2005 से धर्मपाल और अमित के परिवार के बीच दुश्‍मनी चल आ रही है. दरअसल धर्मपाल की मां और उनके नौकर की हत्‍या के मामले में अमित के पिता और चाचा के साथ उनके दो सहयोगियों को सजा हुई थी, जो कि इस समय आगरा जेल में बंद हैं. इसके साथ पुलिस ने कहा कि धर्मपाल की मां और उनके नौकर की हत्‍या के दो साल बाद 2007 में अमित की मां और मामा का मर्डर हो गया, जिसका आरोप धर्मपाल के परिवार पर लगा. इन हत्‍याओं में संजीव प्रधान का भी नाम आया था. वहीं, पिछले साल ही अमित ने 15 जून की रात करीब नौ बजे उसने बुलंदशहर देहात कोतवाली क्षेत्र के यमुनापुरम इलाके में अपनी मां और मामा के हत्यारोपी संजीव प्रधान की अपने साथियों के साथ गाड़ी के अंदर ही गोलियों से भून कर हत्या कर दी थी. इस मामले में अमित जेल में है. वैसे इस दुश्‍मनी में अब तक दोनों परिवार के सात लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन यह सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है.
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