इस टीचर ने लड़कियों के टॉयलेट्स के लिए दान कर दी अपनी सैलरी

जनवरी 2019 में केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया था कि देश में 20,977 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्राओं के लिए अलग से टॉयलेट नहीं हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 23, 2019, 8:12 PM IST
इस टीचर ने लड़कियों के टॉयलेट्स के लिए दान कर दी अपनी सैलरी
टीचर सुनील कुमार दीक्षित ने अपनी सैलरी से करीब 80 हजार रुपए इस नेक मुहिम में दान देने का फैसला लिया.
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Updated: August 23, 2019, 8:12 PM IST
केंद्र सरकार ने कई सालों से देश भर में स्वच्छ भारत मिशन (Swachh Bharat mission) और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (Beti Bachao, Beti Padhao) अभियान चला रखा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) भी लगातार स्वच्छता पर जोर देते रहे हैं. बावजूद इसके कई स्कूलों में शौचालयों की स्थिति अच्छी नहीं है. वहीं, बुलंदशहर (Bulandshahr) के खानपुर क्षेत्र के लढ़ाना गांव के सरकारी स्कूल के टीचर सुनील कुमार दीक्षित (Sunil Kumar Dixit) ने अपनी सैलरी से 400 छात्राओं के लिए 5 टॉयलेट्स बनवाकर एक अनोखी मिसाल पेश की है.

देश में 20,977 सरकारी स्कूलों में छात्राओं के लिए अलग टॉयलेट नहीं
जनवरी 2019 में केंद्र सरकार ने लोकसभा में बताया था कि देश में 20,977 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां छात्राओं के लिए अलग से टॉयलेट नहीं हैं. लेकिन देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक स्कूल ऐसा भी है, जहां छात्राओं के लिए 1 या 2 नहीं बल्कि 5 शौचालय हैं और बड़ी बात ये कि ये शौचालय सरकार ने नहीं बल्कि उसी स्कूल में टीचर सुनील कुमार दीक्षित ने अपनी सैलरी से बनवाए हैं.  दीक्षित का मानना है कि 'स्वच्छता' पूरे समाज की जिम्मेदारी है न कि केवल सरकार की.

400 लड़कियों के लिए था सिर्फ एक शौचालय

दरअसल, इस स्कूल में करीब 800 छात्र-छात्रा पढ़ते हैं. इनमें करीब 400 लड़कियां हैं, जिनके लिए स्कूल में अलग से बस एक शौचालय था. लंच ब्रेक के दौरान इस शौचालय के आगे छात्राओं की लंबी लाइन लगती थी. लड़कियों की दिक्कतें कहीं ज्यादा थी. कुछ तो शौचालय जा ही नहीं पाती थीं तो कुछ इस समस्या के चलते स्कूल आने से भी कतराती थीं. शौचालय में गंदगी और बदबू इतनी कि छात्राओं को उल्टी तक आ जाती थी. यहीं नहीं इसके चलते कई छात्राएं बीमार भी हो जाती थी.

टीचर ने दान कर दी एक महीने की सैलरी
इस सबसे दुखी होकर टीचर सुनील कुमार दीक्षित ने अपनी सैलरी से करीब 80 हजार रुपए इस नेक मुहिम में दान देने का फैसला लिया. दीक्षित ने इस 15 अगस्त से पहले स्कूली लड़कियों को गंदगी से आजादी दिलाने का जो सपना देखा था उसे पूरा किया और स्कूल में अपने वेतन से छात्राओं के लिए 5 शौचालय बनवाए. पांचों शौचायलों में साफ-सफाई और पानी का इंतजाम किया गया है ताकि छात्राओं को किसी तरह की दिक्कतें ना हों और उनका स्कूल आना बीच में ना छूटे. उनका मानना है कि देश की बेटियां तभी बढ़ेंगी जब उन्हें बराबर के मौके और बेहतर माहौल मिल सके.
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डीएम ने टीचर की पहल को सराहा
इस बदलाव का असर दिखना भी शुरू हो चुका है. शौचालय ना होने के चलते घर बैठने वाली छात्राएं अब नियमित स्कूल आ रही हैं. हाल ही में इसका उद्धाटन जिला विद्यालय निरीक्षक आरके तिवारी ने किया है. वहीं, टीचर की पहल को सराहते हुए बुलंदशहर के डीएम रविंद्र कुमार ने ट्वीट कर लिखा, 'एक शिक्षक के जज्बे को सलाम, जिन्होंने अपने तनख्वाह से महिला शौचालय बनवाया.'

इतना ही नहीं, सुनील कुमार दीक्षित ने जनसहयोग से सभी क्लास रूम में पंखें लगाने की पहल भी की है ताकि इस सरकारी स्कूल के नौनिहालों को गर्मी से राहत मिल सके और इन प्रतिभाओं को नए पंख लग सकें. जिला प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और गांव के लोग सुनील दीक्षित के इन प्रयासों को नजीर के तौर पर सराह रहे हैं.

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First published: August 23, 2019, 6:44 PM IST
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