खुलासाः अवैध तरीके से निवेशकों को 99 वर्ष के पट्टे पर सौंप दिए गए 277 फ्लैट्स

जिला पंचायत ने अब मामले की रिपोर्ट सीएम आदित्यनाथ योगी को भेजकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है. पूर्व जिला पंचायत द्वारा की गई धोखाधडी के खुलासे के बाद अब निवेशक भी परेशान हैं

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 21, 2018, 11:33 PM IST
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Updated: August 21, 2018, 11:33 PM IST
बुलन्दशहर जिले में जिला पंचायत द्वारा अवैध तरीके से 277 फ्लैटों के आवंटन करने का मामला उजागर हुआ है. यह खुलासा किया वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष व मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने किया है. दरअसल, काला आम चौराहे के पास स्थित जिला पंचायत द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से एक मॉल का निर्माण करवाया गया था, जिसमें 277 दुकानें व फ्लैट बनवाए गए थे.

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एक प्रेस कांफ्रेस में जिला पंचायत अध्यक्ष ने बताया कि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरेन्द्र यादव व पूर्व अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सांठगांठ करके अपने चहेतों को 99 साल के पट्टे पर फ्लैट व दुकान आवंटित करके करोडों का घोटाला किया है. बताया जाता है आरोपी पूर्व अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी वर्तमान में आगरा में तैनात हैं.

उन्होंने दावा किया कि पूर्व सरकार के समय में सपा समर्थित जिला पंचायत अध्यक्ष ने पूर्व अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ मिलकर 277 फ्लैट्स और दुकानों के आवंटन में धांधली करते हुए निवेशकों को नियम के विरूद्ध 99 साल के लिए पट्टा कर दिया जबकि जिला पंचायत को 10 साल से अधिक समयावधि का पट्टा आवंटन करने का अधिकार ही नहीं है.

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जिला पंचायत ने अब मामले की रिपोर्ट सीएम आदित्यनाथ योगी को भेजकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है. पूर्व जिला पंचायत द्वारा की गई धोखाधडी के खुलासे के बाद अब निवेशक भी परेशान हैं. निवेशकों को अब यह चिंता सताने लगी है कि उनकी गाढ़ी मेहनत की कमाई से खरीदे गए फ्लैट्स और दुकानों का 10 साल बाद कौन मालिक होगा.

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जिला पंचायत अध्यक्ष व अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी की मानें तो पूरे फ्लैट आवंटन में कुल 50 करोड का घोटाला हुआ है, लेकिन उनका कहना है कि निवेशकों के हितों को देखते हुए 10 साल बाद खत्म हो रहे आवंटित फ्लैट्स व दुकानों के पट्टों के पूर्ण स्वामित्वाधिकार के लिए वो सरकार को पत्र भेजेंगें.

(रिपोर्ट- सैय्यद अली शरार, बुलंन्दशहर)
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