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बुलंदशहर हिंसा: योगेश की फरारी पर बजरंग दल नेता बोले-पाक नहीं गया भारत में ही था
Bulandshahr News in Hindi

News18 Uttar Pradesh
Updated: January 4, 2019, 12:39 AM IST

बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी बजरंग दल के ज़िला संयोजक योगेश राज को सीजेएम ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. एसआईटी की 12 घंटे की पूछताछ के बाद पुलिसबल की मौजूदगी में योगेश राज को ज़िला न्यायालय में पेश किया गया.

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बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी बजरंग दल के ज़िला संयोजक योगेश राज को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. आपको बता दें कि एसआईटी लगभग 12 घंटे तक योगेशराज से पूछताछ करती रही, जिसके बाद भारी पुलिसबल की मौजूदगी में योगेश राज को बुलंदशहर ज़िला न्यायालय में पेश किया गया.

फिलहाल मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) ने योगेशराज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. योगेश 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना की चिंगरावठी में हुई हिंसा का मुख्य आरोपी है. जिस वक्त योगेश को कोर्ट में लाया गया, उस वक्त पुलिस के साथ-साथ बजरंग दल के मेरठ प्रान्त के प्रदेश संयोजक बलराज डूंगर सहित बजरंग दल के कई कार्यकर्ता भी कोर्ट में मौजूद रहे, पत्रकारों से बातचीत के दौरान बजरंग दल के प्रदेश संयोजक बलराज डूंगर ने दावा किया कि योगेश हमारा कार्यकर्ता है.

वहीं बलराज ने एसआईटी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए योगेशराज को निर्दोष बताया. एक महीने तक योगेश के फरार रहने के सवाल पर बलराज ने विवादित बयान देते हुए कहा कि योगेश भारत में ही था वह पाकिस्तान नहीं गया था. बलराज ने एसआईटी की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए. हालांकि फिलहाल कोर्ट में पेशी के बाद योगेश राज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.



गौरतलब है कि बुलंदशहर में भीड़ के हमले में इंस्पेक्टर सुबोध के अलावा एक अन्य युवक की मौत हो गई थी. इससे पहले वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बुलन्दशहर प्रभाकर चौधरी ने बताया था कि इंस्पेक्टर ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी, जिसमें सुमित नाम के युवक की मौत हो गई थी. उसकी उम्र 20 साल के करीब थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार 'वीडियो फुटेज’ और कुछ लोगों की गवाही के आधार पर इंस्पेक्टर की हत्या में नट को संदिग्ध पाया गया.



गत 3 दिसंबर 2018 को हुई इस घटना के सिलसिले में बुलन्दशहर पुलिस ने अब तक 22 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है और छह से अधिक लोगों ने अदालत में आत्मसमर्पण किया है. उल्लेखनीय है कि पहले सेना के जवान जीतू फौजी पर संदेह था, लेकिन उसके खिलाफ सबूत नहीं मिले.

इससे पहले पुलिस ने प्रशांत नट पर बुलंदशहर के चिंगरावठी में हुई हिंसा के दौरान शहीद इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को गोली मारने का आरोप लगाया था. पुलिस का कहना था कि प्रशांत नट ने पिस्टल छीनने के बाद इंस्पेक्टर को गोली मारी थी. प्रशांत नट चिंगरावठी गांव का रहने वाला है. (रिपोर्ट- अली शरर)

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First published: January 3, 2019, 10:07 PM IST
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