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डकैतों के आतंक के बीच चित्रकूट का ये स्कूल लिख रहा अलग इबारत

पाठा क्षेत्र का पूर्व माध्यमिक विद्यालय, सरैया प्रथम.
पाठा क्षेत्र का पूर्व माध्यमिक विद्यालय, सरैया प्रथम.

बुंदेलखंड के सबसे पिछले जिलों में शुमार चित्रकूट में एक ऐसा भी विद्यालय है, जो डकैतों के आतंक और बीहड़ो में होने के बाद भी अपनी अलग ​इबारत लिख रहा है. इस स्कूल ने उत्तर प्रदेश में सबसे स्वच्छ विद्यालय का प्रथम पुरस्कार हासिल किया है.

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बुंदेलखंड के सबसे पिछले जिलों में शुमार चित्रकूट में एक ऐसा भी विद्यालय है, जो डकैतों के आतंक और बीहड़ो में होने के बाद भी अपनी अलग ​इबारत लिख रहा है. इस स्कूल ने उत्तर प्रदेश में सबसे स्वच्छ विद्यालय का प्रथम पुरस्कार हासिल किया है.

पाठा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरैया- प्रथम के प्रधानाध्यापक उमाशंकर पांडेय का पिछले दिनों कैम्प कार्यालय में जिलाधिकारी शिवाकांत द्विवेदी द्वारा अभिनंदन किया गया.

डीएम ने कहा कि ऐसे विद्यालयों से प्रेरणा लेकर जिले के अन्य विद्यालय भी स्वच्छता, शिक्षा और अनुशासन की दिशा सराहनीय कार्य करें, इसका प्रयास किया जाएगा.प्रदेश का स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार में विद्यालय ने 100 में से 95 अंक हासिल किए.



बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार ने अगस्त 2016 में स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों से आनलाइन आवेदन मांगे थे. जिसमें जनपद, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ विद्यालय का चयन कर पुरस्कार देने की योजना थी.
जनपद से भी कई विद्यालयों ने इसके लिए आवेदन किया था, जिसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरैया-प्रथम को यह सौभाग्य मिला था कि जिले में यह पहले स्थान पर था और अब प्रदेश में भी उसने यह मुकाम हासिल किया है.

29 अगस्त को विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमाशंकर पांडेय को लखनऊ में राज्य परियोजना निदेशक डा. वेदपति मिश्रा (आईएएस) एवं अपर मुख्य सचिव राज प्रताप ¨सह (आईएएस) बेसिक शिक्षा ने प्रदेश के प्रथम स्वच्छ विद्यालय का पुरस्कार दिया गया.
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