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बुलंदशहरः FIR में शामिल 28 लोगों में से 8 दक्षिणपंथी संगठन से, सभी बेरोजगार
Bulandshahr News in Hindi

News18.com
Updated: December 5, 2018, 1:58 PM IST

न्यूज़ 18 को छह महीने पुराना एक वीडियो मिला जिसमें गांव में एक रैली के दौरान योगेश को बजरंग दल के दूसरे सदस्यों के साथ बंदूक लहराते हुए देखा जा सकता है.

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  • Last Updated: December 5, 2018, 1:58 PM IST
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बुलंदशहर हिंसा में पुलिस ने 28 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. इनमें शामिल 8 लोग विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और बीजेपी युवा मोर्चा जैसे दक्षिणपंथी संगठन से जुड़े हुए हैं. एफआईआर में शामिल 18 लोग किसान और कॉलेज स्टूडेंट हैं जिनको समय-समय पर स्याना पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए देखा गया है. हालांकि अभी ये बात साफ नहीं हो पाई है कि इनका संबंध किसी दक्षिणपंथी संगठन से है.

मामले में मुख्य आरोपी योगेश राज की उम्र 28 साल है. वो नयाबान गांव का रहने वाला है. पिछले तीन सालों से वो वीएचपी और बजरंग दल जैसे संगठनों के लिए काम कर रहा है. योगेश की मां ने बताया कि चार साल पहले उसने नौकरी छोड़ दी और उसके बाद वो समाज सेवा के काम में लग गया. योगेश
जिले में किसी दुकान पर काम करता था जो कि बाद में बंद हो गई थी.

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योगेश के घर के बाहर लगे पोस्टर से मालूम चलता है कि वह दक्षिणपंथी संगठनों से किस तरह जुड़ा हुआ है. उसके घर के बाहर लगे हुए पोस्टर में लिखा हैः 'अखंड भारतः कब कब भारत बंटा.' और इसके बीच में हिंदू देवी की एक तस्वीर लगी हुई है.





न्यूज़ 18 को छह महीने पुराना एक वीडियो मिला, जिसमें गांव में एक रैली के दौरान योगेश को बजरंग दल के दूसरे सदस्यों के साथ बंदूक लहराते हुए देखा जा सकता है. नाम न बताने की शर्त पर गांव के एक आदमी ने बताया कि वह अक्सर गांव में रैलियां करता था जिसके दौरान वो बंदूकें लहराता था और हिंदू विचारधारा वाले गीत गाता था. किसी बच्चे के नामकरण जैसे छोटे-छोटे आयोजनों में भी वो बड़ी रैलियां करता था. गांव के दूसरे लोगों ने भी इस बात की पुष्टि किया.

कभी योगेश के करीबी रहे और उसी संगठन से जुड़े रहे हेमंत ने बताया कि पैसा कहां से आता है और किस तरह से नौकरी न करने के बावजूद भी योगेश आरामदायक जिंदगी जी रहा है. हेमंत ने बताया कि जब भी कोई रैली या फंक्शन किया जाता है तो इसके लिए फंड मिलता है जिसमें से एक हिस्सा कार्यक्रम आयोजित करवाने वाले का होता है. इसीलिए किसी छोटे से छोटे मौके पर भी वह बड़े-बड़े आयोजन करता था.

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गांव वालों ने बताया कि वह केवल हिंदू परिवारों से ही मिलता था और दूसरों से भी ऐसा ही करने को कहता था.

इसी साल ईद-उल-अझ़ा (बकरीद) के दो दिन पहले 19 अगस्त को योगेश ने गोकशी के संबंध में ट्वीट भी किया था.



इसी के कुछ दिन बाद 24 अगस्त को बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज ने ट्वीट करके लोगों से अपील किया कि वो राखी सिर्फ हिंदुओं से ही खरीदें.



इस मामले से जुड़े हुए दूसरे लोगों की भी कमोबेश यही कहानी है. लोगों का मानना है कि बगल के गांव के उपेंद्र राघव और शिखर अग्रवाल भी वीएचपी और बीजेपी युवा मोर्चा से जुडे हुए हैं.

न्यूज 18 से बात करते हुए राघव के परिवार वालों ने बताया, 'वह भी नौकरी नहीं करता. उसकी उम्र 27 साल है. हिंदू त्योहारों व दूसरे मौकों पर राघव भी बड़े-बड़े आयोजन करता है. इन आयोजनों के दौरान तलवारें भी होती हैं लेकिन वो किसी को नुकसान पहंचाने के लिए नहीं होतीं बल्कि ये ताकत की
पहचान हैं.'

योगेश के पड़ोसी ने बताया कि पुलिस हमारी मदद नहीं करती तो योगेश भैया करते हैं. वह गायों को काटे जाने से बचाते हैं तो इसमें क्या बुराई है. हमारे घरों की औरतों की सुरक्षा के लिए पुलिस कभी नहीं आती जबकि योगेश भैया हमेशा उनकी सुरक्षा करते हैं. बाकी के जिन आठ लोगों के नाम एफआईआर में हैं, उनके बारे में भी कुछ ऐसी ही बातें न्यूज़ 18 को पता चलीं.

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बजरंग दल के मेरठ प्रांत के संयोजक बलराज डूंगर ने बताया कि योगेश बुलंदशहर का जिला को- ऑर्डिनेटर है और वह कई सालों से संगठन से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि वह कई गोरक्षा अभियानों से भी जुड़ा रहा है. विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने बताया कि योगेश राज संगठन से जुड़ा है. हालांकि उन्होने योगेश के खिलाफ लगे आरोपों को खारिज किया.

धर्म के आधार पर भेदभाव हाल के ही तीन चार सालों में बढ़ा है. गांव के ही 76 साल के राजेश सिंह ने बताया, 'धर्म के आधार पर बंटवारा पिछले तीन-चार सालों में देखने को मिला है. इसके पहले यहां ऐसा कुछ भी नहीं था. लोग एक-दूसरे के यहां आते-जाते थे और एक-दूसरे के साथ खाते-पीते थे. शादी और त्योहारों में भी एक-दूसरे को निमंत्रण दिया जाता था.

राज्य में दक्षिणपंथी बलों में बढ़ोतरी ऐसे समय में देखी जा रही है जब कि उत्तर प्रदेश में बेरोज़गारी की दर भी बढ़ रही है. हाल ही में श्रम मंत्री ने लोकसभा में बताया कि देश में बेरोज़गारी की दर 5.8 है जबकि राज्य में बेरोज़गारी की दर 6.15 है.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने अभी तक मामले में चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. सोमवार को एक हमले में सियाना पुलिस स्टेशन के एसएचओ सुबोध कुमार और एक स्थानीय युवक सुमित कुमार की मौत हो गई थी. मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में एडीजे (कानून व्यवस्था) ने बुलंदशहर में हुई हिंसा के लिए किसी संगठन का नाम नहीं लिया. उन्होंने योगेश राज के संगठन का भी नाम नहीं लिया.

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First published: December 5, 2018, 10:07 AM IST
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