PM मोदी का CM योगी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को खास आदेश, 2 साल में करें ये काम

पीएम नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के जल संकट को अगले दो साल में सुलझाने के निर्देश दिए हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 17, 2019, 5:25 PM IST
PM मोदी का CM योगी और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को खास आदेश, 2 साल में करें ये काम
केंद्र सरकार यूपी को पानी की परियोजनाओं के लिए 9000 करोड़ रुपए देगी. (फाइल फोटो)
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Updated: June 17, 2019, 5:25 PM IST
इस भीषण गर्मी के मौसम में देश के अधिकांश राज्‍य पानी की समस्‍या से जूझ रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर खास नजर रखे हुए हैं. जल संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश के ग्राम प्रधानों को पत्र लिखने के बाद पीएम मोदी ने अब केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रदेश के जल संकट को अगले दो वर्षों में हल करने के निर्देश दिए हैं.

साफ है कि उत्‍तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले यानी 2021 तक सूबे की 20 करोड़ जनता की प्‍यास बुझाने के लिए पर्याप्‍त पानी होगा.

जबकि केंद्र सरकार जल संसाधनों से संबंधित परियोजनाओं के लिए यूपी को 9,000 करोड़ रुपये जारी करेगी. जबकि सूबे में बुंदेलखंड और विंध्याचल के सूखाग्रस्त होने से बड़ा संकट खड़ा हो गया है.

यूपी के साथ मिलकर काम करेगी केंद्र सरकार

उत्तर प्रदेश में वर्ष 2022 के शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं, लिहाजा इससे पहले बड़ी सिंचाई परियोजनाओं से लेकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति तक की परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर काम करेगी. इस सिलसिले में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के साथ बैठक की. दोनों ने बुंदेलखंड पर ध्यान केंद्रित करने पर सहमति जताई, जहां जल संकट के कारण अक्सर कानून-व्यवस्था संबंधित समस्याएं पैदा होती हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से लगे सोनभद्र और मिर्जापुर क्षेत्र में फैले व्यापक जल संकट से निपटने के लिए अहम प्रयास किए जाएंगे.

आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक, नदियों और नालों में निर्बाध रूप से जल प्रवाह के लिए गंगा और यमुना जैसी प्रमुख नदियों की तलहटी की सफाई का काम किया जाएगा. उत्तर प्रदेश में जल संसाधन 3 मंत्रालयों- ग्रामीण विकास, सिंचाई और जल निगम में बंटे हैं. ये तीनों मंत्रालय भ्रष्टाचार में डूबे हुए माने जाते हैं और इसी वजह से परियोजनाएं या तो लंबित रहती हैं या उनका लाभ वास्तविक लाभार्थी को नहीं मिल पाता. इन मंत्रालयों के भ्रष्ट इंजीनियरों और अधिकारियों की पहचान करने के लिए सूबे के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने विशेष अभियान चलाने की बात कही है.

यूपी में 2022 के शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. (फाइल फोटो)

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भ्रष्टाचार बना समस्‍या
यही वजह रही कि उत्तर प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के कारण सत्र 2016-17 में लगभग 700 करोड़ रुपयों का उपयोग नहीं कर पाई थी. इन विभागों में यह भ्रष्टाचार पिछली समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सरकारों के समय से व्याप्त है. जबकि अब इन मंत्रालयों में व्‍याप्‍त भ्रष्टाचार की कहानी खुलकर सामने आ गई है.

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First published: June 17, 2019, 3:56 PM IST
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